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Hindi News ›   India News ›   Hyderabad: Egg Donation Racket Busted, Eight Arrested; 43 Women from UP, Bengal and Other States Rescued

हैदराबाद: अंडाणु बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़, आठ गिरफ्तार; यूपी-बंगाल समेत कई राज्यों की 43 महिलाएं बचाई गईं

Sat, 31 Oct 2026 10:52 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sat, 31 Oct 2026 10:52 PM IST
सार

हैदराबाद में अंडाणु दान के नाम पर महिलाओं को दूसरे राज्यों से बुलाने वाले कथित रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार कर 43 महिलाओं को बचाया है। महिलाओं को हर प्रक्रिया के बदले 20 से 30 हजार रुपये देने का लालच दिया गया था। आखिर कौन चला रहा था यह नेटवर्क? क्या महिलाओं को धोखे या दबाव में इस प्रक्रिया के लिए तैयार किया गया था? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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Hyderabad: Egg Donation Racket Busted, Eight Arrested; 43 Women from UP, Bengal and Other States Rescued
क्या अंडाणु दान के नाम पर महिलाओं के साथ हो रहा था शोषण? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

हैदराबाद में महिलाओं को अंडाणु दान के नाम पर दूसरे राज्यों से बुलाकर उनका इस्तेमाल करने वाले कथित रैकेट का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अलग-अलग जगहों से 43 महिलाओं को बचाया गया है। पुलिस के अनुसार, इन महिलाओं को पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से हैदराबाद लाया गया था। उन्हें अंडाणु दान के बदले 20 हजार से 30 हजार रुपये देने का लालच दिया गया था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था और क्या महिलाओं के साथ दबाव, धोखाधड़ी या शोषण किया गया।

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पुलिस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, बेगमपेट और सरूरनगर पुलिस ने मल्काजगिरी पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल ऑपरेशंस टीम के साथ मिलकर चार जगहों पर छापेमारी की। ये ठिकाने दोनों पुलिस कमिश्नरेट के इलाकों में थे। शुरुआती जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क के लोग अलग-अलग राज्यों में महिलाओं की पहचान करते थे और उन्हें अंडाणु दान के लिए पैसे देने का प्रस्ताव देते थे। इसके बाद महिलाओं को हैदराबाद लाकर किराये के मकानों में ठहराया जाता था। फिर उन्हें आईवीएफ और फर्टिलिटी केंद्रों तक पहुंचाया जाता था, जहां अंडाशय को सक्रिय करने और अंडाणु निकालने की प्रक्रिया की तैयारी की जाती थी।
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महिलाओं को अंडाणु दान के बदले कितने रुपये देने का लालच दिया गया था?
पुलिस के अनुसार, बचाई गई महिलाओं ने बताया कि उन्हें अंडाणु दान के एक चक्र के बदले 20 हजार से 30 हजार रुपये देने की बात कही गई थी। कुछ महिलाओं ने यह भी बताया कि प्रस्तावित प्रक्रिया के संबंध में उन्हें हार्मोन के इंजेक्शन और दवाएं दी गई थीं। पुलिस अब यह जांच रही है कि महिलाओं को इस प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी दी गई थी या नहीं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि उन्हें अपनी मर्जी से अंडाणु दान के लिए तैयार किया गया था या किसी तरह का दबाव बनाया गया। जांच में महिलाओं की पहचान, उन्हें भर्ती करने की परिस्थितियों और उनके मेडिकल रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।
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कौन चला रहा था यह कथित रैकेट और गिरफ्तार आरोपियों में कौन-कौन शामिल हैं?
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क कई स्तरों पर काम कर रहा था। इसमें आयोजक, महिलाओं की भर्ती करने वाले लोग, एजेंट और बिचौलिए शामिल थे। ये लोग अलग-अलग राज्यों से महिलाओं को तलाशते, उन्हें हैदराबाद लाते, रहने की व्यवस्था करते और फिर फर्टिलिटी केंद्रों तक पहुंचाते थे। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले 44 वर्षीय अमित शर्मा को दोनों मामलों का मुख्य आयोजक माना जा रहा है। वह हैदराबाद में रह रहा था। वहीं, कोलकाता की रहने वाली 31 वर्षीय निक्कत परवीन पर सह-आयोजक और महिलाओं की भर्ती करने वाली होने का आरोप है। गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में एक आईवीएफ एजेंट और कुछ समन्वयक भी शामिल हैं।

पुलिस किन दस्तावेजों और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच कर रही है?
पुलिस ने छापेमारी के दौरान दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य सामान जब्त किए हैं। इनकी जांच की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि महिलाओं की पहचान और भर्ती के लिए कुछ आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया गया हो सकता है। इसलिए यह पता लगाया जा रहा है कि महिलाओं को किस तरह भर्ती किया गया और उन्हें हैदराबाद तक लाने में किन लोगों की भूमिका थी। इसके साथ ही आयोजकों और बिचौलियों के बीच हुए पैसों के लेनदेन की भी जांच हो रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि जिन फर्टिलिटी केंद्रों और एआरटी बैंकों से इन महिलाओं को जोड़ा गया, उन्होंने सहायक प्रजनन तकनीक (विनियमन) अधिनियम, 2021 के नियमों का पालन किया था या नहीं।


क्या महिलाओं को धोखे या दबाव में अंडाणु दान के लिए तैयार किया गया था?
पुलिस की जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि इस पूरे मामले में महिलाओं के साथ जबरदस्ती, धोखाधड़ी, शोषण या मानव तस्करी जैसी गतिविधियां तो नहीं हुईं। इसके लिए महिलाओं के बयान, मेडिकल हिस्ट्री और इलाज से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। बेगमपेट और सरूरनगर थानों में भारतीय न्याय संहिता और सहायक प्रजनन तकनीक (विनियमन) अधिनियम, 2021 की संबंधित धाराओं के तहत अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पूरी कार्रवाई मल्काजगिरी पुलिस आयुक्त बी सुमति की सीधी निगरानी में की गई। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि चिकित्सा प्रक्रिया, नौकरी या फर्टिलिटी सेवाओं के नाम पर महिलाओं की संदिग्ध भर्ती, आवाजाही या ठहरने की जानकारी मिलने पर सतर्क रहें। फर्टिलिटी केंद्रों में जाने वाले लोगों को भी संबंधित कानूनी नियमों की जानकारी रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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