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आईएएफ: इंदरपाल सिंह वालिया ने संभाली वायुसेना के उप प्रमुख की जिम्मेदारी, पूर्वी वायु कमान का जिम्मा किसे?
Sun, 01 Nov 2026 09:40 PM IST
पवन पांडेय
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Sun, 01 Nov 2026 09:40 PM IST
सार
एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ने भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख का पदभार संभाल लिया है। वहीं, एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल पूर्वी वायु कमान के नए प्रमुख बने हैं। वालिया पूर्वी वायु कमान की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, जबकि देसवाल को 3,200 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है।
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एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ने संभाला पदभार
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया ने रविवार 1 नवंबर को भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ) का पदभार संभाल लिया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया मिग-21, मिग-23, मिग-27, जगुआर और सुखोई-30 एमकेआई के सभी संस्करणों को उड़ाने का बेहतरीन अनुभव रखते हैं। पदभार संभालने के अवसर पर रविवार को एयर मार्शल वालिया को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन सभी वीर सैनिकों के बलिदान को नमन किया, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया की नियुक्ति भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव का हिस्सा है। उप प्रमुख के रूप में वह वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व का हिस्सा होंगे। वायुसेना का उप प्रमुख का पदभार संभाल रहे एयर मार्शल वालिया पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर कार्यरत थे। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं।
वर्ष 1988 में 11 जून को उन्होंने भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की लड़ाकू विमान शाखा में कमीशन प्राप्त किया था। लगभग चार दशकों के अपने लंबे करियर में एयर मार्शल वालिया ने कई कमान और स्टाफ संबंधी जिम्मेदारियां संभाली हैं। एयर मार्शल ने अग्रिम पंक्ति के एक लड़ाकू विमान स्क्वाड्रन और ‘टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट’ (टीएसीडीई) की कमान संभाली है। एयर मार्शल वालिया वायुसेना स्टेशन बरेली के एयर ऑफिसर कमांडिंग की जिम्मेदीरी भी निभा चुके हैं।
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एयर मार्शल वालिया ने ब्रिटेन में उन्नत कमान एवं स्टाफ पाठ्यक्रम और बांग्लादेश के राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय से भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इंद्रपाल सिंह वालिया भारतीय वायुसेना के वायु स्टाफ निरीक्षण निदेशालय के प्रमुख रह चुके हैं। उन्होंने जापान और दक्षिण कोरिया स्थित भारतीय दूतावासों में रक्षा अताशे के रूप में सेवाएं दी हैं। एयर मार्शल वालिया पूर्वी वायु कमान में वरिष्ठ वायु कार्मिक अधिकारी के पद पर भी कार्यरत रहे हैं। उन्हें पढ़ाई में विशेष दिलचस्पी है। यही कारण है कि उनके पास रक्षा एवं रणनीतिक अध्ययन में तीन -तीन पीजी डिग्रियां हैं। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2008 में वायु सेना पदक (वीएम) और वर्ष 2018 में अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) से सम्मानित किया गया था। गौरतलब है उन्होंने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का स्थान लिया है, जिन्होंने 31 अक्तूबर को वायुसेना के 29वें प्रमुख का पदभार ग्रहण किया है।
एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल ने पूर्वी वायु कमान के नए प्रमुख का संभाला पदभार
रविवार को एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल ने पूर्वी वायु कमान के नए एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (एओसी-इन-सी) का पदभार संभाल लिया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वह अनुभवी फाइटर पायलट हैं और विभिन्न लड़ाकू विमानों पर 3,200 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव रखते हैं। देसवाल इससे पहले दक्षिण पश्चिमी वायु कमान में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर के पद पर तैनात थे। उन्हें 14 जून 1989 को भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन मिला था। वह नेशनल डिफेंस एकेडमी और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। अपने करियर में उन्होंने दो फ्लाइंग बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग और एक फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वह पाकिस्तान में भारतीय मिशन में एयर अटैची भी रह चुके हैं। उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल और वायु सेना मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
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उन्होंने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन सभी वीर सैनिकों के बलिदान को नमन किया, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। एयर मार्शल इंदरपाल सिंह वालिया की नियुक्ति भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव का हिस्सा है। उप प्रमुख के रूप में वह वायुसेना के शीर्ष नेतृत्व का हिस्सा होंगे। वायुसेना का उप प्रमुख का पदभार संभाल रहे एयर मार्शल वालिया पूर्वी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर कार्यरत थे। वह राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं।
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वर्ष 1988 में 11 जून को उन्होंने भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की लड़ाकू विमान शाखा में कमीशन प्राप्त किया था। लगभग चार दशकों के अपने लंबे करियर में एयर मार्शल वालिया ने कई कमान और स्टाफ संबंधी जिम्मेदारियां संभाली हैं। एयर मार्शल ने अग्रिम पंक्ति के एक लड़ाकू विमान स्क्वाड्रन और ‘टैक्टिक्स एंड एयर कॉम्बैट डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट’ (टीएसीडीई) की कमान संभाली है। एयर मार्शल वालिया वायुसेना स्टेशन बरेली के एयर ऑफिसर कमांडिंग की जिम्मेदीरी भी निभा चुके हैं।
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एयर मार्शल वालिया ने ब्रिटेन में उन्नत कमान एवं स्टाफ पाठ्यक्रम और बांग्लादेश के राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय से भी प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इंद्रपाल सिंह वालिया भारतीय वायुसेना के वायु स्टाफ निरीक्षण निदेशालय के प्रमुख रह चुके हैं। उन्होंने जापान और दक्षिण कोरिया स्थित भारतीय दूतावासों में रक्षा अताशे के रूप में सेवाएं दी हैं। एयर मार्शल वालिया पूर्वी वायु कमान में वरिष्ठ वायु कार्मिक अधिकारी के पद पर भी कार्यरत रहे हैं। उन्हें पढ़ाई में विशेष दिलचस्पी है। यही कारण है कि उनके पास रक्षा एवं रणनीतिक अध्ययन में तीन -तीन पीजी डिग्रियां हैं। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2008 में वायु सेना पदक (वीएम) और वर्ष 2018 में अति विशिष्ट सेवा पदक (एवीएसएम) से सम्मानित किया गया था। गौरतलब है उन्होंने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित का स्थान लिया है, जिन्होंने 31 अक्तूबर को वायुसेना के 29वें प्रमुख का पदभार ग्रहण किया है।
एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल ने पूर्वी वायु कमान के नए प्रमुख का संभाला पदभार
रविवार को एयर मार्शल मेहताब सिंह देसवाल ने पूर्वी वायु कमान के नए एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (एओसी-इन-सी) का पदभार संभाल लिया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वह अनुभवी फाइटर पायलट हैं और विभिन्न लड़ाकू विमानों पर 3,200 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव रखते हैं। देसवाल इससे पहले दक्षिण पश्चिमी वायु कमान में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर के पद पर तैनात थे। उन्हें 14 जून 1989 को भारतीय वायुसेना की फ्लाइंग ब्रांच में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन मिला था। वह नेशनल डिफेंस एकेडमी और नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। अपने करियर में उन्होंने दो फ्लाइंग बेस के एयर ऑफिसर कमांडिंग और एक फाइटर स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वह पाकिस्तान में भारतीय मिशन में एयर अटैची भी रह चुके हैं। उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल और वायु सेना मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।