सिसौली को तहसील बनाने का विरोध
बुढ़ाना। सिसौली कस्बे को तहसील बनाने की कार्रवाई से नाराज बुढ़ाना तहसील के अधिवक्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना आज भी जारी रहा। अधिवक्ता कामकाज ठप कर धरने पर बैठे रहे। अधिवक्ताओं के चैंबर पर ताले लटके रहे। विरोध प्रदर्शन में सभी दस्तावेज लेखक व टाइपिस्ट भी शामिल रहे।
बुढ़ाना तहसील के अधिवक्ता बुधवार को सुबह करीब 10 बजे मीटिंग हॉल में एकत्र हुए। बुढ़ाना तहसील के गांव काटकर नवसृजित होने वाली सिसौली तहसील में जोड़ने की सरकार की कार्रवाई को लेकर घंटों विचार विमर्श हुआ। सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय के अनुसार अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया। मीटिंग के बाद सभी अधिवक्ता तहसील परिसर में मुख्यद्वार के पास धरने पर बैठ गए। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बाबू सिंह राठी ने बताया कि अधिवक्ताओं की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल जारी है। उन्होंने बताया कि पांच गांवों के ग्रामीण के ग्राम प्रधानों के प्रस्ताव भी उनके समर्थन में आ गए हैं। ये गांव किसी भी कीमत पर सिसौली तहसील में नहीं जुड़ना चाहते हैं। सिसौली को तहसील बनाया जाना न्याय संगत नही है। इस संबंध में अधिवक्ताओं ने अपना ज्ञापन आज भी जिलाधिकारी, मुख्यमंत्री व राजस्व मंत्री को भेजकर अपना विरोध जताया। ज्ञापन में कहा गया है कि मानक पूरे नहीं होने के कारण सिसौली को तहसील नहीं बनाया जा सकता।