भारतीय टीम विदेशी सरजमीं पर खराब प्रदर्शन के ठप्पे को मिटाने में अब तक विफल रही है लेकिन मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना है कि जब अधिकांश टीमें विदेशी सरजमीं पर अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रही हैं तब किसी एक विशेष टीम को निशाना बनाना उचित नहीं है।
शास्त्री का बड़ा बयान, बोले- विदेश में कोई टीम अच्छा नहीं कर रही तो भारत पर निशाना क्यों?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यह पूछने पर कि भारत के लिए ऑस्ट्रेलिया में शृंखला जीतना कितना महत्वपूर्ण है, शास्त्री ने कहा, ‘आपको अपनी गलतियां से सीखना होगा। जब आप विदेशी दौरे पर जाते हैं और जब आप आज कल विदेशी दौरा करने वाली टीमों को देखते हैं तो ऐसी काफी टीमें नहीं हैं जो विदेश में अच्छा करती हैं।’
उन्होंने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया ने 1990 के दशक और अगले दशक में कुछ समय ऐसा किया। दक्षिण अफ्रीका भी कुछ समय ऐसा करने में सफल रहा और इन दोनों के अलावा पिछले पांच से छह साल में आप बताइये किस टीम ने विदेशी सरजमीं पर अच्छा प्रदर्शन किया। तो फिर भारत का ही नाम क्यों लिया जा रहा है?'
शास्त्री ने यह मानने से इनकार कर किया है कि पिछले कुछ महीनों में जो हुआ उससे ऑस्ट्रेलिया टीम ने अपनी चमक खो दी है। उन्होंने कहा, 'मुझे ऐसा नहीं लगता। मुझे लगता है कि अगर एक बार आपके अंदर खेल संस्कृति आ जाए तो यह हमेशा रहती है। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि घरेलू मैदान पर कोई टीम कमजोर नहीं होती।
कड़ी टक्कर के बाद हारे
यह पूछने पर कि क्या उन्होंने या कप्तान कोहली ने टीम से बात की कि आखिर क्यों उन्हें दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड में हार का सामना करना पड़ा तो शास्त्री ने कहा, ‘हमने बड़े मौकों का फायदा उठाने के बारे में बात की। अगर आप टेस्ट मैचों को देखें तो नतीजा आपको असली कहानी बयां नहीं करता। कुछ बेहद करीबी टेस्ट मैच खेले गए और कुछ बड़े लम्हों को हमने बुरी तरह गंवाया जिसके कारण अंत में हमें शृंखला गंवानी पड़ी।'
हार्दिक पंड्या की कमी खलेगी
भारतीय कोच को यकीन है कि उनके तेज गेंदबाजों को ऑस्ट्रेलिया की पिचों पर गेंदबाजी करने में मजा आएगा। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि अगर ये अतीत की पिचों की तरह हैं तो उन्हें (तेज गेंदबाजों को) इन पिचों पर गेंदबाजी करने में मजा आएगा। एक इकाई के रूप में फिट रहना महत्वपूर्ण है।' शास्त्री ने संकेत दिए कि चोटिल हार्दिक पांड्या की गैरमौजूदगी से उन्होंने एक अतिरिक्त गेंदबाज को उतारने का मौका गंवा दिया। इस पूर्व आलराउंडर ने कहा, 'हमें एक खिलाड़ी की कमी खलेगी और वह हार्दिक पंड्या है जो चोटिल हैं। वह गेंदबाज और बल्लेबाज केरूप में भी हमें संतुलन देते हैं जिसके कारण हम अतिरिक्त गेंदबाज खिला सकते हैं।'