Exclusive News एक्सक्लूसिव खबरें
Free E-Paper फ्री में ई-पेपर पढ़ें
ऐप डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   usa midterm election result impact on donald trump tarrif on india

रिपोर्ट: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव नतीजों के बाद ट्रंप पर बढ़ा दबाव, भारत को टैरिफ से मिल सकती है राहत

Thu, 05 Nov 2026 01:06 PM IST
नितिन गौतम आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 05 Nov 2026 01:06 PM IST
सार

अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद राष्ट्रपति ट्रंप की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को भी टैरिफ में इसे लेकर फायदा मिल सकता है। 

विज्ञापन
usa midterm election result impact on donald trump tarrif on india
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : पीटीआई

विस्तार

अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के बाद कांग्रेस पर रिपब्लिकन पार्टी का एकीकृत नियंत्रण समाप्त होने से भारत के लिए अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर तत्काल दबाव कम हो गया है। गुरुवार को जारी एक नई रिपोर्ट के अनुसार, यह भारत के लिए सकारात्मक घटनाक्रम माना जा रहा है क्योंकि इससे अचानक टैरिफ वृद्धि और व्यापारिक अनिश्चितताओं का जोखिम कुछ हद तक घट सकता है। 
विज्ञापन


एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट में कहा गया है कि 18 प्रतिशत की प्रस्तावित अमेरिकी टैरिफ दर कभी लागू नहीं हुई और फिलहाल भारतीय उत्पादों पर अपेक्षाकृत कम 10 प्रतिशत का सेक्शन 301 शुल्क लागू है। साथ ही अमेरिका अब इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट के तहत मिलने वाले कुछ प्रभावी दबावकारी विकल्पों का उपयोग नहीं कर पाएगा।
विज्ञापन


ट्रंप पर बढ़ेगा दबाव
रिपोर्ट के अनुसार, मध्यावधि चुनावों के नतीजे टैरिफ ढांचे में बहुत बड़ा बदलाव नहीं ला सकते हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक प्राथमिकताओं को प्रभावित कर सकते हैं। अब उनके पास व्यापारिक तनाव बढ़ाने के सीमित साधन होंगे, जबकि उपभोक्ताओं के लिए कीमतों को नियंत्रित रखने और 2028 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले कुछ व्यापारिक समझौते करने का दबाव बढ़ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विश्लेषकों का मानना है कि भविष्य में यदि कोई नया व्यापारिक कदम उठाया जाता है, तो उसे "सेक्शन 301" या "सेक्शन 232" जैसी अपेक्षाकृत धीमी और जांच-आधारित प्रक्रियाओं से गुजरना होगा। इससे अचानक लगाए जाने वाले टैरिफ या व्यापारिक प्रतिबंधों का जोखिम कम हो सकता है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि व्यापार अभी भी उन क्षेत्रों में से एक है जहां राष्ट्रपति के पास पर्याप्त अधिकार बने हुए हैं। इसलिए व्यापारिक नीतियों से जुड़ी सुर्खियों और अस्थिरता की संभावना पूरी तरह समाप्त नहीं होगी, भले ही उसका रुख पहले की तुलना में नरम पड़ जाए।

विश्लेषकों का क्या कहना है?
रिपोर्ट ने भारत के लिए कुछ संभावित जोखिमों की भी पहचान की है। इनमें फार्मास्युटिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों पर संभावित सेक्शन 232 टैरिफ शामिल हैं। इसके अलावा रूस या ईरान से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों में किसी प्रकार की विफलता भारत के कच्चे तेल आयात पर फिर से दबाव बढ़ा सकती है। विश्लेषकों के अनुसार, कमजोर अमेरिकी डॉलर, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितता में कमी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक है। इससे रुपए की स्थिरता को समर्थन मिलेगा, निर्यातकों की संभावनाएं बेहतर होंगी और भारतीय परिसंपत्तियों पर जोखिम प्रीमियम धीरे-धीरे कम हो सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्रेंट क्रूड अक्टूबर 2026 के उच्चतम स्तर से लगभग 19 प्रतिशत गिरकर 94 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। यह भारत के लिए महत्वपूर्ण राहत है क्योंकि चालू वित्त वर्ष में अब तक देश का तेल आयात बिल 24 प्रतिशत बढ़ा हुआ है और ब्रेंट का औसत मूल्य लगभग 97 डॉलर प्रति बैरल रहा है। इससे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को भी कुछ राहत मिल सकती है, क्योंकि विदेशी मुद्रा बाजार में रुपए की रक्षा करने की लागत लगातार बढ़ रही थी। हालांकि रिपोर्ट के अनुसार यह राहत पूरी तरह स्थायी नहीं होगी।


विश्लेषकों ने कहा कि चालू खाते के घाटे के वित्तपोषण की जरूरत और आरबीआई की बैलेंस शीट पर लगभग 239 अरब डॉलर की फॉरवर्ड डॉलर देनदारियां मौजूद हैं। ऐसे में केंद्रीय बैंक दीर्घकालिक पूंजी प्रवाह का उपयोग विदेशी मुद्रा भंडार और मुद्रा सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने में कर सकता है, जिससे रुपए में अत्यधिक तेजी की संभावना सीमित रह सकती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भले ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों को लेकर नरम रुख अपनाए, लेकिन अमेरिका में लगातार ऊंची मुद्रास्फीति के कारण ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं। यही वजह है कि आरबीआई को भी मौद्रिक नीति के मोर्चे पर सतर्क रहना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed