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गायत्री परिवार शताब्दी समारोह: शाह बोले- गायत्री मंत्र से बदल सकता है जीवन, जागृत होती हैं सकारात्मक शक्तियां
Mon, 02 Nov 2026 03:40 AM IST
अमन तिवारी
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 02 Nov 2026 03:40 AM IST
सार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गायत्री मंत्र को जीवन में संपूर्ण बदलाव लाने का मार्ग बताया। दिल्ली में अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में उन्होंने कहा कि मंत्र के नियमित अभ्यास और शुद्ध उच्चारण से सकारात्मक सोच, साहस, स्मरण शक्ति और निर्णय लेने की क्षमता विकसित हो सकती है।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि गायत्री मंत्र केवल धार्मिक या आध्यात्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के जीवन में संपूर्ण बदलाव लाने का मार्ग है। इसके नियमित अभ्यास और सही उच्चारण से इंसान के भीतर सकारात्मक गुण जागृत हो सकते हैं। इससे उसकी सोच, साहस, याददाश्त और निर्णय लेने की क्षमता बेहतर हो सकती है।
अपने संबोधन में क्या बोले गृह मंत्री?
अमित शाह ने रविवार को दिल्ली में अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से आयोजित शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि उनके अनुभव के अनुसार, गायत्री मंत्र से व्यक्ति के भीतर छिपी सकारात्मक शक्तियों को जागृत किया जा सकता है और नकारात्मक प्रवृत्तियों को दबाया जा सकता है। कई युवाओं को इसके अभ्यास से सकारात्मक सोच, साहस, स्मरण शक्ति, समझने और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार का लाभ मिला है।
शाह ने आगे कहा कि गायत्री मंत्र के 24 अक्षरों का संबंध 24 शुभ शक्तियों से है। गुरु से मंत्र के शुद्ध उच्चारण के संस्कार प्राप्त कर इन शक्तियों को जागृत किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इन गुणों में दूरदर्शिता, संयम, तप, साहस, विवेक, बुद्धि, संरक्षण, उत्पादन, सेवा, ऊर्जा, प्रेम, वीरता और एकाग्रता शामिल हैं। जिन लोगों में ये गुण विकसित होते हैं, उन्हें मुक्ति का मार्ग भी सहज रूप से मिल जाता है।
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पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के योगदान को सराहा
गृह मंत्री ने गायत्री मंत्र की शिक्षाओं को दुनिया के 15 करोड़ परिवारों तक पहुंचाने का श्रेय पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य को दिया। उन्होंने कहा कि आचार्य ने गायत्री मंत्र के प्रति लोगों में विश्वास पैदा किया और इसके शुद्ध उच्चारण की परंपरा स्थापित की। इससे न केवल लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया, बल्कि भारतीय आध्यात्मिकता को भी नई ऊर्जा मिली।
गृह मंत्रालय के बयान के मुताबिक, यह आयोजन माता भगवती देवी शर्मा के जन्म के 100 वर्ष पूरे होने और अखंड ज्योति की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया गया। इसके साथ ही पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना के 100 वर्ष भी पूरे हुए। शाह ने इन तीनों अवसरों को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक यात्रा के लिए विशेष उपलब्धि बताया।
ये भी पढ़ें: बंगाल: दक्षिण 24 परगना में चर्च उद्घाटन समारोह में तोड़फोड़, पादरी-श्रद्धालुओं पर हमला; ईसाई संगठनों में रोष
उन्होंने कहा कि 100 साल पहले जलाई गई अखंड ज्योति आज 100 से अधिक देशों के 15 करोड़ से ज्यादा परिवारों के कल्याण का प्रतीक बन चुकी है। इस साल जनवरी में हरिद्वार में आयोजित चार दिवसीय सम्मेलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे गायत्री परिवार ने इस ज्योति के संकल्प के साथ खुद को जोड़ा था।
शाह ने दीप महायज्ञ को त्याग, सहयोग और समर्पण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि हर जलता हुआ दीपक समाज, आध्यात्मिकता और राष्ट्र के लिए अपनी शक्ति लगाने का संकल्प है। उन्होंने लोगों से गायत्री परिवार के अभियान को आगे बढ़ाने और दुनिया को सद्मार्ग पर ले जाने के लिए काम करते रहने की अपील की। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, गायत्री परिवार के दलनायक डॉ. चिन्मय पांड्या समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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अपने संबोधन में क्या बोले गृह मंत्री?
अमित शाह ने रविवार को दिल्ली में अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से आयोजित शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि उनके अनुभव के अनुसार, गायत्री मंत्र से व्यक्ति के भीतर छिपी सकारात्मक शक्तियों को जागृत किया जा सकता है और नकारात्मक प्रवृत्तियों को दबाया जा सकता है। कई युवाओं को इसके अभ्यास से सकारात्मक सोच, साहस, स्मरण शक्ति, समझने और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार का लाभ मिला है।
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शाह ने आगे कहा कि गायत्री मंत्र के 24 अक्षरों का संबंध 24 शुभ शक्तियों से है। गुरु से मंत्र के शुद्ध उच्चारण के संस्कार प्राप्त कर इन शक्तियों को जागृत किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इन गुणों में दूरदर्शिता, संयम, तप, साहस, विवेक, बुद्धि, संरक्षण, उत्पादन, सेवा, ऊर्जा, प्रेम, वीरता और एकाग्रता शामिल हैं। जिन लोगों में ये गुण विकसित होते हैं, उन्हें मुक्ति का मार्ग भी सहज रूप से मिल जाता है।
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पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के योगदान को सराहा
गृह मंत्री ने गायत्री मंत्र की शिक्षाओं को दुनिया के 15 करोड़ परिवारों तक पहुंचाने का श्रेय पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य को दिया। उन्होंने कहा कि आचार्य ने गायत्री मंत्र के प्रति लोगों में विश्वास पैदा किया और इसके शुद्ध उच्चारण की परंपरा स्थापित की। इससे न केवल लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया, बल्कि भारतीय आध्यात्मिकता को भी नई ऊर्जा मिली।
गृह मंत्रालय के बयान के मुताबिक, यह आयोजन माता भगवती देवी शर्मा के जन्म के 100 वर्ष पूरे होने और अखंड ज्योति की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया गया। इसके साथ ही पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना के 100 वर्ष भी पूरे हुए। शाह ने इन तीनों अवसरों को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक यात्रा के लिए विशेष उपलब्धि बताया।
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उन्होंने कहा कि 100 साल पहले जलाई गई अखंड ज्योति आज 100 से अधिक देशों के 15 करोड़ से ज्यादा परिवारों के कल्याण का प्रतीक बन चुकी है। इस साल जनवरी में हरिद्वार में आयोजित चार दिवसीय सम्मेलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पूरे गायत्री परिवार ने इस ज्योति के संकल्प के साथ खुद को जोड़ा था।
शाह ने दीप महायज्ञ को त्याग, सहयोग और समर्पण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि हर जलता हुआ दीपक समाज, आध्यात्मिकता और राष्ट्र के लिए अपनी शक्ति लगाने का संकल्प है। उन्होंने लोगों से गायत्री परिवार के अभियान को आगे बढ़ाने और दुनिया को सद्मार्ग पर ले जाने के लिए काम करते रहने की अपील की। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके, गायत्री परिवार के दलनायक डॉ. चिन्मय पांड्या समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।