दीपावली पर हादसा: चाचा को बचाने दौड़ा भतीजा भी करंट से झुलसा; दोनों की मौत, एक साथ उठीं अर्थियां
बागपत के खट्टा प्रहलादपुर गांव में लोहे के दरवाजे में उतरे करंट की चपेट में आने से चाचा-भतीजे की मौत हो गई। दीपावली पर हुए हादसे से गांव में शोक।
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दीपावली के त्योहार पर बागपत के खट्टा प्रहलादपुर गांव में दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। घर के बरामदे में लगे लोहे के दरवाजे में करंट उतरने से चाचा और भतीजे की मौत हो गई। चाचा को करंट से चिपका देख भतीजा उन्हें बचाने दौड़ा था, लेकिन वह भी इसकी चपेट में आ गया। दोनों की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। बृहस्पतिवार सुबह गांव के श्मशान घाट में गमगीन माहौल के बीच दोनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। एक साथ दो अर्थियां उठने से पूरे गांव की आंखें नम हो गईं।
दरवाजा बंद करते समय चाचा को लगा करंट
खट्टा प्रहलादपुर निवासी 50 वर्षीय कंवरपाल प्रजापति पुत्र हुकमी अप्रशिक्षित चिकित्सक थे और गांव में ही दुकान चलाते थे। बुधवार रात करीब नौ बजे दुकान बंद कर वह घर लौटे। खाना खाने के बाद वह घर के बरामदे में लगे लोहे के दरवाजे को बंद करने पहुंचे। जैसे ही उन्होंने दरवाजा छुआ, उसमें उतर रहे करंट की चपेट में आकर उससे चिपक गए।
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चाचा को बचाने दौड़ा भतीजा, वह भी चपेट में आया
कंवरपाल के पुत्र अंकित और सौरभ ने आहट सुनी तो शोर मचाया। आवाज सुनकर उनके भतीजे दीपक पुत्र रामनिवास दीवार कूदकर घर के अंदर पहुंचा और चाचा को बचाने दौड़ा। इस दौरान वह भी करंट की चपेट में आ गया। इसके बाद सौरभ, अंकित और अजय पुत्र जगन भी बचाने पहुंचे, जिन्हें भी करंट लगा। हालांकि, कंवरपाल और दीपक की हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
रात में गांव पहुंचे शव, सुबह हुआ अंतिम संस्कार
दोनों की मौत की खबर से परिवार में कोहराम मच गया। सूचना गांव पहुंची तो शोक की लहर दौड़ गई। परिजन रात में ही बिना पोस्टमार्टम कराए दोनों के शव गांव ले आए। इसके बाद घर पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे दोनों के शवों का गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चाचा-भतीजे की अर्थियां उठने पर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं।
दीपावली पर मातम, गांव में पुलिस बल तैनात
हादसे के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीण पीड़ित परिवार को सांत्वना देने में जुटे हैं। दीपावली के दिन हुए इस हादसे से गांव में शोक का माहौल है। कई ग्रामीणों ने इस बार दीपावली नहीं मनाने की बात कही। एहतियातन गांव में पुलिस बल भी तैनात रहा।