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MEA: 'बुलेट ट्रेन पर जापान के पूर्व मंत्री के दावे निजी', जानिए सरकार ने आरोपों पर क्या-क्या कहा
Fri, 17 Jul 2026 07:37 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 17 Jul 2026 07:37 PM IST
सार
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की ओर से बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर जापान के पूर्व मंत्री की टिप्पणी, चाबहार पर हमला, पीओजेके में प्रदर्शन आदि पर प्रतिक्रिया दी गई। विस्तार से पढ़िए रिपोर्ट-
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रणधीर जायसवाल, प्रवक्ता, विदेश मंत्राल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
विदेश मंत्रालय ने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना में देरी के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराने वाले जापान के एक पूर्व मंत्री के दावों को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि ये टिप्पणियां व्यक्तिगत राय हैं और तथ्यों से काफी अलग हैं।
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इस बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, यह एक व्यक्तिगत राय है और तथ्यों से काफी अलग है। वास्तव में, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड ट्रेन को लेकर भारत और जापान के बीच बातचीत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है।
उन्होंने कहा, जापान ई-20 ट्रेन श्रृंखला उपलब्ध कराएगा। लेकिन यह 2030 के शुरुआती वर्षों में ही संभव होगा। यह ट्रेन अभी विकास के चरण में है। उन्होंने कहा, इस बीच, निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहला हिस्सा वर्ष 2027 में ही शुरू हो जाएगा। इसलिए दोनों पक्षों ने भारतीय हाई स्पीड ट्रेन के साथ परिचालन शुरू करने पर सहमति जताई है।
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जायसवाल ने कहा, इसी के अनुसार सिग्नल देने वाले उपकरणों का ऑर्डर दिया गया है और ये अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं। इस मामले में जापान की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला था। परियोजना का काम इस साझा लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ रहा है कि हाई स्पीड ट्रेन परियोजना को जल्द से जल्द शुरू किया जाए।
बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि परियोजना में देरी की सबसे बड़ी वजह भारतीय पक्ष का रवैया रहा। माकिहारा ने कहा कि वह खुद इस परियोजना से जुड़े रहे हैं और जापानी टीम ने पूरी मेहनत के साथ काम किया। लेकिन उम्मीद के मुताबिक प्रगति नहीं हो सकी।
उनके मुताबिक, भारतीय पक्ष ने कई बार किए गए वादों को पूरा नहीं किया और समझौतों के बावजूद बाद में शर्तों में बदलाव किए गए। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से परियोजना की रफ्तार प्रभावित हुई। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री स्तर की बैठकों से भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिले।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने 14 सितंबर 2017 को अहमदाबाद में इसकी आधारशिला रखी थी। 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन से मुंबई और अहमदाबाद के बीच सफर करीब तीन घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। फिलहाल सामान्य ट्रेन से इस दूरी को तय करने में करीब सात से आठ घंटे लगते हैं। इस मार्ग पर मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती समेत 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें मुंबई स्टेशन भूमिगत होगा।
चाबहार पर हमले को लेकर क्या कहा?
ईरान के रणनीतिक चाबहार बंदरगाह के समुद्री यातायात निगरानी प्रणाली पर हमले को लेकर जायसवाल ने कहा, अगर आप इस मामले पर नजर रख रहे हैं तो आपको पता होगा कि अमेरिका की ओर से एक छूट दी गई थी, जिसकी अवधि कुछ समय पहले खत्म हो गई है। इसके बाद से हम संबंधित हितधारकों के साथ इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि इस मामले को आगे कैसे बढ़ाया जाए। उन्होंने हमले से जुड़े सवाल पर कहा, हां, हमने इन रिपोर्ट्स को देखा है। हालांकि, हम यह पुष्टि कर सकते हैं कि टर्मिनल को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है।
नागरिक ढांचे पर हमलों के सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा, इस संघर्ष में और अन्य स्थितियों में भी हमारा लगातार रुख यही रहा है कि किसी भी परिस्थिति में नागरिक ढांचे को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
पीओजेके के मुद्दे पर क्या कहा?
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के मुद्दे पर रणधीर जायसवाल ने कहा, हम हमेशा से यह कहते आए हैं कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न हिस्से हैं। वे पहले भी भारत का हिस्सा थे, आज भी हैं और हमेशा भारत का हिस्सा रहेंगे।
पहलगाम आतंकी हमले को लेकर क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ताजायसवाल ने कहा, पहलगाम आतंकी हमले में कई निर्दोष लोगों की जान गई थी। आप सभी ने उस हमले की बर्बरता देखी थी। हमारे अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच जारी है।
उन्होंने कहा, जहां तक सीमा पार आतंकवाद का सवाल है, आप पाकिस्तान की ओर से दशकों से आतंकवाद को दिए जा रहे समर्थन और संरक्षण से अच्छी तरह परिचित हैं। पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति के एक साधन के रूप में इस्तेमाल करता रहा है। उन्होंने कहा, भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का पाकिस्तान के पास कोई अधिकार नहीं है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा के मुद्दे पर क्या कहा?
जहाजरानी महानिदेशालय की ओर से जारी एडवाइजरी पर रणधीर जायसवाल ने कहा, मैंने भी यह एडवाइजरी देखी है। जैसा कि आप जानते हैं, पश्चिम एशिया की स्थिति अभी अस्थिर बनी हुई है और इसी को ध्यान में रखते हुए यह एडवाइजरी जारी की गई है।
उन्होंने कहा, इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम करते हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें संभावित खतरों के बारे में सतर्क करना हमारी जिम्मेदारी है।
ये भी पढ़ें: तीन देशों के दौरे पर जाएंगी राष्ट्रपति मुर्मू: क्या है मकसद, यूरोप में भारत ने क्यों बढ़ाई सक्रियता?
उन्होंने कहा, आपने पूछा कि संघर्ष से कितने भारतीय नाविक प्रभावित हुए हैं। इस समय मेरे पास नाविकों का सटीक आंकड़ा नहीं है। लेकिन मैं आपको बता सकता हूं कि अभी तक पश्चिम एशिया के संघर्ष में 14 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है और दो भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं। उन्होंने कहा, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मैं प्रभावित नाविकों का सही आंकड़ा साझा करूंगा।
अमेरिका के वीजा नियमों पर भारत का रुख
अमेरिका के वीजा नियमों से जुड़ी खबरों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, हमने वीजा नियमों से जुड़ी रिपोर्ट्स देखी हैं। जैसा कि आपने सही कहा, वीजा नियम और आव्रजन से जुड़े मामले किसी भी देश के संप्रभु अधिकार के तहत आते हैं। लेकिन जब भी अमेरिका जाने वाले वास्तविक यात्रियों, छात्रों या अन्य लोगों से जुड़े मामले हमारे सामने आते हैं, तो हम उन्हें अमेरिकी पक्ष के साथ उठाते हैं, ताकि हमारे लोगों को होने वाली परेशानियों को कम किया जा सके।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की उम्मीदवारी पर क्या कहा?
मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हमने 13 तारीख को अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की थी। विदेशमंत्री न्यूयॉर्क में थे, जहां उन्होंने सदस्य देशों को संबोधित किया और भारत के अभियान की शुरुआत की। हमने यह भी बताया कि देशों को सुरक्षा परिषद में भारत के पक्ष में मतदान क्यों करना चाहिए। हमें भरोसा है कि सभी सदस्य देश हमारी उम्मीदवारी पर उचित विचार करेंगे।
शेख हसीना के प्रत्यर्पण अनुरोध पर क्या कहा?
रणधीर जायसवाल ने कहा, हमें (बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के) प्रत्यर्पण का अनुरोध मिला है। जैसा कि हम पहले भी कह चुके हैं, इस अनुरोध की जांच की जा रही है। इससे जुड़े कानूनी और न्यायिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस पर विचार किया जा रहा है।
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मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इस बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, यह एक व्यक्तिगत राय है और तथ्यों से काफी अलग है। वास्तव में, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड ट्रेन को लेकर भारत और जापान के बीच बातचीत अच्छी तरह आगे बढ़ रही है।
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उन्होंने कहा, जापान ई-20 ट्रेन श्रृंखला उपलब्ध कराएगा। लेकिन यह 2030 के शुरुआती वर्षों में ही संभव होगा। यह ट्रेन अभी विकास के चरण में है। उन्होंने कहा, इस बीच, निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहला हिस्सा वर्ष 2027 में ही शुरू हो जाएगा। इसलिए दोनों पक्षों ने भारतीय हाई स्पीड ट्रेन के साथ परिचालन शुरू करने पर सहमति जताई है।
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जायसवाल ने कहा, इसी के अनुसार सिग्नल देने वाले उपकरणों का ऑर्डर दिया गया है और ये अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं। इस मामले में जापान की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं मिला था। परियोजना का काम इस साझा लक्ष्य के अनुसार आगे बढ़ रहा है कि हाई स्पीड ट्रेन परियोजना को जल्द से जल्द शुरू किया जाए।
बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर जापान के पूर्व न्याय मंत्री हिदेकी माकिहारा ने नाराजगी जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि परियोजना में देरी की सबसे बड़ी वजह भारतीय पक्ष का रवैया रहा। माकिहारा ने कहा कि वह खुद इस परियोजना से जुड़े रहे हैं और जापानी टीम ने पूरी मेहनत के साथ काम किया। लेकिन उम्मीद के मुताबिक प्रगति नहीं हो सकी।
उनके मुताबिक, भारतीय पक्ष ने कई बार किए गए वादों को पूरा नहीं किया और समझौतों के बावजूद बाद में शर्तों में बदलाव किए गए। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से परियोजना की रफ्तार प्रभावित हुई। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री स्तर की बैठकों से भी अपेक्षित परिणाम नहीं मिले।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने 14 सितंबर 2017 को अहमदाबाद में इसकी आधारशिला रखी थी। 508 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर बुलेट ट्रेन से मुंबई और अहमदाबाद के बीच सफर करीब तीन घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। फिलहाल सामान्य ट्रेन से इस दूरी को तय करने में करीब सात से आठ घंटे लगते हैं। इस मार्ग पर मुंबई, ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आणंद, अहमदाबाद और साबरमती समेत 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें मुंबई स्टेशन भूमिगत होगा।
चाबहार पर हमले को लेकर क्या कहा?
ईरान के रणनीतिक चाबहार बंदरगाह के समुद्री यातायात निगरानी प्रणाली पर हमले को लेकर जायसवाल ने कहा, अगर आप इस मामले पर नजर रख रहे हैं तो आपको पता होगा कि अमेरिका की ओर से एक छूट दी गई थी, जिसकी अवधि कुछ समय पहले खत्म हो गई है। इसके बाद से हम संबंधित हितधारकों के साथ इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि इस मामले को आगे कैसे बढ़ाया जाए। उन्होंने हमले से जुड़े सवाल पर कहा, हां, हमने इन रिपोर्ट्स को देखा है। हालांकि, हम यह पुष्टि कर सकते हैं कि टर्मिनल को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है।
नागरिक ढांचे पर हमलों के सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा, इस संघर्ष में और अन्य स्थितियों में भी हमारा लगातार रुख यही रहा है कि किसी भी परिस्थिति में नागरिक ढांचे को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।
पीओजेके के मुद्दे पर क्या कहा?
पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के मुद्दे पर रणधीर जायसवाल ने कहा, हम हमेशा से यह कहते आए हैं कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न हिस्से हैं। वे पहले भी भारत का हिस्सा थे, आज भी हैं और हमेशा भारत का हिस्सा रहेंगे।
पहलगाम आतंकी हमले को लेकर क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ताजायसवाल ने कहा, पहलगाम आतंकी हमले में कई निर्दोष लोगों की जान गई थी। आप सभी ने उस हमले की बर्बरता देखी थी। हमारे अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच जारी है।
उन्होंने कहा, जहां तक सीमा पार आतंकवाद का सवाल है, आप पाकिस्तान की ओर से दशकों से आतंकवाद को दिए जा रहे समर्थन और संरक्षण से अच्छी तरह परिचित हैं। पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति के एक साधन के रूप में इस्तेमाल करता रहा है। उन्होंने कहा, भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का पाकिस्तान के पास कोई अधिकार नहीं है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा के मुद्दे पर क्या कहा?
जहाजरानी महानिदेशालय की ओर से जारी एडवाइजरी पर रणधीर जायसवाल ने कहा, मैंने भी यह एडवाइजरी देखी है। जैसा कि आप जानते हैं, पश्चिम एशिया की स्थिति अभी अस्थिर बनी हुई है और इसी को ध्यान में रखते हुए यह एडवाइजरी जारी की गई है।
उन्होंने कहा, इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम करते हैं। उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें संभावित खतरों के बारे में सतर्क करना हमारी जिम्मेदारी है।
ये भी पढ़ें: तीन देशों के दौरे पर जाएंगी राष्ट्रपति मुर्मू: क्या है मकसद, यूरोप में भारत ने क्यों बढ़ाई सक्रियता?
उन्होंने कहा, आपने पूछा कि संघर्ष से कितने भारतीय नाविक प्रभावित हुए हैं। इस समय मेरे पास नाविकों का सटीक आंकड़ा नहीं है। लेकिन मैं आपको बता सकता हूं कि अभी तक पश्चिम एशिया के संघर्ष में 14 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है और दो भारतीय नागरिक अभी भी लापता हैं। उन्होंने कहा, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद मैं प्रभावित नाविकों का सही आंकड़ा साझा करूंगा।
अमेरिका के वीजा नियमों पर भारत का रुख
अमेरिका के वीजा नियमों से जुड़ी खबरों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, हमने वीजा नियमों से जुड़ी रिपोर्ट्स देखी हैं। जैसा कि आपने सही कहा, वीजा नियम और आव्रजन से जुड़े मामले किसी भी देश के संप्रभु अधिकार के तहत आते हैं। लेकिन जब भी अमेरिका जाने वाले वास्तविक यात्रियों, छात्रों या अन्य लोगों से जुड़े मामले हमारे सामने आते हैं, तो हम उन्हें अमेरिकी पक्ष के साथ उठाते हैं, ताकि हमारे लोगों को होने वाली परेशानियों को कम किया जा सके।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की उम्मीदवारी पर क्या कहा?
मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हमने 13 तारीख को अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की थी। विदेशमंत्री न्यूयॉर्क में थे, जहां उन्होंने सदस्य देशों को संबोधित किया और भारत के अभियान की शुरुआत की। हमने यह भी बताया कि देशों को सुरक्षा परिषद में भारत के पक्ष में मतदान क्यों करना चाहिए। हमें भरोसा है कि सभी सदस्य देश हमारी उम्मीदवारी पर उचित विचार करेंगे।
शेख हसीना के प्रत्यर्पण अनुरोध पर क्या कहा?
रणधीर जायसवाल ने कहा, हमें (बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के) प्रत्यर्पण का अनुरोध मिला है। जैसा कि हम पहले भी कह चुके हैं, इस अनुरोध की जांच की जा रही है। इससे जुड़े कानूनी और न्यायिक पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस पर विचार किया जा रहा है।