{"_id":"61f820264f42f35179359522","slug":"60-percent-candidates-failing-in-online-examination-of-rto-azamgarh-news-vns63632683","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरटीओ की आनलाइन परीक्षा में फेल हो जा रहे 60 प्रतिशत अभ्यर्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरटीओ की आनलाइन परीक्षा में फेल हो जा रहे 60 प्रतिशत अभ्यर्थी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आजमगढ़। पहले ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए परिवहन विभाग के कई चक्कर लगाने पड़ते थे। आवेदकों को कई बार दलालों से संपर्क करना पड़ता था। आवेदकों को सहूलियत देते हुए सरकार की ओर से लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया बीते दिनों से शुरू की गई है। आवेदक द्वारा आनलाइन टेस्ट भी दिया जा रहा लेकिन उसमें से 60 प्रतिशत आवेदक फेल हो जा रहे हैं। जबकि पहले ऑफलाइन में सिर्फ 25 से 35 प्रतिशत आवेदक फेल होते थे।
लर्निंग लाइसेंस बनवाना अब आसान हो गया है। एक ही दिन में ऑनलाइन स्लाट बुक कराने के बाद टेस्ट देने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पूरी प्रक्रिया तीन दिन में हो जाती है। नई प्रक्रिया होने के कारण आवेदक टेस्ट में फेल हो जा रहे हैं। प्रतिदिन करीब 90 स्लॉट बुक होते हैं। परीक्षा में 60 फीसदी आवेदक फेल हो जा रहे हैं।
परिवहन विभाग ने ई-लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिससे लोगों का समय बच सके। लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब किसी को कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। ऑनलाइन आवेदन कर घर बैठे परीक्षा दे सकते हैं।
विज्ञापन
- सतेंद्र कुमार यादव, एआरटीओ प्रशासन
विज्ञापन
लर्निंग लाइसेंस बनवाना अब आसान हो गया है। एक ही दिन में ऑनलाइन स्लाट बुक कराने के बाद टेस्ट देने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद पूरी प्रक्रिया तीन दिन में हो जाती है। नई प्रक्रिया होने के कारण आवेदक टेस्ट में फेल हो जा रहे हैं। प्रतिदिन करीब 90 स्लॉट बुक होते हैं। परीक्षा में 60 फीसदी आवेदक फेल हो जा रहे हैं।
विज्ञापन
परिवहन विभाग ने ई-लर्निंग लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिससे लोगों का समय बच सके। लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए अब किसी को कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। ऑनलाइन आवेदन कर घर बैठे परीक्षा दे सकते हैं।
विज्ञापन
- सतेंद्र कुमार यादव, एआरटीओ प्रशासन