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Bhopal News: मैनिट के हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग से छात्र बीमार, जांच में बिना लाइसेंस चलती मिली मेस
Fri, 17 Jul 2026 09:22 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 17 Jul 2026 09:22 PM IST
सार
मैनिट भोपाल के हॉस्टल क्रमांक 9 और 11 में फूड पॉइजनिंग से कई छात्र बीमार पड़ गए। जांच में बिना वैध लाइसेंस मेस संचालन, आरओ के पानी में संदिग्ध काले कण और स्वच्छता में गंभीर खामियां मिलीं। खाद्य और पानी के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं, रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
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जांच करने पहुंची खाद्यय विभाग की टीम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भोपाल के मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) के हॉस्टल क्रमांक 9 और 11 में कई छात्रों के उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग से बीमार पड़ने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने शुक्रवार को मेस और पेयजल व्यवस्था की जांच की। जांच के दौरान बिना वैध लाइसेंस मेस संचालन, आरओ के पानी में संदिग्ध काले कण, कर्मचारियों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का अभाव और रसोई में गंदगी समेत कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। विभाग ने भोजन और पानी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिवराज पावक के नेतृत्व में टीम ने दोनों हॉस्टलों की मेस, रसोईघर, खाद्य भंडारण व्यवस्था, भोजन निर्माण प्रक्रिया, पेयजल व्यवस्था, आरओ प्लांट, पानी की टंकियों, स्वच्छता व्यवस्था और खाद्य व्यवसाय से जुड़े दस्तावेजों का निरीक्षण किया।
टंकी साफ हुई, फिर भी पानी पर उठे सवाल
संस्थान प्रबंधन ने टीम को बताया कि 11 जुलाई को पानी की टंकियों की सफाई कराई गई थी और आरओ प्लांट के फिल्टर भी बदले गए थे। इसके बावजूद निरीक्षण के दौरान आरओ सिस्टम में गंदगी और पानी में सूक्ष्म काले कण मिले। विभाग ने आरओ आउटलेट और छत पर स्थित पानी की टंकी से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल टीडीएस सामान्य होने से पानी को सुरक्षित नहीं माना जा सकता। इसकी वास्तविक गुणवत्ता सूक्ष्मजीव और रासायनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
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खाने के भी लिए गए नमूने
टीम ने हॉस्टल क्रमांक-9 से तुअर दाल, काबुली चना, आरओ का पानी और पानी की टंकी का नमूना लिया। वहीं हॉस्टल क्रमांक-11 से घी, पंपकिन सीड्स (कद्दू के बीज), इमली और मेस में उपयोग की जा रही अन्य खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
जांच में मिलीं कई गंभीर अनियमितताएं
निरीक्षण के दौरान हॉस्टल क्रमांक 9 और 11 में वैभव फूड्स द्वारा बिना वैध खाद्य लाइसेंस के मेस संचालन पाया गया। हॉस्टल क्रमांक 11 की केटरिंग एजेंसी के पास भी आवश्यक राज्य स्तरीय लाइसेंस नहीं मिला। कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, स्वास्थ्य परीक्षण और खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे। पेस्ट कंट्रोल के दस्तावेज भी नहीं मिले। रसोई में मकड़ी के जाले, साफ-सफाई की कमी और हाउसकीपिंग में लापरवाही भी सामने आई।
यह भी पढ़ें-MP कांग्रेस में घर की जंग सड़क पर: विधायक बोले-हाईकमान ही नहीं बनने देना चाहता सरकार, पार्टी छोड़ने की चेतावनी
रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित एजेंसी और संस्थान प्रबंधन को तत्काल कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि यदि प्रयोगशाला जांच में भोजन या पेयजल असुरक्षित, अमानक या नियमों के विपरीत पाया गया तो संबंधित संस्था, मेस संचालकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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टंकी साफ हुई, फिर भी पानी पर उठे सवाल
संस्थान प्रबंधन ने टीम को बताया कि 11 जुलाई को पानी की टंकियों की सफाई कराई गई थी और आरओ प्लांट के फिल्टर भी बदले गए थे। इसके बावजूद निरीक्षण के दौरान आरओ सिस्टम में गंदगी और पानी में सूक्ष्म काले कण मिले। विभाग ने आरओ आउटलेट और छत पर स्थित पानी की टंकी से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केवल टीडीएस सामान्य होने से पानी को सुरक्षित नहीं माना जा सकता। इसकी वास्तविक गुणवत्ता सूक्ष्मजीव और रासायनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
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खाने के भी लिए गए नमूने
टीम ने हॉस्टल क्रमांक-9 से तुअर दाल, काबुली चना, आरओ का पानी और पानी की टंकी का नमूना लिया। वहीं हॉस्टल क्रमांक-11 से घी, पंपकिन सीड्स (कद्दू के बीज), इमली और मेस में उपयोग की जा रही अन्य खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
जांच में मिलीं कई गंभीर अनियमितताएं
निरीक्षण के दौरान हॉस्टल क्रमांक 9 और 11 में वैभव फूड्स द्वारा बिना वैध खाद्य लाइसेंस के मेस संचालन पाया गया। हॉस्टल क्रमांक 11 की केटरिंग एजेंसी के पास भी आवश्यक राज्य स्तरीय लाइसेंस नहीं मिला। कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, स्वास्थ्य परीक्षण और खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे। पेस्ट कंट्रोल के दस्तावेज भी नहीं मिले। रसोई में मकड़ी के जाले, साफ-सफाई की कमी और हाउसकीपिंग में लापरवाही भी सामने आई।
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रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग ने संबंधित एजेंसी और संस्थान प्रबंधन को तत्काल कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। विभाग का कहना है कि यदि प्रयोगशाला जांच में भोजन या पेयजल असुरक्षित, अमानक या नियमों के विपरीत पाया गया तो संबंधित संस्था, मेस संचालकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
