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एक तेवरी

Ramesh Raj

Mere Alfaz
                                                                
                                                    जिनके गांधी पर व्याख्यान
उनके हाथों तीर-कमान। हे भगवान!!

बाप पूजता इनके पाँव
धन्य-धन्य ऐसी सन्तान। हे भगवान!!

हिटलर-नादिर जैसे लोग
बनते फिरते कृपानिधान। हे भगवान!!

मुख मुस्कान, पीठ पर...और पढ़ें
3 hours ago

इस सज़ा की भी हमने वकालत की है।

Hema Tiwari

Mere Alfaz
                                                                
                                                    हमने हर शहर में उनकी तलाश की है,
कभी परिंदों से भी उनकी बात की है।
पहली मुलाकात में दिल लगाने की ये सजा है,
इस सज़ा की भी हमने वकालत की है।...और पढ़ें
3 hours ago
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सच का परचम

Aman Yadav

Mere Alfaz
                                                                
                                                    सच का परचम

ये चंद लोग जो सच का परचम लिए फिरते हैं,
झूठ को सच बताने पे उतर आएँ तो क्या होगा?

जो लोग चराग़ से ख़ुद रोशनी लेकर,
उसी को बुझाने पे उतर आएँ तो क्या होगा?

जो हमें एक अल्फ़ाज़ भी सिखा...और पढ़ें
3 hours ago

जलती क्या आग बस समां धुआं धुआं हुआ

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                                                
                                                    सीने से मेरे निकला भी क्या क्या दबा हुआ
जी खोल कर जीने का मन जब भी बना लिया
रोना न हो तो कैसे न हो बात कितनी साफ है
शीशे का हो कर भी आदमी है पत्थर बना हुआ
मुझको भी मिलें मंज़िल कुछ अलहदा,बुलंद
रखता है ख्वाहिश आदमी र...और पढ़ें
3 hours ago
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बस रूह से रिश्ता रखना था

Anil Pandey

Mere Alfaz
                                                                
                                                    हम दीवाने हैं,दीवाने थे
कुछ दुनिया से अनजाने थे
क्या दाना देकर रोना था
ये पंछी तो उड़ जाने थे
वे सूरज,चांद का करते
दिन रात से जो बेगाने थे
थी एक शमां की चाह नहीं
वे मौत के जो परवाने थे
मस्ती कम...और पढ़ें
3 hours ago

जिसके सिवा सुकून के तसव्वुर में भी कोई और न था।

LOKESH SAHU

Mere Alfaz
                                                                
                                                    हम उसके न हुए, ये मुक़द्दर की बात थी,
शायद उसे चाहना भी हमारे इख़्तियार में न था।
ग़म तो उस शख़्स के किसी और का हो जाने का है,
जिसके सिवा सुकून के तसव्वुर में भी कोई और न था।

 ...और पढ़ें
3 hours ago

जिसके सिवा सुकून के तसव्वुर में भी कोई और न था।

LOKESH SAHU

Mere Alfaz
                                                                
                                                    हम उसके न हुए, ये मुक़द्दर की बात थी,
शायद उसे चाहना भी हमारे इख़्तियार में न था।
ग़म तो उस शख़्स का किसी और के हो जाने का है,
जिसके सिवा सुकून के तसव्वुर में भी कोई और न था।

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3 hours ago

सोच और वज़ूद

Nathuram Kaswan

Mere Alfaz
                                                                
                                                    साथ हमारे खुशियाँ और ग़म चले जाएंगे
किस्से कहानी रह जाएंगे हम चले जाएंगे!

हमारी हर सोच से अलग है वज़ूद हमारा
हमारे साथ हमारे सारे भ्रम चले जाएअंगे!
-एन. आर. कस्वाँ
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3 hours ago

हिन्दी शीर्षक- अनुपस्थिती

User

Mere Alfaz
                                                                
                                                    जहाँ हजार कोशिश के बाद भी आपको समझा न जाए,
वहाँ अपनी खामोशी से, अपनी अनुपस्थिति दीजिए।
जहाँ आपकी बातों का कोई मोल ही न रहे,
वहाँ चुपचाप अपनी गैरमौजूदगी दर्ज कीजिए।
जहाँ गलती कोई और करे और इल्जाम आप पर मढ़ा जाए,
बिगड़त...और पढ़ें
3 hours ago

शून्य सही

Tathagata Sengupta

Mere Alfaz
                                                                
                                                    तुम कहते थे कि, कुछ करो, कुछ नहीं मिला तोह शून्य सही, क्योंकि करने से शुरुवात ही सही।
तुम कहते थे कि, कुछ करो, कुछ नहीं मिला तोह शून्य सही, क्योंकि करने से शुरुवात ही सही,
अब तुम्हारे बिना, राह क्या देखे, क्या करे शुरुवात, क्या करे न कह...और पढ़ें
3 hours ago
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