अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: रोहित खन्ना की जीत से अमेरिका में कांगड़ा के चर्चे, पूर्वजों का तहसील चौक में है मकान
भारतीय मूल के रोहित खन्ना की जीत अमेरिका के लिए ही नहीं, बल्कि कांगड़ा के लिए भी खास मायने रखती है। उनके पूर्वजों का कांगड़ा शहर में तहसील चौक के पास पुराना मकान है।
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भारतीय मूल के रोहित(रो) खन्ना ने कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव फिर जीत लिया है। उनकी इस जीत की चर्चा अमेरिका के साथ हिमाचल प्रदेश में भी हो रही है। भारतीय मूल के रोहित खन्ना की जीत अमेरिका के लिए ही नहीं, बल्कि कांगड़ा के लिए भी खास मायने रखती है। उनके पूर्वजों का कांगड़ा शहर में तहसील चौक के पास पुराना मकान है। उनके पूर्वज कांगड़ा के नूरपुर से संबंध रखते हैं, लेकिन बाद में कांगड़ा में सेटल हो गए थे।
रोहित खन्ना के रिश्तेदार केसी सोनी ने कहा
कांगड़ा में रोहित खन्ना के रिश्तेदार केसी सोनी कहते हैं कि हिमाचल प्रदेश के लिए उनकी सफलता इसलिए चर्चा का विषय है, क्योंकि भारतीय मूल के इस नेता की पारिवारिक पृष्ठभूमि में स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी विरासत है। कांगड़ा से उनके पारिवारिक संबंध को लेकर भी लोगों में उत्सुकता है। अमेरिका में रो खन्ना के नाम से पहचान रखने वाले रोहित का जन्म 13 सितंबर 1976 को अमेरिका के फिलाडेल्फिया शहर में हुआ।
पिता विजय खन्ना व माता ज्योत्सना खन्ना अमेरिका जाकर बस गए थे
उनके पिता विजय खन्ना व माता ज्योत्सना खन्ना बेहतर अवसरों की तलाश में अमेरिका जाकर बस गए थे। रोहित ने शिकागो विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। येल विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई पूरी कर जूरिस डॉक्टर की डिग्री हासिल की। उच्च शिक्षा के बाद उन्होंने वकालत की और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र पढ़ाया। अर्थव्यवस्था, कानून और सार्वजनिक नीतियों की उनकी समझ ने उनके राजनीतिक दृष्टिकोण को आकार दिया।
डीएवी कॉलेज कांगड़ा के संस्थापक थे खन्ना के दादा
रोहित खन्ना के पिता केमिकल इंजीनियर और माता शिक्षण कार्य से जुड़ी थीं। खन्ना को बचपन से ही शिक्षा और सामाजिक जिम्मेदारी का महत्व समझने का अवसर मिला। उनके नाना अमरनाथ विद्यालंकार भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े थे, जबकि दादा सीडी खन्ना डीएवी कॉलेज कांगड़ा के संस्थापक थे।