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कानपुर: डिजिटल अरेस्ट कर डॉक्टर से 48 लाख की ठगी, बिहार से एक और आरोपी गिरफ्तार, तीन फोन समेत ये सामन बरामद

Sun, 01 Nov 2026 03:19 PM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Himanshu Awasthi Updated Sun, 01 Nov 2026 03:19 PM IST
सार

Kanpur News: स्वरूप नगर निवासी वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. योगेश चंद्र मिश्रा को ईडी व सीबीआई अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट कर 48 लाख रुपये ठगने के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बिहार के सहरसा से राजीव रंजन नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। ठगी की पूरी रकम इसी के खाते में आई थी। पुलिस ने इसके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

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Kanpur Doctor swindled out of 48 lakh via digital arrest another accused arrested from Bihar
डिजिटल अरेस्ट - फोटो : amar ujala

विस्तार

कानपुर में वरिष्ठ चिकित्सक को ईडी और सीबीआई का अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट करने और 48 लाख रुपये ठगने के मामले में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक और आरोपी को बिहार के सहरसा से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी राजीव रंजन के बैंक खाते में चिकित्सक से ठगी गई करीब 48 लाख रुपये की रकम पहुंची थी। पुलिस ने उसके कब्जे से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

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इस मामले में पहले तीन आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। अब पुलिस ठगी की रकम को आगे भेजने वाले अन्य खातों और गिरोह के सदस्यों की तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक, स्वरूप नगर निवासी वरिष्ठ चिकित्सक योगेश चंद्र मिश्रा को साइबर ठगों ने फोन कर खुद को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का वरिष्ठ अधिकारी बताया था।

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अलग-अलग बैंक खातों में करीब 48 लाख ट्रांसफर करा लिए
अलग-अलग अधिकारियों के नाम पर बातचीत कर उन्हें विश्वास दिलाया गया कि वह गंभीर आपराधिक और वित्तीय अनियमितता के मामले में जांच के दायरे में हैं। इसके बाद गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उन्हें मानसिक दबाव में रखा गया। परिवार के सदस्यों को भी कार्रवाई की धमकी दी गई और किसी से संपर्क न करने की हिदायत दी गई। इसी डर का फायदा उठाकर आरोपियों ने उनसे अलग-अलग बैंक खातों में करीब 48 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।

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पुलिस टीम ने बिहार से आरोपी को किया गिरफ्तार
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर बैंक खातों, मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल लेन-देन की जांच शुरू की। पूर्व में गिरफ्तार तीन आरोपियों से पूछताछ और उनके मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर ठगी की रकम हासिल करने वाले दूसरे खातों की जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान सहरसा के सलखुआ निवासी राजीव रंजन का बैंक खाता सामने आया। जांच में इस खाते में चिकित्सक से ठगी गई करीब 48 लाख रुपये की रकम पहुंचने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने बिहार पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

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फर्जी कंपनी बनाकर खोले थे बैंक खाते
जांच में सामने आया कि गिरोह के सदस्य फर्जी दस्तावेज तैयार कर बैंक खाते खुलवाते थे। इसके लिए आधार और पैन कार्ड समेत दूसरे दस्तावेजों में कूटरचना कर खुद को प्रतापगढ़ का निवासी दर्शाया गया था। इसी आधार पर बाउकोयो कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड नाम से फर्जी कंपनी तैयार कराई गई और प्रतापगढ़ के पते पर उसके नाम से बैंक खाता संचालित किया गया। इस खाते में 15 लेन-देन के जरिये करीब 25 लाख 98 हजार 200 रुपये आए।

चार राज्यों की चार शिकायतों में 1.42 करोड़ की ठगी का सुराग
इसके बाद में 611 लेन-देन के माध्यम से यह रकम अलग-अलग बैंक खातों में भेज दी गई। पुलिस के मुताबिक, इस तरीके से साइबर ठगी की रकम को कई खातों में घुमाकर उसका स्रोत छिपाने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस ने पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन और बैंक खातों का तकनीकी विश्लेषण किया तो पता चला कि इन खातों का इस्तेमाल सिर्फ कानपुर की घटना में ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों में भी साइबर ठगी के लिए किया गया था।

तीन आरोपी पहले हो चुके हैं गिरफ्तार
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर जांच में उत्तर प्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र समेत अन्य स्थानों से संबंधित चार शिकायतें मिलीं।  इनमें जुड़े बैंक खातों के माध्यम से करीब एक करोड़ 42 लाख 68 हजार रुपये की साइबर ठगी की रकम का विवरण सामने आया है। पुलिस अब इन शिकायतों और खातों के बीच संबंधों की जांच कर रही है। इस मामले में पुलिस पहले नवाबगंज निवासी वासु, रायबरेली के आतिश कुमार और कैंट निवासी कंचन प्रजापति को गिरफ्तार कर चुकी है।

यह हुई बरामदगी
विवेचना में कानपुर निवासी मुकुल चौबे का नाम भी सामने आया है। उसे वांछित किया गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन से मिली व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और बैंक खातों के लेन-देन की पड़ताल की जा रही है। गिरफ्तार राजीव रंजन के कब्जे से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस उसके बैंक खाते में आई रकम के आगे हुए हस्तांतरण, अन्य खाताधारकों और गिरोह के दूसरे सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है। गिरफ्तारी साइबर क्राइम थाना प्रभारी अभय कुमार सिंह के नेतृत्व में विवेचक महेंद्र सिंह और उपनिरीक्षक संजीव कुमार की टीम ने की।

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