AISHE: कॉलेजों में बढ़ी छात्रों की संख्या, लड़कों से अधिक लड़कियां; उच्च शिक्षा सर्वेक्षण रिपोर्ट में खुलासा
AISHE Report 2023-24: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने AISHE 2022-23 और 2023-24 की रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट के मुताबिक देश में उच्च शिक्षा में छात्रों की संख्या बढ़कर 4.5 करोड़ पहुंच गई है। लड़कियों, एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की भागीदारी में भी पिछले एक दशक में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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विस्तार
AISHE Report 2023-24: शिक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (AISHE) 2022-23 और 2023-24 की रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में देश के उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, देश में उच्च शिक्षा में नामांकन, छात्राओं की भागीदारी, अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के छात्रों की संख्या तथा विज्ञान और तकनीकी शिक्षा में दाखिले में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।
AISHE क्या है और इसका उपयोग कैसे होता है?
AISHE देश के सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों से आंकड़े जुटाने वाला राष्ट्रीय सर्वेक्षण है। इसके तहत संस्थान ऑनलाइन पोर्टल पर जानकारी उपलब्ध कराते हैं। इनमें शामिल हैं:
- छात्र नामांकन से जुड़े आंकड़े
- शिक्षकों और कर्मचारियों की संख्या
- संस्थानों में उपलब्ध सुविधाएं
- परीक्षा परिणाम
- शैक्षणिक और प्रशासनिक जानकारी
इन आंकड़ों का उपयोग शिक्षा नीति बनाने, योजनाओं की निगरानी और भविष्य की रणनीति तय करने में किया जाता है।
कितने संस्थानों ने सर्वे में हिस्सा लिया?
रिपोर्ट के मुताबिक दोनों वर्षों में उच्च शिक्षण संस्थानों की भागीदारी 90 प्रतिशत से अधिक रही।
| शैक्षणिक वर्ष | पंजीकृत संस्थान | सर्वे में शामिल संस्थान | भागीदारी |
|---|---|---|---|
| 2022-23 | 60,380 | 56,180 | 90% से अधिक |
| 2023-24 | 64,756 | 59,533 | 90% से अधिक |
उच्च शिक्षा में कितनी बढ़ी छात्रों की संख्या?
पिछले दस वर्षों में उच्च शिक्षा में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
- 2014-15 में कुल नामांकन 3.42 करोड़ था।
- 2023-24 में यह बढ़कर 4.50 करोड़ पहुंच गया।
- एक दशक में कुल नामांकन में 31.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
छात्राओं की भागीदारी ने क्या नया रिकॉर्ड बनाया?
रिपोर्ट में महिला शिक्षा को लेकर भी सकारात्मक तस्वीर सामने आई है।
- 2014-15 के मुकाबले छात्राओं के नामांकन में 42.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
- 2023-24 में छात्राओं की संख्या बढ़कर 2.24 करोड़ पहुंच गई।
- उच्च शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
| वर्ष | छात्राओं का नामांकन |
|---|---|
| 2014-15 | 1.58 करोड़ |
| 2023-24 | 2.24 करोड़ |
| वृद्धि | 42.2% |
सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों की भागीदारी कितनी बढ़ी?
रिपोर्ट के अनुसार, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों की संख्या में भी बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- अनुसूचित जाति (SC) छात्रों की स्थिति
- नामांकन बढ़कर 69.72 लाख पहुंच गया।
- 2014-15 के मुकाबले इसमें 51.4 प्रतिशत वृद्धि हुई।
- अनुसूचित जनजाति (ST) छात्रों की स्थिति
- नामांकन बढ़कर 28.83 लाख हो गया।
- पिछले दस वर्षों में इसमें 75.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) छात्रों की स्थिति
- नामांकन बढ़कर 1.80 करोड़ तक पहुंच गया।
- यह 2014-15 के मुकाबले 60.2 प्रतिशत अधिक है।
| वर्ग | 2023-24 नामांकन | 10 साल की वृद्धि |
|---|---|---|
| एससी | 69.72 लाख | 51.4% |
| एसटी | 28.83 लाख | 75.7% |
| ओबीसी | 1.80 करोड़ | 60.2% |
उच्च शिक्षा में भागीदारी का स्तर कितना बढ़ा?
18 से 23 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की उच्च शिक्षा में भागीदारी को मापने वाला सकल नामांकन अनुपात (GER) भी लगातार बढ़ा है।
| वर्ष | सकल नामांकन अनुपात (GER) |
|---|---|
| 2014-15 | 23.7 |
| 2023-24 | 30.0 |
दिलचस्प बात यह है कि छात्राओं का GER अब कुल औसत से भी अधिक हो गया है।
- 2023-24 में महिला GER 31.2 दर्ज किया गया।
- 2014-15 में यह 22.9 था।
क्या लड़कियां अब लड़कों से आगे निकल गई हैं?
रिपोर्ट के मुताबिक जेंडर पैरिटी इंडेक्स (GPI) 2023-24 में 1.08 दर्ज किया गया है।
- पिछले सात वर्षों से यह आंकड़ा 1.0 से ऊपर बना हुआ है।
- इसका मतलब है कि उच्च शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी अब लड़कों से अधिक है।
विज्ञान और तकनीकी शिक्षा में क्या बदलाव आया?
देश में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) शिक्षा में भी तेजी से वृद्धि हुई है।
- 2023-24 में STEM पाठ्यक्रमों में 1.02 करोड़ छात्र नामांकित थे।
- 2014-15 में यह संख्या 91.5 लाख थी।
- STEM क्षेत्रों में छात्राओं की हिस्सेदारी बढ़कर 44 प्रतिशत हो गई है।
- 2014-15 में यह आंकड़ा 38.4 प्रतिशत था।
शिक्षकों की संख्या में कितना इजाफा हुआ?
रिपोर्ट के अनुसार देश में शिक्षकों और फैकल्टी सदस्यों की संख्या भी बढ़ी है।
- 2023-24 में कुल शिक्षकों और फैकल्टी की संख्या 17.32 लाख रही।
- महिला शिक्षकों की संख्या 2014-15 के 5.69 लाख से बढ़कर 7.78 लाख हो गई।
सर्वे के आंकड़ों को लेकर मंत्रालय ने क्या कहा?
शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक AISHE भारत में उच्च शिक्षा से जुड़े आधिकारिक आंकड़ों का सबसे बड़ा स्रोत है। हालांकि, मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि:
- आंकड़े संस्थानों द्वारा स्वयं उपलब्ध कराए जाते हैं।
- डाटा जमा करना स्वैच्छिक प्रक्रिया है।
- आंकड़ों की जांच और सत्यापन के लिए मंत्रालय की ओर से कई स्तरों पर परीक्षण किए जाते हैं।
- बड़े स्तर के सर्वेक्षणों में सामान्य सीमाएं परिणामों को मामूली रूप से प्रभावित कर सकती हैं।
रिपोर्ट से साफ है कि पिछले एक दशक में भारत में उच्च शिक्षा तक पहुंच बढ़ी है और इसमें महिलाओं तथा सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों की भागीदारी में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।