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बिहार में गंडक नदी का कहर: तड़के तीन बजे रिंग बांध टूटा, तीन दर्जन गांवों में घुसा बाढ़ का पानी

Tue, 29 Sep 2026 01:19 PM IST
तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्वी चंपारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्वी चंपारण Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो Updated Tue, 29 Sep 2026 01:19 PM IST
सार

पूर्वी चंपारण के अरेराज प्रखंड में गंडक नदी के दबाव के बीच मंगलवार तड़के करीब तीन बजे सरेया पंचायत के पांडेय टोला के पास रिंग बांध टूट गया। बांध टूटते ही पानी तेजी से आसपास के गांवों और खेतों में फैल गया। करीब तीन दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं, जबकि सैकड़ों एकड़ में लगी फसल डूब गई है।

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Gandak River Wrath in Bihar Ring Dam Breaches at 3 AM Floodwaters Submerge Over Three Dozen Villages
रिंग बांध टूटते ही गांवों और खेतों में पानी भरा - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

पूर्वी चंपारण जिले के अरेराज प्रखंड में गंडक नदी के दबाव के बीच सरेया पंचायत के पांडेय टोला के पास मंगलवार की अहले सुबह करीब तीन बजे रिंग बांध टूट गया। बांध टूटते ही गंडक नदी का पानी तेजी से आसपास के गांवों और खेतों में फैलने लगा। देखते ही देखते करीब तीन दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। सैकड़ों एकड़ में लगी फसल पानी में डूब गई है। अचानक बाढ़ का पानी फैलने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी की स्थिति बनी हुई है।
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सोमवार शाम से ही शुरू हो गया था रिसाव
ग्रामीणों के अनुसार, रिंग बांध में सोमवार शाम से ही रिसाव शुरू हो गया था। रिसाव की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने संभावित खतरे को देखते हुए बांध की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग से बांध की मरम्मत के लिए आवश्यक बैग उपलब्ध कराने की मांग की गई, लेकिन समय रहते पर्याप्त सामग्री उपलब्ध नहीं हो सकी। रात में पानी का दबाव बढ़ने के बाद बांध का एक हिस्सा टूट गया और पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ गया।
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तीन दर्जन गांव बाढ़ की चपेट में
बांध टूटने से मिश्रौलिया, चटिया बड़हरवा, सरेया, पिपरा, नगदहा और चटिया चितमनपुर समेत करीब तीन दर्जन गांव प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई गांवों के आसपास पानी का फैलाव बढ़ता जा रहा है। खेतों में पानी भर जाने से धान समेत अन्य फसलों के डूबने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। ग्रामीणों के सामने मवेशियों और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की चुनौती भी खड़ी हो गई है।
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तीन जगहों पर सामुदायिक किचेन शुरू
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए तीन स्थानों पर सामुदायिक किचेन शुरू कराया है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और अनावश्यक रूप से बाढ़ के पानी में नहीं जाने की सलाह दी जा रही है।

ग्रामीणों ने तत्काल मरम्मत की मांग की
ग्रामीणों ने टूटे रिंग बांध की तत्काल मरम्मत कराने और पानी के फैलाव को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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