रेवती (बलिया)। पुलिस की पिटाई से कामजी गोंड़ की मौत के मामले में पुलिस पर फिर से परिजनों ने आरोप लगाए हैं। कामजी के पुत्र विशाल और भतीजे सन्नी ने बताया कि वाराणसी से शव को बलिया लाए जाने के दौरान फेफना के पास पुलिस ने शव वाहन को रोक लिया तथा गड़वार मार्ग पर शव अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया।
दोनों ने ये बातें समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष एवं विधायक संग्राम सिंह यादव के सामने कहीं। सपा पार्टी का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को गायघाट में कामजी गोंड़ के परिजनों से मिलने पहुंचा था। विशाल तथा भतीजे सन्नी ने बताया कि आठ जुलाई को उन्होंने एसआई सचिन सरोज एवं सिपाही अंकित सिंह के व्हाट्सएप पर घटना की सूचना भेजने के साथ ही जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। 8 से 10 जुलाई तक प्रशासन निष्क्रिय बना रहा। परिजनों का यह भी आरोप है कि कामजी गोंड़ की मौत की सूचना मिलने के बाद रेवती पुलिस पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गई।
परिजनों ने प्रतिनिधिमंडल को जिला अस्पताल की रेफर पर्ची भी दिखाई, जिसमें बीमारी संबंधी कॉलम में फिजिकल असॉल्ट अंकित होने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले की विवेचना कर रही क्षेत्राधिकारी मंजरी राव निष्पक्ष जांच के बजाय मामले को प्रभावित करने का प्रयास कर रही हैं तथा पुराने मामलों में जेल भेजने की धमकी दे रही हैं। वहीं परिवार की महिलाओं ने भी आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने परिजनों को आश्वस्त किया कि समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है और पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार कर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भेजी जाएगी। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में बैरिया विधायक जेपी अंचल, बलिया सांसद के पुत्र रामेश्वर पांडेय, सलेमपुर सांसद के पुत्र शुभम राजभर, सपा अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व्यास गोंड़, समाजवादी बाबा साहेब अंबेडकर वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिठाई लाल भारती आदि मौजूदरहे।
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गवई राजनीतिक रंजिश में फर्जी रूप से प्रधान को फंसाने का आरोप
आरोपी के छोटे भाई ने जांच अधिकारी को सौंपा वीडियो
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवती। कामजी गोंड़ की मौत के मामले में आरोपी प्रधान के भाई विक्की सिंह ने पंचायत चुनाव को लेकर गवई राजनीतिक की रंजिश में फर्जी तौर पर फंसाने का आरोप लगाया है। पूरे मामले की जांच की मांग की है।
उन्होंने एक वीडियो वायरल कर घटना के दिन प्रधान को थाना क्षेत्र से बाहर रहने का दावा किया है। उन्होंने वीडियो को जांच अधिकारी सीओ लाइन को सौंपा। भाई व आरोपी पुलिसकर्मी के बीच किसी तरह की बातचीत न होने व कॉल डिटेल की जांच करने के लिए कहा है।
थाना क्षेत्र के गायघाट गांव के लाला टोला निवासी कामजी गोंड़ की मौत के मामले में पुलिस की पिटाई से मौत होने का आरोप है। इस मामले में पुलिस ने प्रधान आशुतोष शंकर सिंह, दरोगा, कांस्टेबल सहित छह लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच सीओ लाइन मंजरी राव कर रही हैं। वहीं, मजिस्ट्रियल जांच एडीएम अनिल कुमार कर रहे हैं।
प्रधान के भाई विक्की सिंह ने बताया कि घटना के दिन प्रधान भरौली स्थित दुकान के लिए आबकारी विभाग के शराब के गोदाम से शराब लोड कराकर भरौली चले गए और रात 12 बजे लौटे। रेवती थाना के एक कांस्टेबल का फोन आया था, जिसमें उसने थाने पर पूछताछ के लिए लाए गए एक व्यक्ति को थाने से घर पहुंचाना के बारे में कहा।