बंगाल: पति पर हमले के दौरान बीच-बचाव करने आई आठ महीने की गर्भवती महिला को पीटा, मृत बच्चे को दिया जन्म
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में पति पर कथित हमले के दौरान बीच-बचाव करने आई आठ महीने की गर्भवती महिला के साथ भी मारपीट की गई। महिला ने अस्पताल में मृत बच्चे को जन्म दिया। पति ने राजनीतिक रंजिश का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इससे इनकार किया है। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आखिर हमले के पीछे क्या वजह थी और बाकी आरोपी कब पकड़े जाएंगे? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
विस्तार
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले में एक गर्भवती महिला के साथ मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने उसके पति पर हमला किया। इस दौरान महिला ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो हमलावरों ने उसे भी पीट दिया। महिला आठ महीने की गर्भवती थी। मारपीट के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने मृत बच्चे को जन्म दिया। इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक तनाव भी बढ़ गया है।
पुलिस के मुताबिक, यह घटना बुधवार रात दिनहाटा-दो ब्लॉक के कुचनी गांव में हुई। पीड़ित महिला की पहचान प्रिया पाल के रूप में हुई है। उसके पति देबजीत बर्मन पेशे से निजी शिक्षक हैं और ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस के समर्थक बताए गए हैं। आरोप है कि कुछ लोगों ने घर लौटते समय देबजीत पर हमला कर दिया। पति को बचाने के लिए प्रिया बीच में आई तो उसके साथ भी मारपीट की गई। घटना के बाद दोनों को दिनहाटा उपमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। देबजीत के अनुसार, शुक्रवार को अस्पताल में प्रिया ने मृत बच्चे को जन्म दिया।
क्या पति को बचाने की कोशिश में गर्भवती महिला के साथ हुई मारपीट?
देबजीत बर्मन ने आरोप लगाया कि बुधवार रात जब वह घर लौट रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया और हमला कर दिया। इसी दौरान उनकी पत्नी प्रिया पाल ने उन्हें बचाने की कोशिश की। आरोप है कि हमलावरों ने प्रिया को भी नहीं छोड़ा और उसके साथ मारपीट की। प्रिया उस समय आठ महीने की गर्भवती थी। हमले के बाद पति-पत्नी दोनों को इलाज के लिए दिनहाटा उपमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। देबजीत का कहना है कि शुक्रवार को उनकी पत्नी ने अस्पताल में मृत बच्चे को जन्म दिया। इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। हालांकि, बच्चे की मौत के कारणों को लेकर पुलिस की ओर से अलग से कोई चिकित्सकीय जानकारी नहीं दी गई है।
क्या राजनीतिक रंजिश के कारण बनाया गया परिवार को निशाना?
देबजीत बर्मन ने इस हमले के पीछे राजनीतिक रंजिश होने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि उनकी साली रानू बर्मन का तृणमूल कांग्रेस से जुड़ाव होने के कारण उनके परिवार को निशाना बनाया गया। रानू बर्मन पहले तृणमूल कांग्रेस की पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। देबजीत के मुताबिक, इसी राजनीतिक संबंध की वजह से उन पर हमला किया गया। उन्होंने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और 10 लोगों को आरोपी बनाया। हालांकि, हमले के पीछे राजनीतिक वजह होने का आरोप देबजीत की ओर से लगाया गया है। भाजपा नेताओं ने इस आरोप को खारिज किया है।
पुलिस ने अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया, बाकी आरोपियों की तलाश कहां तक पहुंची?
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, देबजीत बर्मन की शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंदन बर्मन और मनोरंजन बर्मन के रूप में हुई है। दोनों को इस मामले में संदिग्ध आरोपी बताया गया है। शिकायत में कुल 10 लोगों के नाम दिए गए हैं। ऐसे में पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है। फिलहाल दो गिरफ्तारियां हुई हैं, जबकि शिकायत में नामजद अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
भाजपा ने आरोपों पर क्या सफाई दी और विधायक ने पीड़ित परिवार से मिलकर क्या कहा?
भाजपा नेताओं ने आरोपों से इनकार किया है कि गिरफ्तार किए गए लोग पार्टी के कार्यकर्ता हैं। उनका दावा है कि यह घटना किसी दूसरी वजह से हुए विवाद का नतीजा है। दिनहाटा से भाजपा विधायक अजय राय ने घटना की निंदा की और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी आरोपियों को भी बख्शा नहीं जाएगा। राय ने कहा कि जैसा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी बार-बार कह चुके हैं, महिलाओं के खिलाफ किसी भी अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। राय ने कहा कि जब इस विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व मंत्री उदयन गुहा करते थे, तब दिनहाटा में आतंक का माहौल रहता था और राजनीतिक विरोधियों पर हमले होते थे। उन्होंने दावा किया कि अब ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। इस मामले में दोनों पक्षों के दावों के बीच पुलिस की जांच जारी है।