जालौन के उरई के कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार की हत्या के मामले में पुलिस की जांच में खुलासे हो रहे हैं। जांच में पता चला है कि सुपारी लेने वाले मोनू के पिता अजय यादव ने पूरी साजिश रची और बेटे मोनू यादव को हत्या की जिम्मेदारी सौंपी।
पुलिस के अनुसार, मैनपुरी निवासी इंद्रजीत यादव प्रॉपर्टी के कारोबार से जुड़ा था और कानपुर के पॉश इलाके रतनलाल नगर में रहता है। मुख्य आरोपी मोनू का पिता अजय कुमार प्रतिदिन उसकी मालिश करने आता था। इसी दौरान इंद्रजीत ने अजय को बताया कि कालपी निवासी अधिवक्ता गयादीन अहिरवार से उसका जमीन का विवाद चल रहा है। वह किसी भी कीमत पर अधिवक्ता को खत्म कराना चाहता है। इसके लिए जितना भी पैसा खर्च होगा, वह देने को तैयार है।
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शव मिलने के बाद जांच करती पुलिस की टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस के मुताबिक, अजय ने पहले हामी भर दी, लेकिन काफी समय तक वारदात को अंजाम नहीं दिया। इस पर इंद्रजीत लगातार व्हाट्सएप पर मैसेज कर हत्या कराने का दबाव बनाने लगा। इसके बाद अजय ने अपने बेटे मोनू को पूरी बात बताई और हत्या की जिम्मेदारी सौंप दी। इसके लिए तीन लाख रुपये दिए जाने की बात भी सामने आई है।
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शव मिलने के बाद बिलखता बेटा
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मोनू ने सर्वेश शुक्ला निवासी एच ब्लॉक बर्रा, आशीष विश्वकर्मा निवासी न्यू डायमंड सिटी पिपौरी और केशव कटियार निवासी वरुण विहार कॉलोनी बर्रा, कानपुर के माध्यम से 31 अक्तूबर को पहले गयादीन का अपहरण कराया।
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कानपुर में मिला शव
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दरअसल, कालपी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कागजीपुरा निवासी कालपी बार संघ के अध्यक्ष गयादीन अहिरवार (68) 31 अक्तूबर को फाइल पर चर्चा करने के बहाने बुलाया गया था। वह बेटे के साथ निकले थे। इन आरोपियों ने पहले उनके पैर छुए और फिर चाय पीने के बहाने उन्हें कार में बैठाया और अपहरण कर लिया।
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शव मिलने के बाद जांच करती पुलिस की टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करीब डेढ़ घंटे तक तलाश के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आठ थानों की पुलिस, तीन क्षेत्राधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक की टीम ने रातभर छापा मारा। पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उनकी निशानदेही पर रविवार सुबह करीब नौ बजे कानपुर के गुजैनी थाना क्षेत्र में गंभीरपुर के पास नहर से गयादीन का शव बरामद किया गया।