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Ghaziabad News: नीट में वंशिका ने 262वीं रैंक हासिल की

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2026 12:56 AM IST
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Vanshika secured the 262nd rank in NEET
गाजियाबाद। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी)-2026 के री-टेस्ट का परिणाम जारी कर दिया गया है। इसमें जिले के कई छात्रों ने सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। डीपीएसजी मेरठ रोड की छात्रा वंशिका अग्रवाल ने ऑल इंडिया रैंक 262 हासिल की। पलक शुक्ला ने 99 परसेंटाइल के साथ टॉप वन प्रतिशत में स्थान ग्रहण किया है।
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परीक्षा का आयोजन 21 जून 2026 को हुआ था। वहीं, आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) गाजियाबाद केंद्र के क्लासरूम प्रोग्राम से जुड़े 10 छात्रों ने नीट यूजी-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर रैंक प्राप्त की हैं। वंशिका ने ऑल इंडिया रैंक 262 हासिल कर जिले और अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है।
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इसके अलावा आदर्श सिंह 2680, वंशिका सिंघल 3069, पाखी अग्रवाल 5072, स्तुति शर्मा 5874, शगुन दक्ष 6226, ईशान राय 7001, गुलशन 14402, दीया सक्सेना 18145 तथा तमन्ना कौशिक 30535 ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
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वंशिका ने अपने शिक्षकों और अभिभावकों को दिया श्रेय


वंशिका ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता व शिक्षकों को दिया। कविनगर निवासी वंशिका की माता संध्या अग्रवाल (सीए) चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं। पिता दीपांशु अग्रवाल भी चार्टर्ड एकाउंटेंट हैं। माता-पिता के सीए होने के बावजूद वंशिका मेडिकल लाइन चुनते हुए डॉक्टर बनना चाहती हैं। वंशिका का कहना है कि उन्हें शुरू से ही कुछ अलग करने की चाह थी। इसके चलते उन्होंने मेडिकल चुना। वह रेडियोलॉजी में विशेषज्ञ डॉक्टर बनना चाहती हैं। सही दिशा में मेहनत करने से परिणाम भी बेहतर मिलते हैं।






12 घंटे की नियमित पढ़ाई से हासिल की सफलता
विवेकानंद नगर निवासी पलक शुक्ला ने नीट यूजी में 99 परसेंटाइल प्राप्त कर टॉप 1 फीसदी अभ्यर्थियों में स्थान हासिल किया है। इस शानदार उपलब्धि के साथ पलक ने डॉक्टर बनने के अपने सपने को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। पलक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता प्रियंका शुक्ला एवं पुष्कर शुक्ला को दिया। माता-पिता ने कहा कि डॉक्टर बनने के बाद वह अपनी शिक्षा और ज्ञान का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित न रखें, बल्कि मानव कल्याण, समाज सेवा और जरूरतमंद लोगों की सेवा को अपने जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य बनाए। परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने प्रतिदिन लगभग 12 घंटे अध्ययन किया। पलक ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से सिद्ध किया कि कठिन परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति के सामने कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
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