ट्रस्ट के अनुसार 31 मार्च 2026 तक रामलला को कुल 582 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्राप्त हुआ। इसमें से 391 करोड़ रुपये संचालन व्यय पर खर्च किए गए हैं। वहीं निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस दान से प्राप्त 3264 करोड़ रुपये में से 2370 करोड़ रुपये मंदिर निर्माण एवं पूंजीगत कार्यों पर व्यय किए जा चुके हैं। शेष राशि ट्रस्ट के बैंक खातों में सुरक्षित है। ट्रस्ट ने दावा किया कि वित्तीय विवरण समय-समय पर सार्वजनिक किए जाते रहे हैं।
कानून के अनुसार आगे बढ़ रहा पूरा मामला
ट्रस्ट ने कहा कि एसआईटी का कार्य केवल दोषियों की पहचान तक सीमित नहीं है। जांच दल यह भी सुझाव देगा कि ट्रस्ट की व्यवस्थाओं में कौन-कौन से सुधार किए जाएं, जिससे चढ़ावा गणना और वित्तीय प्रबंधन की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी तथा जवाबदेह बन सके। ट्रस्ट ने दोहराया कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी आवश्यक सुधार लागू किए जाएंगे।
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी व गबन के मामले में विवेचक आशुतोष तिवारी ने तीन आरोपियों की सात दिन के लिए रिमांड की मांग की है। विशेष न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट में उन्होंने आरोपी लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा व करुणेश पांडेय को पुलिस अभिरक्षा (कस्टडी) में देने का प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया है।
विशेष अभियोजन अधिकारी ने रिमांड प्रार्थना पत्र के बिंदुओं पर अदालत को बताया कि जेल में निरुद्ध आरोपियों ने विवेचक को बयान दिए हैं, जिनमें नए तथ्य आए हैं। इनकी सत्यता की जांच के लिए आरोपियों को पुलिस कस्टडी में सात दिन का रिमांड दिया जाना आवश्यक है। वहीं, आरोपियों की ओर से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से नियुक्त लीगल एड डिफेंस काउंसिल डिप्टी चीफ ने कहा कि आज ही वह आरोपियों की ओर से पैरवी के लिए नियुक्त हुए हैं। इस पर अदालत ने रिमांड प्रार्थना पत्र सुनवाई के लिए मंगलवार की तारीख नियत की है।
शनिवार को मांगी थी बयान दर्ज करने की अनुमति
चढ़ावा चोरी मामले में विशेष अभियोजन अधिकारी के माध्यम से विवेचक ने जेल में निरुद्ध पांच आरोपियों से उनका बयान दर्ज करने के लिए शनिवार को अनुमति मांगी थी। इस पर कोर्ट ने जेल में जाकर बयान लेने के लिए अनुमति दी थी। दो जुलाई को विवेचक ने आरोपी अविनाश शुक्ला की 48 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी थी। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अदालत के विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा ने केवल 13 घंटे के लिए ही अनुमति दी थी। उस दौरान अविनाश के कब्जे से एक कार व कई आभूषण बरामद हुए थे। उसकी निशानदेही पर चढ़ावा चोरी की रकम के बंटवारे का स्थान भी चिह्नित किया गया था। सभी आरोपी 26 जून से जिला कारागार में निरुद्ध हैं।