सावधान रहें, सुकुवां- ढुकुवां बांध पर बढ़ रहा पानी
झांसी। बेतवा नदी में उफान पर आने से सुकुवां- ढुकुवां बांध में पानी बढ़ गया है। इससे यहां सैलानियों की भीड़ भी बढ़ गई है। रविवार को यहां का नजारा किसी मैले जैसा रहा। पानी का उफान लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में यदि पिकनिक मनाने के लिए सुकुवां- ढुकुवां बांध जा रहे हैं तो सावधानी जरूर बरतें और पानी से दूर रहें।
रविवार को सुकुवां- ढुकुवां बांध पर बेतहाशा भीड़ थी। ऐसा लग रहा था मानो कोई मेला लगा हो। कोई चार पहिया वाहन से तो कोई दो पहिया वाहन से पहुंच रहा था। बारिश होने के बाद भी यहां पहुंचने वालों की भीड़ में कमी नहीं हो रही थी। सुकुवां- ढुकुवां पहुंचने पर वहां भुट्टे, केला, सेव, भेलपुरी, समोसा समेत खाने -पीने की दुकानों पर लोगों की भीड़ थी। पानी की बोतल की खूब बिक्री हो रही थी।
बहुत से लोग यहां मौज- मस्ती करने वाले थे। अधिकांश लोग मोबाइल फोन से सेल्फी ले रहे थे। बार-बार नदी के किनारे पानी में घुसने के कारण लोग जोखिम भी उठा रहे थे। यहां पुलिस की ड्यूटी थी और बार- बार पानी में घुसने वालों को वहां से हटा रही थी। कुछ लोग बांध के ऊपर जाने के लिए बनी सीढ़ियों पर बैठकर सेल्फी ले रहे थे, उन्हें भी पुलिस हटा रहा थी। यहां पर दिन भर जाने- जाने वालों का सिलसिला जारी था। लोग रपटा पर आगे न बढ़ सकें, इसलिए रस्सी बांधकर बैरीकेडिंग कर दी गई थी, लेकिन मौका पाकर लोग रस्सी के उस पार भी जा रहे थे।
लोगों ने किया कीर्तन
सुकुवां- ढुकुवां बांध पर मौज मस्ती करने आए हजारों लोगों में से कुछ लोग ऐसे भी थे, जो रविवार को पिकनिक मनाने के बहाने बांध के किनारे मस्ती की जगह भगवान का भजन कर रहे थे। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिला निवासी सेना में सिपाही मुकेश कुमार अपने परिवार के साथ बांध का नजारा देखने आए थे। वह अपने साथ ढोलक भी लाए थे। इसी ढोलक की थाप पर उनके परिजन भगवान का भजन कर रहे थे। सभी लोग आंख बंद कर रघुपति राघव राजाराम ... और अक्षतम केशवम... भजन गा रहे थे। उनका कहना था कि रोजमर्रा की जिंदगी में समय कम मिलता है, इसलिए रविवार को भगवान का नाम लेते हैं। बांध के किनारे प्रकृति का एहसास भी होता रहता है। भजन के बाद खाना खाएंगे और वापस चले जाएंगे।