{"_id":"6aedfa25e197056d1b0a513c","slug":"don-t-be-afraid-rahul-gandhi-re-issues-open-debate-call-says-amit-shah-should-not-confuse-pm-modi-2026-11-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"'डरो मत': राहुल गांधी ने खुली बहस का आह्वान दोहराया, गृह मंत्री अमित शाह से कहा- पीएम मोदी को भ्रमित मत कीजिए","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
'डरो मत': राहुल गांधी ने खुली बहस का आह्वान दोहराया, गृह मंत्री अमित शाह से कहा- पीएम मोदी को भ्रमित मत कीजिए
Fri, 06 Nov 2026 09:32 PM IST
पवन पांडेय
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Fri, 06 Nov 2026 09:32 PM IST
सार
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को एक बार फिर किसी भी मंच पर खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से कहा कि वे प्रधानमंत्री को भ्रमित न करें और बहस के लिए मनाएं। इससे पहले अमित शाह ने राहुल को एसआईआर के मुद्दे पर संसद में चर्चा करने की चुनौती दी थी।
विज्ञापन
राहुल गांधी, सांसद, कांग्रेस
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी मंच पर, किसी भी समय और किसी भी जगह प्रधानमंत्री के साथ बहस करने के लिए तैयार हैं। राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपील की कि वह प्रधानमंत्री को इस बहस के लिए मनाएं और उन्हें भ्रमित न करें। राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'अमित शाह जी, मोदी जी को भ्रमित न करें। बस उन्हें मेरे साथ खुली बहस के लिए मनाएं। किसी भी मंच पर, किसी भी समय। डरिए मत'।
उनका यह बयान गृह मंत्री अमित शाह की उस टिप्पणी के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी की बहस की चुनौती स्वीकार करते हुए कहा था कि उन्हें संसद के उचित मंच पर इस मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए। गृह मंत्री ने यह भी कहा था कि अगर कांग्रेस औपचारिक रूप से मांग करती है तो केंद्र सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: नासिक टीसीएस केस में इम्तियाज जलील मुख्य आरोपी?: मंत्री संजय शिरसाट बोले- जाएंगे जेल, कॉल रिकॉर्ड पर किया दावा
गृह मंत्री ने संसद में चर्चा की दी थी चुनौती
दरअसल, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को चुनावी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी थी। इसके जवाब में अमित शाह ने गुरुवार को हरियाणा के करनाल में भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान की रैली में राहुल गांधी को संसद में चर्चा करने की चुनौती दी। गृह मंत्री ने कहा था कि अगर राहुल गांधी इस मुद्दे पर जिम्मेदारी के साथ चर्चा करना चाहते हैं और उनके पास ठोस तथ्य और तर्क हैं तो उन्हें संसद में आकर बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है, बशर्ते कांग्रेस औपचारिक रूप से इसकी मांग करे।
राहुल ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से भी की थी अपील
इससे पहले मंगलवार को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक सर्वे भी किया था। इसमें उन्होंने युवाओं से पूछा था कि क्या वे उनके और प्रधानमंत्री मोदी के बीच खुली बहस देखना चाहते हैं। उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी टैग किया था। राहुल ने इन नेताओं से प्रधानमंत्री को बहस के लिए तैयार करने की अपील की थी।
ये भी पढ़ें: असम: डिब्रूगढ़ में ऑयल इंडिया की तेल सुविधा में विस्फोट के बाद लगी आग, एक कर्मचारी की मौत; छह की हालत गंभीर
एसआईआर को लेकर भाजपा और विपक्ष आमने-सामने
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। भाजपा जहां अलग-अलग राज्यों में रैलियां कर इस प्रक्रिया का बचाव कर रही है, वहीं विपक्षी दल इसे वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं ने बंगलूरू के फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर वापस लेने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। वहीं, कॉकक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने भी सात नवंबर को केरल के कोच्चि में एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पिछले महीने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश के दौरान पार्टी के नेताओं को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद यह पार्टी का पहला बड़ा प्रदर्शन होगा।
विज्ञापन
अमित शाह जी, मोदी जी को कन्फ़्यूज़ मत कीजिए। बस उन्हें मेरे साथ खुली बहस के लिए मना लीजिए। कोई भी मंच, कोई भी समय। डरो मत। https://t.co/TciYEtNBIt
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) November 6, 2026
विज्ञापन
उनका यह बयान गृह मंत्री अमित शाह की उस टिप्पणी के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी की बहस की चुनौती स्वीकार करते हुए कहा था कि उन्हें संसद के उचित मंच पर इस मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए। गृह मंत्री ने यह भी कहा था कि अगर कांग्रेस औपचारिक रूप से मांग करती है तो केंद्र सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने के लिए तैयार है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: नासिक टीसीएस केस में इम्तियाज जलील मुख्य आरोपी?: मंत्री संजय शिरसाट बोले- जाएंगे जेल, कॉल रिकॉर्ड पर किया दावा
गृह मंत्री ने संसद में चर्चा की दी थी चुनौती
दरअसल, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को चुनावी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी थी। इसके जवाब में अमित शाह ने गुरुवार को हरियाणा के करनाल में भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान की रैली में राहुल गांधी को संसद में चर्चा करने की चुनौती दी। गृह मंत्री ने कहा था कि अगर राहुल गांधी इस मुद्दे पर जिम्मेदारी के साथ चर्चा करना चाहते हैं और उनके पास ठोस तथ्य और तर्क हैं तो उन्हें संसद में आकर बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने को तैयार है, बशर्ते कांग्रेस औपचारिक रूप से इसकी मांग करे।
राहुल ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से भी की थी अपील
इससे पहले मंगलवार को राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक सर्वे भी किया था। इसमें उन्होंने युवाओं से पूछा था कि क्या वे उनके और प्रधानमंत्री मोदी के बीच खुली बहस देखना चाहते हैं। उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी टैग किया था। राहुल ने इन नेताओं से प्रधानमंत्री को बहस के लिए तैयार करने की अपील की थी।
ये भी पढ़ें: असम: डिब्रूगढ़ में ऑयल इंडिया की तेल सुविधा में विस्फोट के बाद लगी आग, एक कर्मचारी की मौत; छह की हालत गंभीर
एसआईआर को लेकर भाजपा और विपक्ष आमने-सामने
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा और विपक्षी दलों के बीच टकराव लगातार बढ़ रहा है। भाजपा जहां अलग-अलग राज्यों में रैलियां कर इस प्रक्रिया का बचाव कर रही है, वहीं विपक्षी दल इसे वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं ने बंगलूरू के फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एसआईआर वापस लेने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। वहीं, कॉकक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने भी सात नवंबर को केरल के कोच्चि में एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पिछले महीने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश के दौरान पार्टी के नेताओं को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद यह पार्टी का पहला बड़ा प्रदर्शन होगा।