{"_id":"6a4bf9f26ef686c24609a698","slug":"the-dream-of-building-a-home-is-grounded-while-prices-are-sky-high-kaushambi-news-c-261-1-kmb1012-144217-2026-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaushambi News: घर बनाने का सपना जमीन पर... दाम आसमान पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaushambi News: घर बनाने का सपना जमीन पर... दाम आसमान पर
विज्ञापन
अनुज जायसवाल सीमेंट विक्रेता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महंगाई की मार घरों की निर्माण सामग्रियों तक पहुंच गई है। सामग्रियों के दाम आसमान में पहुंचने की वजह से लोगों का सपना टूट रहा है। वहीं, मालभाड़ा बढ़ने से सीमेंट, ईंट, सरिया और बालू के दाम 15 से 20 फीसदी बढ़े हैं। मजदूरी में इजाफा होने से घर बनवाना करीब डेढ़ गुना महंगा हो गया है।
कारोबारियों का कहना है कि माल भाड़ा बढ़ने के कारण कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। लोगों पर महंगाई की मार पड़ रही है। ईंट और सरिया विक्रेता मलखान सिंह ने बताया कि डीजल महंगा होने के बाद ट्रक और ट्रैक्टर का भाड़ा बढ़ गया है। इसका असर दुकान पर आने वाली निर्माण सामग्री पर पड़ा है।
दो माह पहले जो ईंटें 5,500 रुपये प्रति हजार में मिल रही थीं, उसकी कीमत अब बढ़कर 6500 रुपये तक पहुंच गई है। सामान्य सरिया 5,000 रुपये प्रति क्विंटल और ब्रांडेड सरिया 6,000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। वहीं, सीमेंट की एक बोरी पर 20 से 50 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन
वर्जन
डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी से घर बनाना महंगा हुआ है। पहले मोरंग की ट्रॉली 3200 रुपये में जाती थी, वह अब 3800 रुपये देने पड़ रहे हैं। गिट्टी की कीमत भी 1020 रुपये प्रति टन से बढ़कर 1280 रुपये प्रति टन तक पहुंच गई है। - जीशान वारसी, बालू-गिट्टी विक्रेता
-- -- -- -- --
तेल के दाम का असर घर निर्माण सामग्रियों पर दिखने लगा है। सीमेंट के दाम प्रति बोरी 20 से 50 रुपये बढ़ गए हैं। इस वजह से ग्राहक कम आ रहे हैं। कई लोगों ने कुछ वक्त के लिए घर बनाना ही टाल दिया है। - अनुज जायसवाल, सीमेंट विक्रेता
विज्ञापन
कारोबारियों का कहना है कि माल भाड़ा बढ़ने के कारण कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। लोगों पर महंगाई की मार पड़ रही है। ईंट और सरिया विक्रेता मलखान सिंह ने बताया कि डीजल महंगा होने के बाद ट्रक और ट्रैक्टर का भाड़ा बढ़ गया है। इसका असर दुकान पर आने वाली निर्माण सामग्री पर पड़ा है।
विज्ञापन
दो माह पहले जो ईंटें 5,500 रुपये प्रति हजार में मिल रही थीं, उसकी कीमत अब बढ़कर 6500 रुपये तक पहुंच गई है। सामान्य सरिया 5,000 रुपये प्रति क्विंटल और ब्रांडेड सरिया 6,000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। वहीं, सीमेंट की एक बोरी पर 20 से 50 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन
वर्जन
डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी से घर बनाना महंगा हुआ है। पहले मोरंग की ट्रॉली 3200 रुपये में जाती थी, वह अब 3800 रुपये देने पड़ रहे हैं। गिट्टी की कीमत भी 1020 रुपये प्रति टन से बढ़कर 1280 रुपये प्रति टन तक पहुंच गई है। - जीशान वारसी, बालू-गिट्टी विक्रेता
तेल के दाम का असर घर निर्माण सामग्रियों पर दिखने लगा है। सीमेंट के दाम प्रति बोरी 20 से 50 रुपये बढ़ गए हैं। इस वजह से ग्राहक कम आ रहे हैं। कई लोगों ने कुछ वक्त के लिए घर बनाना ही टाल दिया है। - अनुज जायसवाल, सीमेंट विक्रेता

अनुज जायसवाल सीमेंट विक्रेता

अनुज जायसवाल सीमेंट विक्रेता