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एसआईआर विवाद: इंडिया ब्लॉक की रैली से पहले घमासान, रिजिजू की कांग्रेस को चुनौती; पूछा- 2014 में क्यों हारे?
Sat, 31 Oct 2026 01:26 PM IST
देवेश त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Sat, 31 Oct 2026 01:26 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े पांच सवालों के जवाब मांगे हैं। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की कम सीटों और 2024 के चुनावी नतीजों का जिक्र करते हुए चुनाव आयुक्तों की भूमिका पर सवाल उठाया। साथ ही कांग्रेस के मौजूदा मुख्यमंत्रियों से इस्तीफे और माफी को लेकर भी सवाल किया।
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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर सियासी घमासान मचा हुआ है। इस बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। दरअसल, आगामी एक नवंबर यानी कल लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक की दिल्ली के रामलीला मैदान में एक रैली आयोजित होनी है।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को पांच सवालों के जरिए घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर पार्टी को इन सवालों का जवाब देने की चुनौती दी। रिजिजू ने लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हार, मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति, मतदाता सूची से नाम हटाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।
किरेन रिजिजू ने पूछे कौन से सवाल?
उन्होंने आरोप लगाया कि एक परिवार की पार्टी बाहरी ताकतों के साथ मिलकर संविधान और भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने की कोशिश कर रही है।
एक नवंबर को प्रस्तावित रैली से व्यापारी वर्ग में चिंता
एक नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की प्रस्तावित महारैली को लेकर दिल्ली के व्यापारियों में दहशत का माहौल है। दिल्ली के व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, उद्धव ठाकरे समेत सभी घटक दलों को पत्र लिखकर रैली को दीपावली के बाद कराने की मांग की है।
सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल का कहना है कि व्यापारी वर्ग रैली का विरोध नहीं कर रहा है, लेकिन 1 नवंबर, धनतेरस और दीपावली से पहले की तैयारियों के लिए पीक दिन है। अगर महारैली का आयोजन होता है तो 20 ऐतिहासिक बाजारों में रोजाना होने वाला 10-12 हजार करोड़ का कारोबार ठप हो जाएगा।
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केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को पांच सवालों के जरिए घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर पार्टी को इन सवालों का जवाब देने की चुनौती दी। रिजिजू ने लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हार, मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति, मतदाता सूची से नाम हटाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए।
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किरेन रिजिजू ने पूछे कौन से सवाल?
- रिजिजू ने पूछा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को सिर्फ 44 सीटें कैसे मिलीं, जबकि उस समय चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कांग्रेस सरकार के दौरान हुई थी।
- उन्होंने दूसरा सवाल उठाया कि जब 2024 में ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे, तब कांग्रेस को लगातार तीसरी बार चुनाव में हार का सामना कैसे करना पड़ा?
- केंद्रीय मंत्री ने पूछा कि क्या कांग्रेस के मौजूदा मुख्यमंत्रियों को 2014 से 2026 के बीच बनी सरकारों से इस्तीफा देना चाहिए और इसके लिए माफी मांगनी चाहिए?
- उन्होंने मतदाता सूची को लेकर भी सवाल किया। रिजिजू ने पूछा कि क्या अवैध प्रवासियों, मृत लोगों, दूसरी जगह जा चुके मतदाताओं और एक से अधिक बार दर्ज नामों को मतदाता सूची से हटाया जाना चाहिए या नहीं?
- रिजिजू ने अपने पांचवें सवाल में पूछा कि क्या 1952-56, 1958-61, 1965-66, 1983-84, 1987-88, 1993, 1995 और 2002-2004 के दौरान कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अवैध थे?
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उन्होंने आरोप लगाया कि एक परिवार की पार्टी बाहरी ताकतों के साथ मिलकर संविधान और भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने की कोशिश कर रही है।
एक नवंबर को प्रस्तावित रैली से व्यापारी वर्ग में चिंता
एक नवंबर को रामलीला मैदान में कांग्रेस की प्रस्तावित महारैली को लेकर दिल्ली के व्यापारियों में दहशत का माहौल है। दिल्ली के व्यापारियों और उद्यमियों के शीर्ष संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने इंडिया ब्लॉक के नेताओं अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, उद्धव ठाकरे समेत सभी घटक दलों को पत्र लिखकर रैली को दीपावली के बाद कराने की मांग की है।
सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल का कहना है कि व्यापारी वर्ग रैली का विरोध नहीं कर रहा है, लेकिन 1 नवंबर, धनतेरस और दीपावली से पहले की तैयारियों के लिए पीक दिन है। अगर महारैली का आयोजन होता है तो 20 ऐतिहासिक बाजारों में रोजाना होने वाला 10-12 हजार करोड़ का कारोबार ठप हो जाएगा।