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भला कहां होता है:.......प्रेरणादायक

Mamta Tiwari

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            है डगर मुश्किल तो
        
                                                    
                            
चलना शुरू क्यों किया
राह में रुक जाना था तो
आगे पांव क्यों किया
मुश्किलों से डर कर
जो रुक जाए
वो इंसान नहीं होता
बिना मेहनत के
सपने साकार नहीं होते
दो-दो कदम आगे
बढ़ने से ही मंजिल
करीब आती है
हौसले खो देने से
मुश्किलें आसान नहीं होती
मंजिलों को भी हमारा
बेसब्री से इंतजार होता है
कठिनाइयों से
टूट जाने वालों का
भला कहां होता है।।
-ममता तिवारी
 
4 महीने पहले
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