बैतूल जिले के दुनावा क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार किस कदर बेलगाम हो चुका है, इसकी बानगी सामने आई है। यहां शराब ठेकेदारों के बजाय घर-घर में अवैध शराब का भंडारण और बिक्री होने का आरोप है। इसके खिलाफ अब महिलाओं ने खुद मोर्चा संभाल लिया है।
स्वयंसिद्धा मातृशक्ति जन कल्याण संगठन दुनावा की महिलाओं ने डायल 112 की गाड़ी के सामने खड़े होकर अपनी पीड़ा जाहिर की। महिलाओं का आरोप है कि उनके गांव और ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों में अवैध रूप से शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है।
महिलाओं ने बताया कि उन्होंने आज खुद अभियान चलाकर राधे पवार और मनोहर साहू के घर से अवैध शराब बरामद की। वहीं, मोती नगर में पांच घरों से करीब 10 लीटर कच्ची शराब और दो से तीन बोरी खाली बोतलें मिलीं। महिलाओं का कहना है कि बरामद शराब को पुलिस चौकी में जमा करा दिया गया है, लेकिन अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
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महिलाओं ने लगाया जहरीली शराब से मौतों का आरोप
महिलाओं ने सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव में बिकने वाली शराब केमिकल युक्त है। संगठन की ओर से चौकी प्रभारी को सौंपे गए लिखित ज्ञापन में कहा गया है कि इस जहरीली शराब के सेवन से गांव के कई लोगों की असमय मृत्यु हो चुकी है। महिलाओं का कहना है कि शराब की लत के कारण आए दिन घरों में झगड़े हो रहे हैं और परिवार तबाह हो रहे हैं। दो महिलाएं तो अपने पतियों की प्रताड़ना से तंग आकर मां-बेटी सहित घर छोड़ने को मजबूर हो गई हैं।
महिलाओं ने कहा- बच्चों का भविष्य हो रहा खराब
महिलाओं ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि वे गांव में चैन से नहीं रह पा रही हैं। मोहल्ले में रोज झगड़े होते हैं, जिससे उनके बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। संगठन की महिलाओं ने ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि गांव में चल रही समस्त अवैध शराब बिक्री को जल्द से जल्द बंद कराया जाए और इस कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि पुलिस इन महिलाओं की गुहार पर क्या कार्रवाई करती है और दुनावा क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लग पाती है या फिर महिलाओं की यह शिकायत भी फाइलों में दबकर रह जाएगी।