{"_id":"6ae78628cb9b081d6f079dcf","slug":"in-a-month-the-ghaghra-river-submerged-800-hectares-of-land-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1010-188859-2026-11-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: एक महीने में घाघरा नदी की लहरों में समाई 800 हेक्टेयर जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: एक महीने में घाघरा नदी की लहरों में समाई 800 हेक्टेयर जमीन
Mon, 02 Nov 2026 12:04 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 02 Nov 2026 12:04 AM IST
विज्ञापन
तेलियनपुरवा गांव में इलियास का घर निगलती घाघरा नदी। संवाद
धौरहरा। घाघरा नदी की कटान से तहसील क्षेत्र के छह गांवों में तबाही मची है। एक महीने में करीब 800 हेक्टेयर जमीन फसलों समेत नदी में समा चुकी है।
वहीं, ईसानगर क्षेत्र के तेलियनपुरवा गांव में आठ मकान कटान की भेंट चढ़ गए हैं। इससे प्रभावित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और रहने का संकट खड़ा हो गया है।
ओझापुरवा, कैरातीपुरवा, चंदौली, चकदहा, परसा और जंगल सुजानपुर गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि गन्ना, धान और मक्का समेत उनकी तैयार फसलें जमीन के साथ नदी में समा गईं। परसा निवासी निधि, सुशील कुमार, सम्मन यादव, समदर्शिका और चंदौली निवासी प्यारे लाल, नंदू, छम्मू, देवता दीन, जतिन, अनीस, सौकत, कौशल्या, सहरयार और इतवारी समेत ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन ने अब तक बचाव और आर्थिक सहायता के लिए ठोस कदम नहीं उठाए हैं। तेलियनपुरवा में कटान जारी रहने से लोग दहशत में हैं।
सपा सांसद धौरहरा आनंद भदौरिया ने बताया कि कटान पीड़ित किसानों को आर्थिक मदद दिलाने के लिए उन्होंने डीएम से मिलकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया है। उन्होंने जमीन और घर गंवाने वाले परिवारों को तत्काल सहायता देने की मांग की है।
विज्ञापन
-- -- -- -
राजस्व टीम कटान प्रभावित गांवों का सर्वे कर रही है। जिन किसानों की जमीन और घर कटे हैं, उन्हें जांच के बाद सरकारी आर्थिक सहायता दी जाएगी।
-राशि कृष्णा, एसडीएम धौरहरा
-- -- -- -- --
चकदहा में परियोजना बनी है और बचाव कार्य चल रहा है। उसी के मजरा गांव तेलियनपुरवा में कटान की सूचना है। वहां भी बचाव कार्य चल रहा है।
-अजय कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड शारदानगर
विज्ञापन
वहीं, ईसानगर क्षेत्र के तेलियनपुरवा गांव में आठ मकान कटान की भेंट चढ़ गए हैं। इससे प्रभावित परिवारों के सामने रोजी-रोटी और रहने का संकट खड़ा हो गया है।
ओझापुरवा, कैरातीपुरवा, चंदौली, चकदहा, परसा और जंगल सुजानपुर गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि गन्ना, धान और मक्का समेत उनकी तैयार फसलें जमीन के साथ नदी में समा गईं। परसा निवासी निधि, सुशील कुमार, सम्मन यादव, समदर्शिका और चंदौली निवासी प्यारे लाल, नंदू, छम्मू, देवता दीन, जतिन, अनीस, सौकत, कौशल्या, सहरयार और इतवारी समेत ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन ने अब तक बचाव और आर्थिक सहायता के लिए ठोस कदम नहीं उठाए हैं। तेलियनपुरवा में कटान जारी रहने से लोग दहशत में हैं।
विज्ञापन
सपा सांसद धौरहरा आनंद भदौरिया ने बताया कि कटान पीड़ित किसानों को आर्थिक मदद दिलाने के लिए उन्होंने डीएम से मिलकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया है। उन्होंने जमीन और घर गंवाने वाले परिवारों को तत्काल सहायता देने की मांग की है।
विज्ञापन
राजस्व टीम कटान प्रभावित गांवों का सर्वे कर रही है। जिन किसानों की जमीन और घर कटे हैं, उन्हें जांच के बाद सरकारी आर्थिक सहायता दी जाएगी।
-राशि कृष्णा, एसडीएम धौरहरा
चकदहा में परियोजना बनी है और बचाव कार्य चल रहा है। उसी के मजरा गांव तेलियनपुरवा में कटान की सूचना है। वहां भी बचाव कार्य चल रहा है।
-अजय कुमार, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड शारदानगर