यूपी: जीएसटी के आठ साल बाद विभागीय ढांचे में बदलाव की कवायद, नए पदनाम और नई तैनाती का प्रस्ताव; जानिए अपडेट
जीएसटी लागू होने के बाद बढ़ी जिम्मेदारियों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग के कैडर पुनर्गठन का प्रस्ताव भेजा गया है। अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मंच ने कुल पद 3012 से बढ़ाकर 3168 करने की मांग की है। इसके तहत पांच नए संभाग, विशेषज्ञ पद और राजस्व संग्रह के लिए अतिरिक्त कर्मचारी प्रस्तावित हैं।
विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें
जीएसटी के अनुरूप राज्य कर विभाग के कैडर के पुनर्गठन का प्रस्ताव है। अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मंच ने नया ढांचा तैयार कर कमिश्नर राज्य कर डॉ. नितिन बंसल को भेजा है। इसमें अधिकारियों के कुल पद करीब 3012 से बढ़ाकर 3168 करने यानी 156 अतिरिक्त पद सृजित करने की मांग है। चीफ कमिश्नर, स्पेशल कमिश्नर, अपर आयुक्त अपील, अपर आयुक्त ऑडिट, अपर आयुक्त रिसर्च एंड डाटा एनालिसिस और अपर आयुक्त प्रवर्तन के पदनाम प्रस्तावित हैं।
एक जुलाई 2017 को जीएसटी लागू होने के बाद विभागीय जिम्मेदारियां बढ़ी हैं। पहले वस्तुओं की बिक्री पर कर वसूली प्रमुख काम था, अब सेवाओं पर भी कर प्रशासन करना है। अंतरप्रांतीय कारोबार, इनपुट टैक्स क्रेडिट, फर्जी फर्मों, रिफंड और डाटा आधारित जांच के लिए विशेषज्ञ अधिकारियों की जरूरत है। इसलिए 2008 की व्यवस्था पर बनी संरचना बदलने का प्रस्ताव है।
ग्रेड पे के अनुसार 6600 ग्रेड पे वाले उपायुक्त स्तर के पद 496 से बढ़ाकर 572, 5400 ग्रेड पे वाले 964 से 1011 और 7600 ग्रेड पे वाले 157 से 235 करने की मांग है। 4800 ग्रेड पे वाले पद 1275 से घटाकर 1179 होंगे। 8700 ग्रेड पे वाले 77 से 88, 8900 ग्रेड पे वाले 21 से 56 और 10 हजार ग्रेड पे वाले 22 से 27 करने का प्रस्ताव है।
20 जोन बरकरार, पांच नए संभाग बनाने की मांग
मौजूदा 20 जोन बरकरार रखते हुए संभाग 45 से बढ़ाकर 50 करने की मांग है। गौतमबुद्धनगर में एक, लखनऊ में दो, बस्ती और शाहजहांपुर में एक-एक नया संभाग प्रस्तावित है। 20 जोन में प्रशासन के लिए 20 उपायुक्त प्रशासन और 55 जिलों में 55 सहायक आयुक्त प्रशासन के पद की जरूरत बताई गई है।
ज्ञापन में खंडों में राजस्व संग्रह मजबूत करने के लिए 451 संग्रह अमीन, 113 संग्रह पर्यवेक्षक और 40 संग्रह अधीक्षक के पद मांगे गए हैं। संगठनों के मुताबिक, करदाताओं की बढ़ती संख्या और राजस्व लक्ष्य के मद्देनजर फील्ड स्तर पर पर्याप्त अधिकारी-कर्मचारी तैनात करना जरूरी है।