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Fatehabad News: शिक्षा विभाग का 90 दिन में श्रेणी सी के छात्रों को बी व ए में लाने का लक्ष्य
Mon, 06 Jul 2026 10:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 06 Jul 2026 10:52 PM IST
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स्कूलो में बैठक के दौरान मौजूद अभिभावक स्त्रोत विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहाबाद। जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सोमवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में 90 दिन की कार्ययोजना तैयार की गई। बैठक में ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों को दिए गए गृहकार्य की समीक्षा करने के साथ अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने और बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार के बारे में मंथन किया गया।
शिक्षा विभाग ने विशेष रूप से सी श्रेणी के विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से बी और ए श्रेणी में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बैठक के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों द्वारा अवकाश के दौरान किए गए शैक्षणिक कार्यों का मूल्यांकन किया। इसके साथ ही अभिभावकों को निपुण हरियाणा अभिभावक एप का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
जिन अभिभावकों के मोबाइल में यह एप उपलब्ध नहीं था उन्हें इसे डाउनलोड कराने और उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई गई ताकि वे घर पर बच्चों की पढ़ाई की नियमित निगरानी कर सकें। बैठक में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, नियमित उपस्थिति, घर पर पढ़ाई का माहौल और अभिभावकों की जिम्मेदारी जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। विद्यालयों के मुख्य अध्यापकों और विद्यालय प्रबंधन समितियों ने आगामी 90 दिनों के लिए ऐसी कार्ययोजना तैयार की, जिससे बच्चों के अधिगम स्तर में निरंतर सुधार लाया जा सके।
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शिक्षा विभाग ने विशेष रूप से सी श्रेणी के विद्यालयों में योजनाबद्ध शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने, नियमित निगरानी, अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी और सीखने के परिणामों में सुधार के माध्यम से उन्हें बी और ए श्रेणी में शामिल करने की रणनीति बनाई है। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय को समयबद्ध लक्ष्य दिए गए हैं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया है।
- दिलबाग सिंह, जिला संयोजक, एफएलएन
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खंड शिक्षा अधिकारियों, विद्यालय प्रमुखों, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों से जिले के विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा। विभाग का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान के निर्धारित स्तर तक पहुंचाना है ताकि प्रारंभिक शिक्षा मजबूत हो और आगे की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों की नींव सुदृढ़ बन सके।
- अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी
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फतेहाबाद। जिले के राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में सोमवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में 90 दिन की कार्ययोजना तैयार की गई। बैठक में ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों को दिए गए गृहकार्य की समीक्षा करने के साथ अभिभावकों की सहभागिता बढ़ाने और बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार के बारे में मंथन किया गया।
शिक्षा विभाग ने विशेष रूप से सी श्रेणी के विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से बी और ए श्रेणी में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बैठक के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों द्वारा अवकाश के दौरान किए गए शैक्षणिक कार्यों का मूल्यांकन किया। इसके साथ ही अभिभावकों को निपुण हरियाणा अभिभावक एप का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
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जिन अभिभावकों के मोबाइल में यह एप उपलब्ध नहीं था उन्हें इसे डाउनलोड कराने और उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई गई ताकि वे घर पर बच्चों की पढ़ाई की नियमित निगरानी कर सकें। बैठक में विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, नियमित उपस्थिति, घर पर पढ़ाई का माहौल और अभिभावकों की जिम्मेदारी जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। विद्यालयों के मुख्य अध्यापकों और विद्यालय प्रबंधन समितियों ने आगामी 90 दिनों के लिए ऐसी कार्ययोजना तैयार की, जिससे बच्चों के अधिगम स्तर में निरंतर सुधार लाया जा सके।
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शिक्षा विभाग ने विशेष रूप से सी श्रेणी के विद्यालयों में योजनाबद्ध शैक्षणिक गतिविधियां संचालित करने, नियमित निगरानी, अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी और सीखने के परिणामों में सुधार के माध्यम से उन्हें बी और ए श्रेणी में शामिल करने की रणनीति बनाई है। इसके लिए प्रत्येक विद्यालय को समयबद्ध लक्ष्य दिए गए हैं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया है।
- दिलबाग सिंह, जिला संयोजक, एफएलएन
खंड शिक्षा अधिकारियों, विद्यालय प्रमुखों, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन समितियों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों से जिले के विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा। विभाग का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान के निर्धारित स्तर तक पहुंचाना है ताकि प्रारंभिक शिक्षा मजबूत हो और आगे की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों की नींव सुदृढ़ बन सके।
- अनीता बाई, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी