UP: दोस्त को वरुणा नदी में दिया धक्का, पुल से डूबने तक देखता रहा हत्यारा; फिर शराब पीकर सोया चैन की नींद
Varanasi News: वाराणसी में शराब पिलाने के बाद एक युवक ने अपने दोस्त की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, पत्नी के फोन आने पर दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद आरोपी ने दोस्त को वरुणा नदी में धक्का दे दिया। दोनों के बीच घर आने-जाने को लेकर पहले से रंजिश भी चल रही थी। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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Varanasi Crime: जैतपुरा थाना क्षेत्र के नक्खीघाट इलाके में रहने वाले सफाईकर्मी धीरज सरोज (30) की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार धीरज के दोस्त मोनू श्रीवास्तव उर्फ आनंद ने शराब पिलाने के बाद विवाद होने पर उसे वरुणा नदी में धक्का दे दिया, जिससे दलदल में फंसने के कारण उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने मृतक की पत्नी गीता देवी की तहरीर पर हत्या और एससी/ एसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सोमवार को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार नक्खीघाट निवासी धीरज सरोज प्राइवेट कंपनी में सफाई कर्मचारी था। दो जुलाई की रात पड़ोस में रहने वाला उसका दोस्त मोनू श्रीवास्तव उसे शराब पिलाने के बहाने घर से अपने साथ ले गया। इसके बाद धीरज घर वापस नहीं लौटा। तीन जुलाई को नक्खीघाट पुल के नीचे वरुणा नदी में उसका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।
घटना की सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। मृतक की पत्नी गीता देवी ने पुलिस को बताया कि उसका पति आखिरी बार मोनू के साथ गया था। इस आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
फुटेज में धीरज और मोनू नक्खीघाट स्थित देशी शराब के ठेके पर एक साथ दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सोमवार को वरुणा कॉरिडोर के पास से मोनू श्रीवास्तव उर्फ आनंद को गिरफ्तार कर लिया।
थानाध्यक्ष जैतपुरा उपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मृतक की पत्नी गीता देवी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी मोनू श्रीवास्तव उर्फ आनंद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
घर आने-जाने को लेकर थी रंजिश
पूछताछ में आरोपी मोनू ने पुलिस को बताया कि वह धीरज का दोस्त था और अक्सर उसके घर आता-जाता था, लेकिन धीरज की मां और उसकी पत्नी उसके घर आने पर नाराज रहती थीं और उसे भला-बुरा कहती थीं। इसी बात को लेकर वह अंदर ही अंदर धीरज से खुन्नस रखता था।
बताया कि घटना वाले दिन दोनों नक्खीघाट पुल के नीचे बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान धीरज की पत्नी गीता देवी मोनू के घर पहुंची और उसकी मां से मोनू से बात कराने को कहा। इसके बाद मोनू की मां ने पड़ोसी के मोबाइल से मोनू को फोन किया।
फोन आने पर धीरज ने पूछा कि किसका फोन है, तो मोनू ने बताया कि उसकी पत्नी का फोन है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी होने लगी। विवाद बढ़ने पर गुस्से में आकर मोनू ने धीरज को वरुणा नदी में धक्का दे दिया। नदी में गिरने के बाद धीरज दलदल में फंस गया और बाहर नहीं निकल सका, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद फिर पी शराब
पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पूछताछ में बताया कि धीरज को नदी में धक्का देने के बाद वह नक्खीघाट पुल पर गया और कुछ देर तक वहां से धीरज को देखता रहा। इसके बाद वह दोबारा शराब के ठेके पर गया, शराब खरीदी, पी और फिर अपने घर लौट गया, ताकि किसी को उस पर शक न हो।