{"_id":"6a3fae61f9123f1f720d1fa0","slug":"chhindwara-bank-of-india-loot-attempt-accused-arrested-police-action-cctv-investigation-2026-06-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP: खुद को घिरा देख लुटेरे ने चली धुएं की चाल! पुलिस की सूझबूझ के आगे फेल हुई प्लानिंग, टली करोड़ों की डकैती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP: खुद को घिरा देख लुटेरे ने चली धुएं की चाल! पुलिस की सूझबूझ के आगे फेल हुई प्लानिंग, टली करोड़ों की डकैती
Sat, 27 Jun 2026 04:35 PM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,छिंदवाड़ा
Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Sat, 27 Jun 2026 04:35 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में परासिया रोड स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में दिनदहाड़े चोरी और लूट की कोशिश की गई। बैंक मैनेजर की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने तुरंत बैंक की घेराबंदी कर एक आरोपी को बैंक के अंदर से ही गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
मौके पर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा शहर में शनिवार को बैंक ऑफ इंडिया की परासिया रोड स्थित शाखा में दिनदहाड़े लूट की कोशिश नाकाम हो गई। दो बदमाश बैंक के भीतर घुसे और लॉकर तोड़ने की फिराक में थे, तभी पुलिस की कार्रवाई से उनकी योजना नाकाम हो गई। इस दौरान आरोपियों ने पेट्रोल से तैयार किए गए रस्सी बम का इस्तेमाल कर दहशत फैलाने की कोशिश की। एक आरोपी ने पुलिस टीम पर हमला भी किया, जिसमें उप निरीक्षक नारायण बघेल घायल हो गए।
ताला टूटने की सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस
जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर करीब 12:50 बजे कुछ स्थानीय लोगों की नजर बैंक परिसर पर पड़ी। बैंक का ताला टूटा हुआ दिखाई दिया और अंदर संदिग्ध गतिविधियां नजर आने लगीं। लोगों को आशंका हुई कि बैंक में चोरी या लूट की वारदात हो सकती है। इसके बाद बैंक मैनेजर ने तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। कोतवाली थाना प्रभारी आशीष धुर्वे ने बताया कि बैंक मैनेजर ने पुलिस को फोन कर बैंक के भीतर ताला टूटने और किसी अनहोनी की आशंका की सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और नगर पुलिस अधीक्षक भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बिना देर किए पूरे बैंक परिसर की घेराबंदी कर दी।
पुलिस पहुंची तो आरोपी ने किया धमाका
सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। बैंक की शाखा पहली मंजिल पर स्थित है और नीचे शटर लगे हुए थे। पुलिस जब दो शटर पार कर बैंक के अंदर पहुंची तो आरोपी को पुलिस की मौजूदगी का पता चल गया। खुद को घिरा देखकर उसने शटर उठाया और अपने पास रखे पेट्रोल से बने रस्सी बम में आग लगा दी। कुछ ही सेकंड में जोरदार धमाका हुआ और पूरे परिसर में धुआं फैल गया। आरोपी का मकसद पुलिस को डराकर भागना था, लेकिन पुलिस पीछे नहीं हटी।
विज्ञापन
भागते समय पुलिस पर हमला
धमाके के बाद आरोपी बाहर निकलकर भागने लगा। पुलिस ने उसे घेर लिया तो उसने अपने पास मौजूद नुकीले हथियार से उप निरीक्षक नारायण बघेल पर हमला कर दिया। इस हमले में उनके हाथ में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। घायल होने के बावजूद नारायण बघेल ने साहस नहीं खोया और साथी पुलिसकर्मियों की मदद से आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी पुलिस की बहादुरी की सराहना की।
बैंक के रिकॉर्ड में लगाई आग, लॉकर तोड़ने की कोशिश
घटना के बाद पुलिस और जांच टीम ने बैंक का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बैंक के रिकॉर्ड रूम और फाइलों वाले हिस्से में आग लगाने की कोशिश की थी। कुछ दस्तावेज और रिकॉर्ड भी प्रभावित हुए हैं। जांच में लॉकर तक पहुंचने और उसे तोड़ने के प्रयास के भी सबूत मिले हैं। लॉकर और अन्य हिस्सों में छेड़छाड़ के निशान पाए गए हैं। माना जा रहा है कि आरोपी बैंक में रखी नकदी और कीमती सामान लूटना चाहते थे, लेकिन पुलिस के समय पर पहुंचने से उनकी योजना अधूरी रह गई।
डेढ़ घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को शक था कि दूसरा आरोपी बैंक परिसर में ही छिपा हो सकता है। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक पूरे बैंक भवन में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। बैंक के सभी कमरों, रिकॉर्ड सेक्शन, स्टोर रूम और आसपास के हिस्सों की तलाशी ली गई, लेकिन दूसरा आरोपी नहीं मिला। पुलिस को आशंका है कि वह किसी दूसरे रास्ते से फरार हो गया। उसकी तलाश के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं।
एफएसएल और फिंगर प्रिंट टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलने के बाद फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ आनंद तिवारी और एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने बैंक से फिंगर प्रिंट, ज्वलनशील पदार्थों के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। रस्सी बम में इस्तेमाल सामग्री को भी जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। पुलिस बैंक के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी बैंक में कब और कैसे दाखिल हुए और उन्होंने वारदात की तैयारी कब शुरू की।
एसपी ने संभाली जांच की कमान
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अजय पांडे भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बैंक का निरीक्षण किया और अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपी किसी बड़े गिरोह से जुड़ा है या नहीं और बैंक को ही निशाना क्यों बनाया गया।
स्थानीय लोगों की सतर्कता से टली बड़ी वारदात
पुलिस का कहना है कि यदि समय रहते बैंक का टूटा ताला देखकर सूचना नहीं दी होती तो आरोपी अपने मंसूबों में सफल हो सकते थे। इससे बैंक की नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भारी नुकसान पहुंच सकता था। लोगों की सतर्कता, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और घायल होने के बावजूद उप निरीक्षक नारायण बघेल की बहादुरी से एक बड़ी बैंक लूट की वारदात टल गई।
फरार आरोपी की तलाश जारी
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके फरार साथी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। घटना के बाद पूरे शहर में इस मामले की चर्चा है और बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं।
ये भी पढ़ें- Guna News: ऑफिस की छत से गिरा या धक्का दिया गया? इंश्योरेंस कंपनी में कर्मचारी की मौत पर गहराया रहस्य
बैंक का कैश और सामान सुरक्षित
पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण बैंक से किसी भी तरह की नकदी या कीमती सामान की चोरी नहीं हो सकी। बैंक की पूरी संपत्ति सुरक्षित बचा ली गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।
विज्ञापन
ताला टूटने की सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस
जानकारी के अनुसार शनिवार दोपहर करीब 12:50 बजे कुछ स्थानीय लोगों की नजर बैंक परिसर पर पड़ी। बैंक का ताला टूटा हुआ दिखाई दिया और अंदर संदिग्ध गतिविधियां नजर आने लगीं। लोगों को आशंका हुई कि बैंक में चोरी या लूट की वारदात हो सकती है। इसके बाद बैंक मैनेजर ने तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। कोतवाली थाना प्रभारी आशीष धुर्वे ने बताया कि बैंक मैनेजर ने पुलिस को फोन कर बैंक के भीतर ताला टूटने और किसी अनहोनी की आशंका की सूचना दी। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और नगर पुलिस अधीक्षक भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बिना देर किए पूरे बैंक परिसर की घेराबंदी कर दी।
विज्ञापन
पुलिस पहुंची तो आरोपी ने किया धमाका
सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। बैंक की शाखा पहली मंजिल पर स्थित है और नीचे शटर लगे हुए थे। पुलिस जब दो शटर पार कर बैंक के अंदर पहुंची तो आरोपी को पुलिस की मौजूदगी का पता चल गया। खुद को घिरा देखकर उसने शटर उठाया और अपने पास रखे पेट्रोल से बने रस्सी बम में आग लगा दी। कुछ ही सेकंड में जोरदार धमाका हुआ और पूरे परिसर में धुआं फैल गया। आरोपी का मकसद पुलिस को डराकर भागना था, लेकिन पुलिस पीछे नहीं हटी।
विज्ञापन
भागते समय पुलिस पर हमला
धमाके के बाद आरोपी बाहर निकलकर भागने लगा। पुलिस ने उसे घेर लिया तो उसने अपने पास मौजूद नुकीले हथियार से उप निरीक्षक नारायण बघेल पर हमला कर दिया। इस हमले में उनके हाथ में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। घायल होने के बावजूद नारायण बघेल ने साहस नहीं खोया और साथी पुलिसकर्मियों की मदद से आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने भी पुलिस की बहादुरी की सराहना की।
बैंक के रिकॉर्ड में लगाई आग, लॉकर तोड़ने की कोशिश
घटना के बाद पुलिस और जांच टीम ने बैंक का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपियों ने बैंक के रिकॉर्ड रूम और फाइलों वाले हिस्से में आग लगाने की कोशिश की थी। कुछ दस्तावेज और रिकॉर्ड भी प्रभावित हुए हैं। जांच में लॉकर तक पहुंचने और उसे तोड़ने के प्रयास के भी सबूत मिले हैं। लॉकर और अन्य हिस्सों में छेड़छाड़ के निशान पाए गए हैं। माना जा रहा है कि आरोपी बैंक में रखी नकदी और कीमती सामान लूटना चाहते थे, लेकिन पुलिस के समय पर पहुंचने से उनकी योजना अधूरी रह गई।
डेढ़ घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को शक था कि दूसरा आरोपी बैंक परिसर में ही छिपा हो सकता है। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक पूरे बैंक भवन में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। बैंक के सभी कमरों, रिकॉर्ड सेक्शन, स्टोर रूम और आसपास के हिस्सों की तलाशी ली गई, लेकिन दूसरा आरोपी नहीं मिला। पुलिस को आशंका है कि वह किसी दूसरे रास्ते से फरार हो गया। उसकी तलाश के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं।
एफएसएल और फिंगर प्रिंट टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटना की सूचना मिलने के बाद फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ आनंद तिवारी और एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने बैंक से फिंगर प्रिंट, ज्वलनशील पदार्थों के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। रस्सी बम में इस्तेमाल सामग्री को भी जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। पुलिस बैंक के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी बैंक में कब और कैसे दाखिल हुए और उन्होंने वारदात की तैयारी कब शुरू की।
एसपी ने संभाली जांच की कमान
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अजय पांडे भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बैंक का निरीक्षण किया और अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। एसपी ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपी किसी बड़े गिरोह से जुड़ा है या नहीं और बैंक को ही निशाना क्यों बनाया गया।
स्थानीय लोगों की सतर्कता से टली बड़ी वारदात
पुलिस का कहना है कि यदि समय रहते बैंक का टूटा ताला देखकर सूचना नहीं दी होती तो आरोपी अपने मंसूबों में सफल हो सकते थे। इससे बैंक की नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को भारी नुकसान पहुंच सकता था। लोगों की सतर्कता, पुलिस की त्वरित कार्रवाई और घायल होने के बावजूद उप निरीक्षक नारायण बघेल की बहादुरी से एक बड़ी बैंक लूट की वारदात टल गई।
फरार आरोपी की तलाश जारी
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके फरार साथी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। घटना के बाद पूरे शहर में इस मामले की चर्चा है और बैंकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं।
ये भी पढ़ें- Guna News: ऑफिस की छत से गिरा या धक्का दिया गया? इंश्योरेंस कंपनी में कर्मचारी की मौत पर गहराया रहस्य
बैंक का कैश और सामान सुरक्षित
पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण बैंक से किसी भी तरह की नकदी या कीमती सामान की चोरी नहीं हो सकी। बैंक की पूरी संपत्ति सुरक्षित बचा ली गई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश जारी है।
