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Panipat News: ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का वर्दी भत्ता 6 हजार रुपये
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माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। प्रदेश सरकार ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के वार्षिक वर्दी और धुलाई भत्ते में बढ़ोतरी की है। वर्दी भत्ता 4 से बढ़ाकर 6 हजार रुपये हो गया है।इसके साथ ही ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर कर्मचारी के परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाएगी।
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने शनिवार को ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सहमति जताते हुए ये घोषणाएं कीं। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में आयोजित बैठक में पंचायत विभाग के निदेशक सुशील सारवान भी मौजूद रहे।
बैठक में कर्मचारियों की 17 प्रमुख मांगों पर सहमति बनी, जबकि 12 मांगों के संबंध में आवश्यक पत्र भी जारी कर दिए गए। सरकार के इस फैसले से प्रदेशभर के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को राहत मिली है।
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कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा और उनकी जायज मांगों का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीण सफाई कर्मचारी गांवों को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनका योगदान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि वे स्वच्छ और स्वस्थ ग्रामीण वातावरण तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। सरकार उनके परिश्रम और सेवाओं का सम्मान करती है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश की 6230 ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों के लिए राज्य वित्त आयोग (एसएफसी) के तहत 579 करोड़ रुपये सीधे पंचायतों के खातों में जारी किए गए हैं। इससे गांवों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
पंचायत विभाग के निदेशक सुशील सारवान ने बताया कि कर्मचारियों के मानदेय का बकाया एरियर और अक्टूबर 2023 की हड़ताल अवधि का बकाया मानदेय जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। गांव से बाहर ड्यूटी लगाने पर 200 रुपये प्रतिदिन भत्ता भी दिया जाएगा। वार्षिक वर्दी भत्ता चार हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपये और धुलाई भत्ता एक हजार से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया गया है। ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाएगी।
यूनियन के प्रदेश प्रधान बसाऊ राम और महासचिव विनोद कुमार ने सरकार की तारीफ ककी। इस मौके पर एडीसी अंकित चौकसे, जिला परिषद की सीईओ डॉ. किरण सिंह, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, डीडीपीओ राजेश शर्मा और यूनियन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने शनिवार को ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों पर सहमति जताते हुए ये घोषणाएं कीं। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में आयोजित बैठक में पंचायत विभाग के निदेशक सुशील सारवान भी मौजूद रहे।
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बैठक में कर्मचारियों की 17 प्रमुख मांगों पर सहमति बनी, जबकि 12 मांगों के संबंध में आवश्यक पत्र भी जारी कर दिए गए। सरकार के इस फैसले से प्रदेशभर के ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को राहत मिली है।
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कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रदेश सरकार कर्मचारियों के हितों की रक्षा और उनकी जायज मांगों का समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। ग्रामीण सफाई कर्मचारी गांवों को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनका योगदान केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि वे स्वच्छ और स्वस्थ ग्रामीण वातावरण तैयार करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। सरकार उनके परिश्रम और सेवाओं का सम्मान करती है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में प्रदेश की 6230 ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों के लिए राज्य वित्त आयोग (एसएफसी) के तहत 579 करोड़ रुपये सीधे पंचायतों के खातों में जारी किए गए हैं। इससे गांवों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
पंचायत विभाग के निदेशक सुशील सारवान ने बताया कि कर्मचारियों के मानदेय का बकाया एरियर और अक्टूबर 2023 की हड़ताल अवधि का बकाया मानदेय जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। गांव से बाहर ड्यूटी लगाने पर 200 रुपये प्रतिदिन भत्ता भी दिया जाएगा। वार्षिक वर्दी भत्ता चार हजार से बढ़ाकर छह हजार रुपये और धुलाई भत्ता एक हजार से बढ़ाकर 1500 रुपये कर दिया गया है। ड्यूटी के दौरान मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी जाएगी।
यूनियन के प्रदेश प्रधान बसाऊ राम और महासचिव विनोद कुमार ने सरकार की तारीफ ककी। इस मौके पर एडीसी अंकित चौकसे, जिला परिषद की सीईओ डॉ. किरण सिंह, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, डीडीपीओ राजेश शर्मा और यूनियन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।