बस्ती। इलाज में लापरवाही से प्रसूता की मौत के मामले में दोषी डॉक्टरों और स्टाफ
नर्सों पर कार्रवाई न होने से नाराज राष्ट्रीय लोकदल के पदाधिकारियों ने
मंगलवार को डीएम कार्यालय पर धरना दिया। दोषियों पर मुकदमा दर्ज कर
कार्रवाई और नवजात शिशु के भरण पोषण की व्यवस्था किए जाने की मांग की गई।
छह फरवरी की सुबह लालगंज थाने के रामपुर गायघाट गांव के ओंकार की पत्नी
गुड़िया की महिला अस्पताल में प्रसव के बाद मौत हो गई थी। राष्ट्रीय लोकदल
के संगठन सचिव के आह्वान पर धरना दिया गया।
मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश
चौधरी ने कहा कि महिला अस्पताल में आए दिन डॉक्टर और नर्सों की लापरवाही से
जच्चा-बच्चा की जान चली जाती है। किसी पर कार्रवाई न होने से इनके हौसले
बढ़े रहते हैं। कहा कि इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो साथ ही नवजात शिशु के
भरण पोषण की व्यवस्था हो।
जिलाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह ने परिवार की
सुरक्षा की मांग की। महासचिव पारसनाथ पांडेय ने कहा कि यदि कार्रवाई जल्द
नहीं हुई तो पार्टी सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेगी। दिवंगत गुड़िया के भाई और
रालोद नेता ने कहा कि मौत के बाद तहरीर दी गई। लेकिन पुलिस ने अभी तक
मुकदमा तक दर्ज नहीं किया।
उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और
नर्सों के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर कठोर कार्रवाई की मांग की। अंत
में छह सूत्रीय मांगपत्र जिला प्रशासन को दिया गया।
धरने में
उपाध्यक्ष श्रीराम मौर्य, विधानसभा महादेवा के अध्यक्ष रामनाथ चौधरी, युवा
अध्यक्ष प्रशांत कुमार, प्रेमसागर, रमाकांत, सोनू, जवाहिर, वीरेंद्र कुमार,
सुनील कुमार, त्रिलोकीनाथ, ओमकार, रामभवन, रामलखन, रिंकल, दुर्गाप्रसाद,
गयादीन, दिनेश चंद्र, करुण, निर्मला, मुनक्का, अंजनी, गुजराती, धमेंद्र
कुमार, सत्यदेव, जोखन प्रसाद, मालती, सीतापति, महुआ, सुनीता, शकुंतला,
शीला, गीता, ऊषा, ज्ञानमती, आराधना, किसमती, विद्या, अनारकली आदि मौजूद
रहे।