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Meerut News: सपाईयों को दिल्ली जाने से रोका, खींतनात, हंगामा
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पूर्व मंत्री प्रभुदयाल वाल्मीकि को आवास से बाहर निकलते ही पुलिस ने रोका
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर रविवार को दिल्ली कूच कर रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। पूर्व मंत्री प्रभु दयाल वाल्मीकि के नेतृत्व में कार्यकर्ता दिल्ली जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें उनके आवास के बाहर ही रोक लिया। इसे लेकर काफी खीचतान भी हुई।
पुलिस ने उच्चाधिकारियों के निर्देश का हवाला देते हुए दिल्ली जाने की अनुमति नहीं दी। पूर्व मंत्री प्रभु दयाल वाल्मीकि के साथ शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह, हुमायूं सिद्दीकी, अमित गुर्जर पाली समेत कई कार्यकर्ता शामिल थे। भारी पुलिस बल ने उन्हें रोका। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी को भी दिल्ली जाने की अनुमति नहीं है। रोके जाने के बाद सभी कार्यकर्ता वापस पूर्व मंत्री के आवास पर पहुंचे। वहां एक सभा का आयोजन किया गया।
तानाशाही का आरोप
सभा में प्रभु दयाल वाल्मीकि ने भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। यह सरासर गलत और निंदनीय है। वाल्मीकि ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान का हनन हो रहा है। सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि किसी को दिल्ली जाने की अनुमति नहीं थी, इसी कारण उन्हें रोका गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर रविवार को दिल्ली कूच कर रहे सपा कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। पूर्व मंत्री प्रभु दयाल वाल्मीकि के नेतृत्व में कार्यकर्ता दिल्ली जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें उनके आवास के बाहर ही रोक लिया। इसे लेकर काफी खीचतान भी हुई।
पुलिस ने उच्चाधिकारियों के निर्देश का हवाला देते हुए दिल्ली जाने की अनुमति नहीं दी। पूर्व मंत्री प्रभु दयाल वाल्मीकि के साथ शिक्षक नेता चौधरी नरेश पाल सिंह, हुमायूं सिद्दीकी, अमित गुर्जर पाली समेत कई कार्यकर्ता शामिल थे। भारी पुलिस बल ने उन्हें रोका। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी को भी दिल्ली जाने की अनुमति नहीं है। रोके जाने के बाद सभी कार्यकर्ता वापस पूर्व मंत्री के आवास पर पहुंचे। वहां एक सभा का आयोजन किया गया।
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तानाशाही का आरोप
सभा में प्रभु दयाल वाल्मीकि ने भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन पर तानाशाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। यह सरासर गलत और निंदनीय है। वाल्मीकि ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान का हनन हो रहा है। सीओ पंकज लवानिया ने बताया कि किसी को दिल्ली जाने की अनुमति नहीं थी, इसी कारण उन्हें रोका गया।
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