धनतेरस: आज और कल, सज गए बाजार, इन शुभ मुहूर्त में करें पूजा-दीपदान और खरीदारी
आज राहुकाल सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान शुभ कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए।
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धनतेरस की तारीख को लेकर इस बार लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि दो दिन पड़ने के कारण कहीं शुक्रवार तो कहीं शनिवार को धनतेरस मनाए जाने की चर्चा है। पंचांगों में तिथि के आरंभ और समाप्ति के समय को लेकर अंतर ने भी लोगों की दुविधा बढ़ा दी है।
ज्योतिषाचार्य पंडित हृदय रंजन शर्मा के अनुसार, धनतेरस छह नवंबर शुक्रवार को मनाना शास्त्र सम्मत रहेगा। इस दिन प्रदोष काल में त्रयोदशी तिथि का संयोग मिलने से भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा का विशेष महत्व रहेगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष त्रयोदशी तिथि शुक्रवार को सुबह करीब 10:30 बजे शुरू होगी और शनिवार को सुबह करीब 10:47 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के नियम के आधार पर त्रयोदशी तिथि होने से कुछ लोग त्योहार को शनिवार को मनाने की बात कर रहे हैं। वहीं धनतेरस पर प्रदोष काल में पूजा का विधान होने के कारण शुक्रवार को त्योहार मनाना उचित माना जा रहा है।
धनतेरस पर राहुकाल
शुक्रवार को राहुकाल सुबह 10:42 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान शुभ कार्यों की शुरुआत से बचना चाहिए।
बाजारों में शुभ मुहूर्त को लेकर पूछताछ
धनतेरस की तारीख को लेकर बनी दुविधा का असर बाजारों में भी दिखाई दे रहा है। बर्तन, सराफा और वाहन कारोबारियों के यहां ग्राहक खरीदारी के शुभ मुहूर्त को लेकर जानकारी कर रहे हैं। सोना-चांदी, बर्तन और नए वाहन खरीदने की तैयारी कर रहे लोग भी शुभ मुहूर्त के समय के बारे में पूछ रहे हैं।
खरीदारी के शुभ मुहूर्त
- अमृत चौघड़िया : सुबह 10:31 बजे से 10:42 बजे तक
- शुभ चौघड़िया : दोपहर 12:04 बजे से 1:26 बजे तक
- चर चौघड़िया : शाम 4:10 बजे से 5:32 बजे तक
- लाभ चौघड़िया : रात 8:48 बजे से 10:26 बजे तक
धनतेरस पूजा और दीपदान का मुहूर्त
- धनतेरस पूजा : शाम 6:02 बजे से 07:57 बजे तक
- प्रदोष काल : शाम 05:32 बजे से रात 08:09 बजे तक
- वृषभ काल ( स्थिर लग्न ): शाम 06:02 बजे से 07:57 बजे तक
- यम दीपदान : शाम 5:32 बजे से 6:51 बजे तक