करेंसी चेस्ट मामला: 17.29 करोड़ के जाली नोट मिलने के बाद कार्रवाई, PNB के 14 कर्मचारियों का दक्षिण भारत तबादल
सहारनपुर की पीएनबी करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के मामले में 14 कर्मचारियों का दक्षिण भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानांतरण किया गया है। मामले की जांच एनआईए कर रही है।
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सहारनपुर की पंजाब नेशनल बैंक (PNB) करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के मामले में बैंक स्तर पर बड़ी कार्रवाई हुई है। करेंसी चेस्ट और पंजाब नेशनल बैंक के कुल 14 कर्मचारियों का दक्षिण भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानांतरण कर दिया गया है।
इस मामले की जांच पहले एसआईटी कर रही थी, लेकिन तीन सितंबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच अपने हाथ में ले ली थी। एनआईए अब तक सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, जाली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे, इसका स्रोत अभी सामने नहीं आ सका है।
17.29 करोड़ के जाली नोट मिलने के बाद 14 कर्मचारियों का तबादला
सहारनपुर की पंजाब नेशनल बैंक करेंसी चेस्ट में जाली नोट मिलने के मामले में बैंक ने कार्रवाई की है। करेंसी चेस्ट और पंजाब नेशनल बैंक के 14 कर्मचारियों का स्थानांतरण दक्षिण भारत के अलग-अलग क्षेत्रों में कर दिया गया है। यह कार्रवाई मामले में जांच और गिरफ्तारियों के बाद हुई है।
एलडीएम नवनीत शर्मा ने बताया कि यह मामला उनके कार्यक्षेत्र का नहीं है। कर्मचारियों के स्थानांतरण की कार्रवाई सर्किल कार्यालय या मेरठ से की गई है।
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पहले सात करोड़, फिर 17.29 करोड़ रुपये के मिले थे जाली नोट
29 अगस्त को नोडल अधिकारी अरुण कुमार चौबे ने तहरीर देकर करेंसी चेस्ट में जाली नोट मिलने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें प्रबंधक अमित कुमार, सुशील कुमार और मंडल प्रबंधक रवि कुमार कांसे के नाम शामिल थे। कोतवाली सदर बाजार में मामला दर्ज किया गया था।
शुरुआत में करेंसी चेस्ट में सात करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने की जानकारी सामने आई थी। अगले दिन यह आंकड़ा बढ़कर 17.29 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसके बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी।
तीन सितंबर को NIA ने अपने हाथ में ली जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सितंबर को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच अपने हाथ में ले ली। इसके बाद एजेंसी ने कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें प्रबंधक अमित कुमार, चालक आदेश चौधरी, मुकेश कुमार, राजेंद्र कुमार, नीटू, अजय कुमार और हरीश रौंटा शामिल हैं। वहीं, नामजद आरोपी सुशील कुमार और रवि कुमार कांसे अभी एनआईए की पकड़ से बाहर बताए गए हैं।
अब तक नहीं पता चला जाली नोटों का स्रोत
करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये के जाली नोट मिलने के मामले में गिरफ्तारियां और कर्मचारियों के तबादले जैसी कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे। जाली नोटों के स्रोत का पता लगाना जांच एजेंसी के सामने अहम सवाल बना हुआ है।