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Saharanpur News: संदिग्ध बैंक खातों की जांच में जुटी पुलिस, अब तक 26 प्राथमिकी दर्ज
Sat, 18 Jul 2026 01:47 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 18 Jul 2026 01:47 AM IST
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सहारनपुर। साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध बैंक खातों पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। साइबर क्राइम और साइबर सेल की टीम संदिग्ध बैंक खातों की जांच में जुट गई है। इस संबंध में संबंधित बैंकों को भी पत्र लिखा गया है। पता लगाया जा रहा है कि जिन बैंक खातों में साइबर ठगी की रकम आई है, उसका खाताधारक कौन है और कौन से राज्य रकम पहुंची।
दरअसल, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) से 55 संदिग्ध बैंक खातों की सूची साइबर क्राइम और साइबर सेल को मिली थी। इसके बाद टीम ने थानेवार बैंक खातों की सूची बनाई। अब तक शहर कोतवाली, थाना सदर बाजार, कुतुबशेर, कोतवाली मंडी, देहात कोतवाली समेत कई थानों में 26 प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। जांच में यह सामने आया है कि प्रत्येक संदिग्ध खाते में औसतन पांच लाख रुपये तक का लेन-देन हुआ है। कई खातों में इससे अधिक राशि का भी ट्रांजेक्शन होने के संकेत मिले हैं।
बैंक खातों में दो करोड़ रुपये से अधिक की रकम साइबर ठगी के जरिए पहुंची। पुलिस बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर खातों से जुड़े लोगों की भूमिका खंगाल रही है। अब साइबर क्राइम व साइबर सेल की टीम ने संबंधित बैंकों को पत्र भेजकर खातों का पूरा ब्योरा मांगा गया है। इसमें यह जानकारी तलब की गई है कि संबंधित खाता कब खोला गया, कब से सक्रिय है, खाते का संचालन किसके द्वारा किया जा रहा है और उसमें हुए लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए। खाताधारकों की केवाईसी, मोबाइल नंबर, पते और अन्य दस्तावेजों का भी सत्यापन कराया जा रहा है।
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-- इन राज्यों से ट्रांसफर हुई साइबर ठगी की रकम
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन खातों में देश के कई राज्यों से रकम ट्रांसफर हुई है। चेन्नई, मुंबई, झारखंड, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों से करोड़ों रुपये इन खातों में आने की पुष्टि हुई है। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया गया।
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एनसीआरपी पोर्टल से आई सूची के आधार पर संबंधित थाने में साइबर क्राइम व साइबर सेल की टीम प्राथमिकी दर्ज करा रही है। पुलिस का उद्देश्य साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क का पर्दाफाश कर ठगी के मामलों को रोकना है।
व्योम बिंदल, एसपी सिटी
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दरअसल, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) से 55 संदिग्ध बैंक खातों की सूची साइबर क्राइम और साइबर सेल को मिली थी। इसके बाद टीम ने थानेवार बैंक खातों की सूची बनाई। अब तक शहर कोतवाली, थाना सदर बाजार, कुतुबशेर, कोतवाली मंडी, देहात कोतवाली समेत कई थानों में 26 प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। जांच में यह सामने आया है कि प्रत्येक संदिग्ध खाते में औसतन पांच लाख रुपये तक का लेन-देन हुआ है। कई खातों में इससे अधिक राशि का भी ट्रांजेक्शन होने के संकेत मिले हैं।
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बैंक खातों में दो करोड़ रुपये से अधिक की रकम साइबर ठगी के जरिए पहुंची। पुलिस बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर खातों से जुड़े लोगों की भूमिका खंगाल रही है। अब साइबर क्राइम व साइबर सेल की टीम ने संबंधित बैंकों को पत्र भेजकर खातों का पूरा ब्योरा मांगा गया है। इसमें यह जानकारी तलब की गई है कि संबंधित खाता कब खोला गया, कब से सक्रिय है, खाते का संचालन किसके द्वारा किया जा रहा है और उसमें हुए लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराया जाए। खाताधारकों की केवाईसी, मोबाइल नंबर, पते और अन्य दस्तावेजों का भी सत्यापन कराया जा रहा है।
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प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन खातों में देश के कई राज्यों से रकम ट्रांसफर हुई है। चेन्नई, मुंबई, झारखंड, कर्नाटक सहित अन्य राज्यों से करोड़ों रुपये इन खातों में आने की पुष्टि हुई है। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया गया।
एनसीआरपी पोर्टल से आई सूची के आधार पर संबंधित थाने में साइबर क्राइम व साइबर सेल की टीम प्राथमिकी दर्ज करा रही है। पुलिस का उद्देश्य साइबर अपराध में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों के नेटवर्क का पर्दाफाश कर ठगी के मामलों को रोकना है।
व्योम बिंदल, एसपी सिटी