बन गई हैं आंखों की सबके नूर बेटियां/ देश में हो गईं मशहूर बेटियां/दीपा हो या दूती या साक्षी या सिंधू/ जन्म से होती हैं बहादुर ये बेटियां/ समाज के नियमों से अब तक थीं मजबूर बेटियां/ बदलेंगी एक दिन दुनिया का दस्तूर बेटियां/ सफर अभी शुरू हुआ है समझना ना मंजिल इसे/ जाना है तुम्हें अब बहुत दूर बेटियां...। यह पंक्तियां वाराणसी के सोनारपुरा की उन तीन सगी बहनों पर सटीक बैठती हैं, जिन्होंने मिर्जापुर के लखनिया दरी (जल प्रपात) में सात सदस्यीय फ्रांसीसी दल के साथ घूमने गईं विदेशी युवतियों के साथ छेड़खानी और हमला करने वाले मनबढ़ युवकों के छक्के छुड़ा दिए।
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खास बात यह है कि इन बहादुर बहनों न तो मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण लिया है न तो कभी एनसीसी में ही रहीं। केवल अपने साहस और सूझबूझ के बल पर तीनों बेटियां 12 मनबढ़ युवकों को पर भारी पड़ गईं।
देखें वीडियोः देश की इन तीन बेटियों ने बचाई विदेशी लड़कियों की आबरू
यूपी के मिर्जापुर स्थित लखनिया दरी जलप्रपात के पास सात विदेशी मेहमानों के साथ घूमने गईं तीन बहनों की हिम्मत और दिलेरी हर घर की बेटियों के लिए मिसाल बन गई है। उन्होंने फ्रांसीसी दल की चार महिलाओं की तो इज्जत बचाई ही, लाठियां-कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलों से हमला करने वाले युवकों को अपनी बहादुरी से भागने के लिए मजबूर कर दिया।
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लड़कियों के कमर पर हाथ रखना चाहता था बदमाश
खुद लाठियां खाईं, विदेशी मेहमानों को नहीं आने दी खरोंच
- फोटो : अमर उजाला
तीनों बहनों ने लाठियां खाईं लेकिन एक भी विदेशी मेहमान पर खरोंच तक नहीं आने दी। वाराणसी के सोनारपुरा के धोबियाना के पास रहने वाले होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. जयंत दत्ता की तीन बेटियां हैं।
इनमें बीएचयू में मनोविज्ञान विषय से बीए ऑनर्स करने वाली रिया दत्ता, आशा महाविद्यालय से बीकॉम कर रही मिली दत्ता और दुर्गाचरण बालिका इंटर कॉलेज की 12वीं की छात्रा तानिया दत्ता। रविवार को तीनों अपने चाचा नितिन डे के साथ फ्रांसीसी दल के सात सदस्यों को लेकर लखनियां दरी घूमने गई थीं।
तानिया उन क्षणों को याद कर सिहर जाती है। बताती है कि दोपहर बाद 3:20 बजे थे। चूड़ा-मटर और ड्राई फ्रूट खाने और दरी के दृश्यों की फोटोग्राफी करने के बाद सभी क्रूजर पर सवार होने के लिए निकले थे।
सबसे आगे बड़ी बहन रिया फ्रांसीसी दल के जाम्पियर, क्लेयर बर्नार, पैट्रिक और पैतेस्थिया और डॉमिनिक के साथ चल रही थी। इनके बाद मिली अकेली आगे बढ़ रही थी, जबकि वह खुद फ्रांसीसी युवती लैला के साथ सबसे पीछे चल रही थी।
इसी दौरान नशे की हालत में छह युवक उनके पीछे दौड़े हुए आए और लैला संग सेल्फी खिंचवाने की जिद करने लगे। लैला के मना करने पर उनमें से विवेक नामक युवक बीच में आकर चलने लगा।
उसने एक हाथ लैला की कमर पर और दूसरा तानिया की कमर पर रखने की कोशिश की। इस पर तानिया ने उसके गाल पर तमाचा जड़ दिया। इतने में रिया और मिली भी दौड़ पड़ीं। लड़के बौखला गए और मारपीट करने लगे।
बचा ली ‘अतुल्य भारत’ की साख
फ्रांसीसी नागरिक के साथ मनबढ़ो से लोहा लेने वाली साहसी बेटियां
- फोटो : अमर उजाला
विवाद देख पास में ही खाना बना रहे कुछ सैलानियों के हस्तक्षेप पर युवक पर्यटन विभाग के स्लोगन ‘अतुल्य भारत’ पर अभद्र टिप्पणी करते हुए आगे बढ़ गए। दरी के गेट पर पहुंचने पर फ्रांसीसी दल के सदस्यों को लेकर तीनों बहने पास के ही ढाबे में चाय पिलाने लगीं।
इसी बीच पहले वाले छह युवकों ने छह और लोगों को वहां बुला लिया। कुछ देर में ही इन सभी रॉड-डंडे के साथ ढाबे को घेर लिया। इनमें से कुछ ने नितिन को खींचा और पीटने लगे। उनके सिर पर लाठी पड़ते ही खून निकलने लगा।
इतने में तानिया ने वहां पड़ी कोल्ड ड्रिंक्स की बोतल से एक हमलावर पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। रिया और मिली आसपास पड़े ईंट-पत्थरों से मुकाबला करने लगीं।
लड़कियों का साहस देख आसपास के लोगों की भीड़ जुटते ही युवक भागने लगे लेकिन तीनों बहनों ने उनमें से एक इमरान को दौड़ाकर पकड़ लिया। कुछ देर बाद मौके पर पुलिस आ गई। अहरौरा थाने में रिया ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
लखनिया दरी जल प्रपात पर न तो पर्यटकों के लिए सुरक्षा व्यवस्था है न ही मामूली पर्यटन सुविधाएं। वहां मोबाइल नेटवर्क तक नहीं मिलता। रिया दत्ता बताती हैं कि हमलावरों से घिरने के बाद उसने कई बार पुलिस की मदद लेने के लिए 100 नंबर पर डायल किया।
नेटवर्क न होने से फोन नहीं लगा। आसपास के लोगों ने बताया कि वहां टॉवर न होने की वजह से नेटवर्क नहीं मिलता। रिया का कहना है कि वहां किसी पर्यटक के साथ कोई मुसीबत न आए, वरना वह किसी को पुकार भी नहीं लगा सकता। वहां सैकड़ों लोग रोज घूमने जाते हैं लेकिन सुरक्षा के नाम पर एक भी पुलिस कर्मी या होमगार्ड की तैनाती नहीं है।