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Rampur Bushahar News: गिरि नदी प्रदूषण मामले में एचपीएमसी प्लांट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश
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जैस पंचायत के पेयजल टैंक में झाग मिलने के बाद टीम ने किया निरीक्षण, जल शक्ति विभाग ने थाने में दी शिकायत
पानी के लिए सैंपल, जांच के लिए लैब भेजे, ठियोग और शिमला में हो सकती है पानी की किल्लत
मंगलवार तक कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण करेंगे उग्र आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। गिरि नदी में कथित तौर पर दूषित पानी छोड़ने और जैस पंचायत के पेयजल टैंक में झाग मिलने के मामले में प्रशासन सख्त हो गया है। शनिवार को तहसीलदार, नगर परिषद, जल शक्ति विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। तहसीलदार वरुण गुलाटी ने जल शक्ति विभाग को पराला स्थित एचपीएमसी के सेब प्रसंस्करण प्लांट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने जांच में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी। वहीं जल शक्ति विभाग ने पानी के सैंपल लिए और जांच के लिए लैब भेजे हैं, जबकि इसकी रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक नदी से पानी लिफ्ट नहीं किया जाएगा। इसके चलते ठियोग और शिमला शहर में पानी की किल्लत हो सकती है। वहीं जल शक्ति विभाग ने पुलिस थाना ठियोग में लिखित शिकायत दे दी है।
निरीक्षण के दौरान जैस पंचायत प्रधान भूपेंद्र हेटा, कमाह पंचायत प्रधान महेंद्र वर्मा और जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र मोगटा सहित ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। जैस पंचायत प्रधान ने चेतावनी दी कि मंगलवार तक मुकदमा दर्ज कर ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे।
गौरतलब है कि गिरि खड्ड से शिमला को प्रतिदिन करीब 150 लाख लीटर, ठियोग शहर व आसपास की पंचायतों को चार लाख लीटर और सैंज उपमंडल को करीब ढाई लाख लीटर पानी की आपूर्ति होती है। विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने भी जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। एचपीएमसी प्लांट से कथित प्रदूषण का मामला करीब दो साल पहले भी उठ चुका है।
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कोट
जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता एमए शेख ने बताया कि जांच रिपोर्ट में पानी के स्वाद और गंध के मानक सही नहीं पाए गए हैं, जबकि रासायनिक और भौतिक मानक सही मिले हैं। पानी में कीटाणुओं की मौजूदगी संबंधी रिपोर्ट दो दिन बाद आने की उम्मीद है।
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पानी के लिए सैंपल, जांच के लिए लैब भेजे, ठियोग और शिमला में हो सकती है पानी की किल्लत
मंगलवार तक कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण करेंगे उग्र आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
ठियोग (रामपुर बुशहर)। गिरि नदी में कथित तौर पर दूषित पानी छोड़ने और जैस पंचायत के पेयजल टैंक में झाग मिलने के मामले में प्रशासन सख्त हो गया है। शनिवार को तहसीलदार, नगर परिषद, जल शक्ति विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। तहसीलदार वरुण गुलाटी ने जल शक्ति विभाग को पराला स्थित एचपीएमसी के सेब प्रसंस्करण प्लांट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने जांच में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी। वहीं जल शक्ति विभाग ने पानी के सैंपल लिए और जांच के लिए लैब भेजे हैं, जबकि इसकी रिपोर्ट नहीं आ जाती तब तक नदी से पानी लिफ्ट नहीं किया जाएगा। इसके चलते ठियोग और शिमला शहर में पानी की किल्लत हो सकती है। वहीं जल शक्ति विभाग ने पुलिस थाना ठियोग में लिखित शिकायत दे दी है।
निरीक्षण के दौरान जैस पंचायत प्रधान भूपेंद्र हेटा, कमाह पंचायत प्रधान महेंद्र वर्मा और जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र मोगटा सहित ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। जैस पंचायत प्रधान ने चेतावनी दी कि मंगलवार तक मुकदमा दर्ज कर ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे।
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गौरतलब है कि गिरि खड्ड से शिमला को प्रतिदिन करीब 150 लाख लीटर, ठियोग शहर व आसपास की पंचायतों को चार लाख लीटर और सैंज उपमंडल को करीब ढाई लाख लीटर पानी की आपूर्ति होती है। विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने भी जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है। एचपीएमसी प्लांट से कथित प्रदूषण का मामला करीब दो साल पहले भी उठ चुका है।
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जल शक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता एमए शेख ने बताया कि जांच रिपोर्ट में पानी के स्वाद और गंध के मानक सही नहीं पाए गए हैं, जबकि रासायनिक और भौतिक मानक सही मिले हैं। पानी में कीटाणुओं की मौजूदगी संबंधी रिपोर्ट दो दिन बाद आने की उम्मीद है।