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ईडी: लॉकडाउन में जब शादियों पर थी रोक, तब विवाह सहायता योजना चलाई, सरकारी खजाने को 30 करोड़ की चपत

Fri, 30 Oct 2026 08:13 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Fri, 30 Oct 2026 08:13 PM IST
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ED: Marriage Assistance Scheme Run During Lockdown Despite Ban on Weddings, Causing rs 30 Crore Loss to Excheq
प्रवर्तन निदेशालय - फोटो : अमर उजाला

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के भोपाल जोनल कार्यालय ने 'मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम' 2002 के प्रावधानों के तहत 5.37 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) करने का आदेश जारी किया है। यह कार्रवाई 'विवाह सहायता योजना' के तहत सरकारी फंड के फर्जी वितरण से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में की गई है।

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मध्य प्रदेश सरकार ने पंजीकृत गरीब निर्माण श्रमिकों की बेटियों को 51,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने के लिए 'विवाह सहायता योजना' लागू की थी। लॉकडाउन में जब शादियों पर रोक थी, तब 'विवाह सहायता योजना' चलाई। सरकारी खजाने से अपात्र लोगों को 30.18 करोड़ रुपये वितरित कर दिए।  
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ईडी के अनुसार, सिरोंज जनपद पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में अपने कार्यकाल (2019 से नवंबर 2021 तक) के दौरान, शोभित त्रिपाठी ने कथित तौर पर अन्य लोगों के साथ मिलीभगत करके, विवाह सहायता के 5,923 संदिग्ध मामलों में 30.18 करोड़ रुपये के सरकारी फंड को मंजूरी दी और उसका वितरण किया। भोपाल की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर ईडी ने इस केस की जांच शुरू की। 
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यह एफआईआर आईपीसी, 1860 की धारा 420, 409 और 120-बी, तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (1)(ई) और 13(2) के तहत दर्ज की गई थी। इसमें सिरोंज जनपद पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शोभित त्रिपाठी और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। जांच में पता चला कि इस योजना का लाभ गलत तरीके से लेने के लिए अपात्र लाभार्थियों के फर्जी आवेदन फॉर्म और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। अपात्र लाभार्थियों की जानकारी के बिना उनके दस्तावेजों का उपयोग करके बैंक खाते खोले गए, ताकि योजना की धनराशि इन खातों में भेजी जा सके। इसके बाद, इन खातों से तुरंत नकद राशि निकाल ली गई। 


कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान, जब सार्वजनिक रूप से शादियां करने पर रोक थी, तब भी अपात्र लोगों को इस योजना का लाभ दिया गया। ईडी द्वारा जब्त की गई संपत्तियों में शोभित त्रिपाठी और उनके सहयोगी हेमंत साहू के नाम पर मौजूद अचल संपत्तियां शामिल हैं। इस मामले में की गई तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज बरामद हुए। इसके अलावा, पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत 02.09.2026 को शोभित त्रिपाठी को गिरफ्तार किया गया, जो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

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