इंदौर :धनतेरस पर इंदौर के बाजारों में बरसा धन, पांच सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार
दीपावली और धनतेरस पर इंदौर के बाजारों में जमकर धनवर्षा हुई। ऑटोमोबाइल, सराफा और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में ग्राहकों ने दिल खोलकर खरीदारी की। सोने-चांदी के भाव कम होने से बाजार में रौनक बढ़ी और चांदी की खरीदारी ने सोने को पीछे छोड़ दिया।
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इस बार दीपावली की रौनक से इंदौर के बाजार भी दमके। ऑटोमोबाइल सेक्टर और सोने-चांदी के कारोबार में पांच सौ करोड़ रुपये से ज्यादा का व्यापार हुआ। इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की भी खूब बिक्री हुई। इस बार धनतेरस पर सोने और चांदी के भाव कम थे। इसका सकारात्मक असर बाजार पर देखने को मिला। लोगों ने सोने के बजाय चांदी की खरीदारी ज्यादा की।
शहर के बाजारों को भी दुल्हन की तरह सजाया गया था। शोरूम से लेकर सड़कों पर दीपावली पूजन की सामग्री बेचने वालों तक, हर जगह ग्राहकों की भीड़ उमड़ी। शहर के बाजार धनतेरस पर देर रात तक खुले रहे। शोरूम से रात तक उत्पादों को ग्राहकों के घर पहुंचाने का सिलसिला भी चलता रहा।
दोपहिया वाहन ज्यादा बिके
ऑटोमोबाइल सेक्टर में इस बार अच्छी बिक्री हुई। इस सेक्टर से जुड़े प्रशांत सिसोदिया ने बताया कि टू-व्हीलर सेगमेंट में इस बार अच्छा कारोबार हुआ। इस बार इंदौर संभाग में बारिश कम हुई थी। इस कारण अनुमान लगाया जा रहा था कि ग्रामीण क्षेत्रों से ग्राहक कम आएंगे, लेकिन ग्रामीण ग्राहकी भी कमजोर नहीं रही।
सराफा में बिछा रेड कार्पेट
इंदौर के सराफा क्षेत्र में सुबह 9 बजे से ही दुकानें खुल गई थीं। सराफा बाजार को आकर्षक तरीके से सजाया गया था। ग्राहकों के स्वागत के लिए रेड कार्पेट बिछाया गया था। सराफा की दुकानों में रात तक ग्राहकों की भीड़ नजर आई। अच्छी ग्राहकी को देखते हुए शुक्रवार को सराफा चौपाटी नहीं लगी।
बर्तनों से सजाया बाजार
इंदौर के बर्तन बाजार में लोग खरीदारी करने के साथ ही सजावट देखने भी आते हैं। यहां बर्तनों को एक के ऊपर एक रखकर सजाने की परंपरा बरसों पुरानी है, जिसे व्यापारियों ने इस बार भी निभाया। किसी ने बर्तनों से गेट बनाया, तो किसी ने कोठियों को एक के ऊपर एक रखकर आकर्षक सजावट की।
