Hindi News
›
Video
›
Uttar Pradesh
›
Lucknow News
›
VIDEO: अंगुलियां पढ़ रहीं किताबें, मन सुन रहा साहित्य... 7000 पुस्तकें और 3500 ऑडियो बुक्स बनीं दृष्टि दिव्यांगों का सहारा
{"_id":"6a4bba8c234b7f0de90c4e7f","slug":"video-video-agalya-paugdhha-raha-katab-mana-sana-raha-sahataya-7000-pasataka-oura-3500-oidaya-bkasa-bna-thashhata-thavayaga-ka-sahara-2026-07-06","type":"video","status":"publish","title_hn":"VIDEO: अंगुलियां पढ़ रहीं किताबें, मन सुन रहा साहित्य... 7000 पुस्तकें और 3500 ऑडियो बुक्स बनीं दृष्टि दिव्यांगों का सहारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
VIDEO: अंगुलियां पढ़ रहीं किताबें, मन सुन रहा साहित्य... 7000 पुस्तकें और 3500 ऑडियो बुक्स बनीं दृष्टि दिव्यांगों का सहारा
वे अपनी आंखों से इस रंग-बिरंगी दुनिया को देख तो नहीं सकते लेकिन अपनी अंगुलियों से शब्दों को छूकर देश-दुनिया के ज्ञान को आत्मसात जरूर कर सकते हैं। डॉ. धर्मवीर भारती के कालजयी उपन्यास ‘गुनाहों का देवता’ की सुधा-चंदर की प्रेम कहानी को मन की आंखों से सुन सकते हैं। ...और यह सुविधा मुहैया कराई जा रही है राजधानी के शकुंतला मिश्रा पुनर्वास विश्वविद्यालय में जहां ब्रेल लिपि की सात हजार पुस्तकें और 3500 ऑडियो बुक्स दृष्टिदिव्यांगों का सहारा बन रही हैं। ब्रेल पुस्तकालय और ऑडियो बुक्स की सुविधा मुहैया कराने वाला यह प्रदेश का पहला राज्य विश्वविद्यालय है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।