जम्मू-कश्मीर में 2015 का गणतंत्र दिवस कई मायनों में खास रहा। बीते दस सालों में यह गणतंत्र दिवस कश्मीर घाटी के लिए अलग खबर लेकर आया। दस साल बाद पहली बार गणतंत्र दिवस के मौके पर घाटी में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद नहीं की गईं। कश्मीर में बख्शी स्टेडियम गणतंत्र दिवस की परेड का आयोजन किया गया।
दस सालों से परेड के दौरान मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया जाता था लेकिन इस बार परेड के दौरान इन सेवाओं को बंद नहीं किया गया। 2005 में गणतंत्र दिवस की परेड के दौरान आतंकियों ने बख्शी स्टेडियम के बाहर मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए बम धमाका किया था।
इसके बाद से ही सुरक्षा एजेंसिया परेड के दौरान मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं को कुछ देर के लिए बंद कर दिया करती थीं। बता दें कि 2008 में अमरनाथ जमीन आंदोलन के दौरान थी घाटी में एसएमएस सेवाओं को बंद कर दिया गया था। 2010 में संसद पर आतंकी हमले के आरोपी मोहम्मद अफजल गुरू को फांसी दिए जाने के बाद भी घाटी में मोबाइल सेवाओं को बंद किया गया था।
इसके बाद पोस्ट पेड मोबाइल नंबरों पर एसएमएस सेवा कुछ महीनों के बाद ही शुरू कर दी गई थी लेकिन प्रीपेड नंबरों पर एसएमएस सेवा बीते साल मई में शुरू की गई।