जेएनयू में खूनी संघर्ष: छात्र पर चापड़ से सिर-चेहरे पर वार, एक आंख की रोशनी गई; हिंसा की वजह लड़की से दोस्ती
जेएनयू के सुरक्षा अधिकारी नवीन यादव ने इस मामले में कहा है कि दो छात्रों के बीच एक महिला मित्र को लेकर लड़ाई शुरू हुई थी। लड़ाई के दौरान, एक छात्र ने कसाई वाला चापड़ निकाला और दूसरे के चेहरे पर हमला कर दिया।
विस्तार
देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के बराक हॉस्टल में एक छात्रा से दोस्ती करने को लेकर दो छात्रों के बीच हुआ विवाद हिंसक हो गया। एक छात्र ने दूसरे छात्र के चेहरे, सिर व शरीर के अन्य अंगों पर गड़ासे (चापड़) से हमला कर दिया। इससे छात्र सौरभ गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर, हाथ व आंख में चोटें लगीं। उसे एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। सौरभ की एक आंख की रोशनी चली गई है। दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अमित गोयल ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच जोर-शोर से शुरू कर दी गई है।
सौरभ की थी लड़की से दोस्ती
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस हिंसक विवाद में आरोपी छात्र अजय समेत चार छात्र घायल हो गए। दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार पीड़ित छात्र सौरभ जेएनयू से भाषा की पढ़ाई रह रहा है और वह द्वितीय वर्ष का छात्र है। उसकी जेएनयू से ही पढ़ाई कर रही छात्रा से दोस्ती थी।
सौरभ और लड़की की दोस्ती से थी अजय को आपत्ति
जेएनयू के छात्र अजय को इस दोस्ती पर आपत्ति थी। वह जेएनयू से एमए कर रहा है और द्वितीय वर्ष का छात्र है। छात्रा से दोस्ती को लेकर सौरभ व अजय में गुरुवार को झगड़ा हो गया। जल्द ही ये झगड़ा हिंसक हो गया और अजय ने सौरभ पर चापड़ से हमला कर दिया। सौरभ के सिर, हाथ और आंख आदि जगहों पर गंभीर चोटें लगी हैं। उसे एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया। यहां पर डाक्टरों ने पुलिस को बताया कि सौरभ की एक आंख की रोशनी चली गई है और अब इस आंख से नहीं देख पाएगा। शनिवार शाम तक सौरभ का ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है।
पुलिस ने दर्ज किया केस
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अजय को भी चोटें लगी हैं। उसे भी ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। इस मामले में सौरभ की दोस्त छात्रा ने पुलिस को शिकायत दी। छात्रा की शिकायत पर वंसतकुंज (नार्थ) थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत शुक्रवार को प्राथमिकी दर्ज कर ली। हालांकि इस मामले में शनिवार शाम तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया था। इस घटना से जेएनयू प्रशासन व छात्र सकते में हैं।
सुरक्षा अधिकारी ने क्या कहा?
जेएनयू के सुरक्षा अधिकारी नवीन यादव ने इस मामले में कहा है कि दो छात्रों के बीच एक महिला मित्र को लेकर लड़ाई शुरू हुई थी। लड़ाई के दौरान, एक छात्र ने कसाई वाला चापड़ निकाला और दूसरे के चेहरे पर हमला कर दिया। इससे उसकी आंख सहित गंभीर चोटें आईं है। हमलावर छात्र भी घायल हुआ है।
10 छात्र घायल हुए हैं
जेएनयू विश्वविद्यालय ने मुख्य प्रॉक्टर कार्यालय को एक रिपोर्ट सौंपी है और प्राथमिकी के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की उम्मीद है। पुलिस और जेएनयू के अनुसार, सभी चार घायल व्यक्ति छात्र थे। हालांकि, एम्स के बयान में इस हिंसा में 10 लोगों के शामिल होने का उल्लेख किया गया है, जो यह दर्शाता है कि एक कमरे के भीतर शुरू हुई हिंसा बाद में गुटों की लड़ाई में बदल गई थी। एम्स ने मीडिया से कहा कि एक छात्र व 10 अन्य घायलों को लाया गया था। छात्र की दाहिनी आंख, नाक, चेहरे और कंधों पर गंभीर चोटें आईं और कई फ्रैक्चर हुए। उसकी सर्जरी की गई है।
इन छात्रों पर हुई कार्रवाई
जेएनयू प्रॉक्टर ऑफिस ने इस मामले में एमए की पढ़ाई करने वाले छात्र अजय सिंह भदौरिया, छात्र सनी कांत कुमार, एक छात्रा और बीए स्टूडेंट सौरभ सिंह को निष्कासित कर दिया है। साथ ही प्रॉक्टोरियल जांच प्रक्रिया के पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से कैंपस से भी बैन कर दिया है।