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यूपी: ऊंची हो रेलिंग तो बच सकेंगी हाईराइज में जिंदगियां, 23वीं मंजिल से पिता-पुत्र की मौत के बाद फिर उठे सवाल

Sun, 01 Nov 2026 09:05 AM IST
Vijay Singh Pundir अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: Vijay Singh Pundir Updated Sun, 01 Nov 2026 09:05 AM IST
सार

पंचशील ग्रींस दो में रहने वाले दीपांकर कुमार का कहना है कि मौजूदा रेलिंग की ऊंचाई कई परिस्थितियों में पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे पा रही है। इसे कम से कम पांच फीट तक किया जाना चाहिए। साथ ही बालकनी को अस्थायी रूप से सुरक्षित तरीके से कवर करने की अनुमति भी मिलनी चाहिए।

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Father and son die after falling from 23rd floor of a housing society; questions raised over balcony safety
सोसायटी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हाईराइज सोसायटियों की ऊंची इमारतों में रहने वाले परिवारों के लिए बालकनी अब सुरक्षा की चिंता बनती जा रही है। आए दिन बालकनी और ऊंचाई से गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुन मायवुड्स सोसायटी में 23वीं मंजिल से पिता और 11 वर्षीय बेटे की मौत ने एक बार फिर बालकनी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके बाद निवासी बालकनी की रेलिंग की ऊंचाई बढ़ाने और सुरक्षा के नियमों में बदलाव की मांग कर रहे हैं।

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निवासियों का कहना है कि हादसे के बाद केवल परिवारों को सावधानी बरतने की सलाह देना पर्याप्त नहीं है। बिल्डर, एओए और प्राधिकरण को भी सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। अगर नियमों में जरूरी बदलाव करके लोगों की जान बचाई जा सकती है तो इस दिशा में पहल होनी चाहिए।
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पंचशील ग्रींस दो में रहने वाले दीपांकर कुमार का कहना है कि मौजूदा रेलिंग की ऊंचाई कई परिस्थितियों में पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे पा रही है। इसे कम से कम पांच फीट तक किया जाना चाहिए। साथ ही बालकनी को अस्थायी रूप से सुरक्षित तरीके से कवर करने की अनुमति भी मिलनी चाहिए। उनका सुझाव है कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण सभी बिल्डर और एओए को एडवाइजरी जारी करे, ताकि सोसायटियों में बालकनी की सुरक्षा का ऑडिट कराया जा सके। निवासियों का मानना है कि बच्चों वाले परिवारों के लिए यह बेहद जरूरी है। वहीं गौड़ सिटी में रहने वाली रेखा कुमारी ने कहा बालकनी को अस्थाई रुप से कवर करने की भी इजाजत मिलनी चाहिए। हादसे दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं।
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क्या कर सकते हैं

  • बालकनी की रेंलिग की ऊंचाई बढ़ा सकते हैं। 3 फीट से कम ऊंचाई वाली रेलिंग किसी भी आपात स्थिति में जानलेवा साबित हो सकती है। इसके अलावा, केवल रेलिंग का होना ही काफी नहीं है, बल्कि उसका इमारत के मुख्य ढांचे के साथ मजबूती से जुड़ा होना भी अत्यंत आवश्यक है।
  • आधुनिक वास्तुकला में बाहरी स्वरूप को बिना नुकसान पहुंचाए अतिरिक्त सुरक्षा के लिए मजबूत वायर फेंसिंग, ग्रिल या इनविजिबल ग्रिल्स जैसे विकल्पों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
  • ग्रिल में बाहर की ओर गमले लटकना, कपड़े सूखना, सजावटी सामान, लाइट लगाना घर के निवासी और नीचे चलने वाले लोगों दोनों के ही लिए जानलेवा हो सकता है, जिस पर कड़ा प्रतिबंध होना चाहिए।

(जैसा कि जीबीयू के वास्तुकला विभाग असिस्टेंट प्रोफेसर अनंत प्रताप सिंह ने बताया।)

क्यों जरुरी है बदलाव
आर्किटेक्ट, अर्बन डिजाइनर, विजिटिंग प्रोफेसर, स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर दिल्ली की डा. कामिनी सिंह ने बताया कि हाईराइज में जान बचाने के लिए यह कदम उठाने होंगे। जिससे लोगों की जान को बचाया जा सके। नए नियमों के बनने से हम हर साल कई जिंदगियों का बचा सकते हैं।

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