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200 घरों का सर्वे आठ में मिले डेंगू के लारवा
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जीरकपुर। नगला रोड की बाजीगर कॉलोनी में स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया विंग की टीम ने वीरवार को सर्वे किया। इस दौरान टीम ने कॉलोनी के 200 घरों में वाटर कूलर व कंटेनरों की जांच की गई। इनमें से आठ घरों में लारवा मिला है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से वहां एंटी लारवा मेडिसिन का छिड़काव करवा दिया गया है। वहीं जिन घरों में लारवा मिला है उन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मच्छर जनित बीमारियों के प्रति जागरूक किया। हेल्थ इंस्पेक्टर लखविंदर पाल सिंह ने बताया कि रोजाना मलेरिया विंग की टीम कालोनी वाइज लोगों के घरों में वाटर कूलर व कंटेनरों की चेकिंग कर रही है।
कई घरों का सर्वे कर चुकी है टीम
हेल्थ इंस्पेक्टर लखविंदर पाल सिंह ने बताया कि अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम कई कालोनियों का सर्वे कर चुकी है। इनमें सबसे अधिक लारवा कसोरा में पाया गया है। ये कसोरे अधिकतर घरों या तो गमलों के नीचे या फिर पक्षियों को पानी पिलाने के लिए रखे गए हैं। हेल्थ इंस्पेक्टर ने बताया कि अगर कसोरा में पानी रखा जा रहा है, तो इसे हर सप्ताह बदलें। क्योंकि एक सप्ताह से ज्यादा समय तक पानी एक जगह एकत्रित होने पर लारवा पनपता है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से वहां एंटी लारवा मेडिसिन का छिड़काव करवा दिया गया है। वहीं जिन घरों में लारवा मिला है उन्हें स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मच्छर जनित बीमारियों के प्रति जागरूक किया। हेल्थ इंस्पेक्टर लखविंदर पाल सिंह ने बताया कि रोजाना मलेरिया विंग की टीम कालोनी वाइज लोगों के घरों में वाटर कूलर व कंटेनरों की चेकिंग कर रही है।
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कई घरों का सर्वे कर चुकी है टीम
हेल्थ इंस्पेक्टर लखविंदर पाल सिंह ने बताया कि अब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम कई कालोनियों का सर्वे कर चुकी है। इनमें सबसे अधिक लारवा कसोरा में पाया गया है। ये कसोरे अधिकतर घरों या तो गमलों के नीचे या फिर पक्षियों को पानी पिलाने के लिए रखे गए हैं। हेल्थ इंस्पेक्टर ने बताया कि अगर कसोरा में पानी रखा जा रहा है, तो इसे हर सप्ताह बदलें। क्योंकि एक सप्ताह से ज्यादा समय तक पानी एक जगह एकत्रित होने पर लारवा पनपता है।
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