इटावा। पछायंगांव क्षेत्र के ग्राम मुरोंग स्थित डाकघर में लाखों रुपये के गबन का आरोप लगाते हुए ग्राम प्रधान किशोर सिंह ने गुरुवार को डीएम को चार पन्नों का शिकायती पत्र सौंपा। पत्र में डाकघर के कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई और सभी खाताधारकों की जमा धनराशि वापस दिलाने की मांग की गई।
ग्रामीणों के साथ बड़ी संख्या में डीएम कार्यालय पहुंचे प्रधान ने आरोप लगाया कि डाकघर में एफडी, आरडी, सुकन्या समृद्धि योजना, ग्रामीण डाक बीमा और बचत खातों में जमा लाखों रुपये का गबन किया गया है। कई खाताधारकों को बताया गया कि उनके नाम से कोई खाता ही नहीं है, जबकि उनके पास संबंधित पासबुक मौजूद हैं। कई मामलों में कर्मचारियों ने ऑडिट के नाम पर पासबुक अपने पास रख ली और खातों की जानकारी देने से मना कर दिया। शिकायत के अनुसार खुद ग्राम प्रधान की एक लाख और दस हजार रुपये की दो एफडी और 2.84 लाख रुपये का ग्रामीण डाक बीमा रिकॉर्ड में नहीं मिला। इसी तरह गुड्डी देवी की 52 हजार, एक लाख और 20 हजार रुपये की तीन एफडी, राजवीर की 40 हजार रुपये की एफडी, राजकुमार, उनकी पुत्री साक्षी और पत्नी मधु देवी की 30-30 हजार और 10 हजार रुपये की एफडी और टीडी का रिकॉर्ड भी नहीं मिला।
आरोप है कि सोमदत्त के खाते से 2.34 लाख रुपये, रामशंकर तिवारी के खाते से 1.78 लाख रुपये, नवीन कुमार के खाते से 1.07 लाख रुपये तथा ममता देवी के खाते से 74,415 रुपये का गबन किया गया है। संदीप कुमार के बचत खाते में जमा 1.25 लाख रुपये और श्यामा देवी के खाते में जमा 36 हजार रुपये की भी जानकारी नहीं मिल सकी। ग्रामीण सुनील कुमार शर्मा, उनकी पुत्री प्रीति, विनीता देवी, रुचि, दिव्यानी, आदिति, आराध्या, अंशिका, रिया तुलारिया, कविता, छायादेवी सहित कई खाताधारकों की आरडी, सुकन्या समृद्धि योजना, बचत खाते और डाक बीमा की पासबुक कर्मचारियों ने ऑडिट के नाम पर अपने पास रख लीं। कई खाताधारकों को फर्जी पासबुक देने का भी आरोप लगाया गया है।
मुरोंग गांव के लोगों की शिकायती पत्र को लेकर डीएम के माध्यम से जानकारी हुई है। किस प्रकार की अनियमितता हुई है और क्या पूरा मामला है, इसकी जांच करने के लिए विभाग के इंस्पेक्टर की अगुवाई में टीम बनाई है। यह टीम शुक्रवार से ही गांव में पहुंचकर जांच करेगी, इसके बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे। उसी अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
9घनश्याम, अधीक्षक प्रधान डाकघर