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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Eye surgeries suspended at Regional Hospital Solan; ward locked.

Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में आंखों के ऑपरेशन बंद, वार्ड में लगा ताला

Mon, 06 Jul 2026 11:24 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Mon, 06 Jul 2026 11:24 PM IST
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लाखों रुपये से बने वार्ड में विशेषज्ञ की कमी से हो रही मरीजों की परेशानी
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मोतियाबिंद के लिए भी शिमला और चंडीगढ़ के चक्कर काटने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी के कारण स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। अस्पताल में पिछले कुछ समय से आंखों के ऑपरेशन पूरी तरह से बंद पड़े हैं। मरीजों की सुविधा के लिए लाखों रुपये की लागत से तैयार किए गए आधुनिक आई-ओटी समेत ओपीडी पर ताला लटका हुआ है, जबकि ऑपरेशन के लिए आए लाखों रुपये के महंगे उपकरण धूल फांक रहे हैं।
इस अव्यवस्था के कारण जिला और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले नेत्र रोगियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना मोतियाबिंद और आंखों की अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की लंबी कतारें लग रही हैं। हर दिन करीब 8 से 10 मरीजों को तुरंत ऑपरेशन की जरूरत होती है। डॉक्टरों और संसाधनों की कमी के चलते इन मरीजों को परवाणू या फिर आईजीएमसी शिमला, पीजीआई चंडीगढ़ जैसे बड़े अस्पतालों के लिए रेफर किया जा रहा है। वहां पहुंचने के बाद भी मरीजों को राहत नहीं मिल रही है; उन्हें ऑपरेशन के लिए कई-कई चक्कर काटने पड़ रहे हैं और हफ्तों लंबी तारीखें दी जा रही हैं। एक अदद छोटे से ऑपरेशन के लिए भी बुजुर्ग और गरीब मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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इनसेट

फेको मशीन की मांग भी अटकी
अस्पताल प्रशासन ने करीब एक साल पहले सरकार को फेको मशीन की डिमांड भेजी थी ताकि आधुनिक तकनीक से मरीजों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन यहीं किया जा सके। इसके लिए कई रिमाइंडर भी भेजे जा चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक यह मशीन उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके बिना आधुनिक ऑपरेशन की सुविधा शुरू नहीं हो पा रही है।
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कोट
नेत्र रोग विशेषज्ञ ने संभाला पदभार, जल्द शुरू होंगे ऑपरेशन
अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी चल रही थी, अस्पताल में बंद पड़े आंखों के ऑपरेशन जल्द ही दोबारा शुरू कर दिए जाएंगे। जहां तक फेको मशीन का सवाल है, हमने सरकार को डिमांड और रिमाइंडर भेजे हैं। मशीन उपलब्ध होते ही आधुनिक तकनीक से भी मोतियाबिंद के ऑपरेशन शुरू कर दिए जाएंगे।
डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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