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फर्जी खबरें शेयर करने में सबसे आगे हैं बुजुर्ग, युवाओं की संख्या सिर्फ 3%
Thu, 10 Jan 2019 02:19 PM IST
प्रदीप पांडे
टेक डेस्क, अमर उजाला
टेक डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रदीप पांडे
Updated Thu, 10 Jan 2019 02:19 PM IST
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फेसबुक आज दुनिया का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म है और व्हाट्सऐप भी फेसबुक के स्वामित्व में ही है। आए दिन फेसबुक पर फर्जी खबरें शेयर होती हैं और इन फर्जी खबरों के कारण कई जगहों पर दंगे भी हुए हैं और कई लोगों की जान भी गई है। अब सवाल यह है कि फेसबुक पर इन फर्जी खबरों को शेयर कौन करता है।
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इसी सवाल के लिए जवाब के लिए एक सर्वे किया गया है जिसमें खुलासा हुआ है कि फेसबुक पर सबसे ज्यादा फर्जी खबरें 65 साल या इससे अधिक उम्र के लोग करते हैं, जबकि युवा फर्जी खबरों को शेयर करने से पहले उसके बारे में थोड़ा बहुत पड़ताल करते हैं।
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न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय और प्रिंसटन विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान फेसबुक पर तथाकथित फर्जी समाचार साइटों के लिंक शेयर को लेकर यह शोध किया है। इस शोध से पता चला है कि 65 साल और इससे अधिक उम्र के लोग फेसबुक पर फर्जी खबरों को शेयर करने में माहिर हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 65 साल या इससे अधिक उम्र के लोगों ने 18-29 साल के लोगों के मुकाबले 7 गुना फर्जी खबरें शेयर की है।
साथ ही इस रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि भले ही फेसबुक पर फर्जी खबरें शेयर हो रही हैं लेकिन लोग इन खबरों में उलझ नहीं रहे हैं। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 18-29 साल के फेसबुक यूजर्स ने सिर्फ 3 प्रतिशत ही फर्जी खबरें शेयर की हैं।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद प्रिंसटन यूनिवर्सिटी में राजनीति और सार्वजनिक मामलों के सहायक प्रोफेसर एंड्रयू गेस ने कहा, 'अगर वरिष्ठ लोगों में युवाओं के मुकाबले फर्जी समाचार साझा करने की अधिक संभावना है, ऐसे में फर्जी खबरों को पहचानने के लिए हम नया तरीका निकालना होगा।'