राणा माजरा में तीन दिवसीय तब्लीगी इज्तिमा का आगाज, फज्र की नमाज के साथ शुरू हुआ समागम
संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली (पानीपत)। यमुना से सटे राणा माजरा में शनिवार को तीन दिवसीय तब्लीगी इज्तिमा का धार्मिक माहौल में आगाज हुआ। तड़के चार बजे फज्र की नमाज के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। दिनभर पांच वक्त की नमाज अदा की गई। देश-विदेश से पहुंचे अकीदतमंदों ने पूरी आस्था और अनुशासन के साथ इसमें भाग लिया। पानीपत में पहली बार आयोजित हो रहे इस विशाल धार्मिक समागम को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और दूर-दराज से आए लोगों में उत्साह है।
इज्तिमा के मुख्य वक्ता दिल्ली स्थित निजामुद्दीन मरकज की बंगले वाली मस्जिद के मौलाना साद रहे। उन्होंने लोगों से पांच वक्त की नमाज का पाबंद बनने और हमेशा अच्छाई के रास्ते पर चलने की अपील की। उन्होंने कुरान की शिक्षाओं पर अमल करने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज में नफरत की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। नफरत का जवाब मोहब्बत, समझदारी और अमन से देना चाहिए। युवाओं को संदेश दिया कि किसी भी परिस्थिति में कानून हाथ में न लें और हर विवाद का समाधान संविधान व कानून के दायरे में रहकर करें।
दीनी के साथ आधुनिक शिक्षा पर भी जोर
इज्तिमा में धार्मिक शिक्षा के साथ आधुनिक शिक्षा और उच्च नैतिक मूल्यों को अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि नई पीढ़ी को इस्लामी शिक्षाओं के साथ आधुनिक ज्ञान देना समय की जरूरत है। शिक्षा से समाज में जागरूकता और तरक्की के रास्ते खुलते हैं। इसके अलावा व्यापार और कारोबार में सच्चाई, ईमानदारी और हलाल रोजी कमाने का संदेश दिया गया। कहा गया कि ईमानदारी से किया गया कारोबार स्वस्थ समाज और आर्थिक स्थिरता की मजबूत बुनियाद है।
180 एकड़ में किए गए इंतजाम, सुरक्षा के कड़े प्रबंध
तीन दिवसीय इज्तिमा 31 अक्तूबर से दो नवंबर तक चलेगा। आयोजन के लिए करीब 180 एकड़ जमीन पर व्यवस्थाएं की गई हैं, जबकि 60 एकड़ में विशाल टेंट लगाया गया है। सनौली ब्लॉक के छह गांवों के लोग सेवाभाव से व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं। दूर-दराज से आने वाले अकीदतमंदों के लिए पेयजल, वजूखाना, खानपान और ठहरने के इंतजाम किए गए हैं।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। आयोजन स्थल पर पीसीआर और डायल-112 वाहनों की तैनाती की गई है। इज्तिमा के दौरान इस्लाम के बुनियादी सिद्धांतों पर चर्चा होगी। अंतिम दिन दो नवंबर को देश में अमन-चैन, भाईचारे और इंसानियत के लिए सामूहिक विशेष दुआ की जाएगी।